टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रांची महानगर द्वारा चिन्मय मिशन परिसर में मातृ शक्ति प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी परिपूर्णानंद जी ने की। गोष्ठी में परिवार, समाज एवं राष्ट्र निर्माण में मातृ शक्ति की भूमिका पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी परिपूर्णानंद जी ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे समय में परिवार को सशक्त बनाने के लिए गृहिणी एवं मातृ शक्ति का जागरूक और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल की लत से बचाते हुए उनमें संस्कार, सेवा और त्याग की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुष समाज के सामान्य लोगों के बीच से ही निकलकर समाज को दिशा प्रदान करते हैं तथा सनातन परंपरा में संतों एवं संन्यासियों ने अपने ज्ञान और वाणी से समाज को निरंतर जागृत किया है।उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि समाज में सेवा भाव को दृढ़ करना आवश्यक है। त्याग और समर्पण से ही परिवार टिके रहते हैं। आज हिंदू समाज में बढ़ती तलाक की प्रवृत्ति चिंता का विषय है, इसलिए भारतीय परिवार व्यवस्था एवं संस्कारों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। भारतीय संस्कृति हमें केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए जीना सिखाती है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने मातृ दिवस के अवसर पर सभी मातृ शक्तियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झारखंड प्रांत प्रचारक श्री गोपाल जी ने कहा कि संघ की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी तथा वर्ष 2025 में संघ ने अपने 100 वर्ष पूर्ण किए हैं। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन एवं उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन शक्ति और समाज जागरण का प्रेरणादायी उदाहरण है।बाल्यकाल से ही उनके मन में मातृभूमि के प्रति गहरा प्रेम था। अंग्रेजी शासन के दौरान उन्होंने देश की दयनीय स्थिति को निकट से देखा और अनुभव किया कि केवल राजनीतिक स्वतंत्रता पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज का संगठित, संस्कारित एवं चरित्रवान होना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया।उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने समाज में व्याप्त जाति, भाषा, प्रांत एवं ऊँच-नीच के भेदभाव को राष्ट्र की कमजोरी माना। उनका विश्वास था कि जब तक हिंदू समाज संगठित और जागरूक नहीं होगा, तब तक भारत पुनः विश्वगुरु नहीं बन सकेगा। इसी विचार के साथ वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना था।उन्होंने आगे कहा कि डॉ. हेडगेवार ने अनुशासन, सेवा, संस्कार एवं संगठन को समाज परिवर्तन का आधार बनाया। उन्होंने स्वयंसेवकों को केवल भाषण देने के बजाय अपने आचरण से समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि राष्ट्र निर्माण का कार्य किसी एक व्यक्ति या संस्था से नहीं, बल्कि जागरूक एवं चरित्रवान नागरिकों के सामूहिक प्रयास से संभव है।श्री गोपाल जी ने कहा कि भारत कोई सामान्य देश नहीं, बल्कि वह पवित्र भूमि है जहाँ भगवान अवतरित होते हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि इतनी समृद्ध परंपरा, ज्ञान एवं संस्कृति होने के बावजूद देश की दुर्दशा क्यों हुई। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत में शत-प्रतिशत साक्षरता थी तथा यहाँ की शिक्षा व्यवस्था मनुष्य निर्माण पर आधारित थी। न्यूटन के नियम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सत्य और विज्ञान पहले से विद्यमान होते हैं, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने की होती है।उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति प्रत्येक जीव में शिव का भाव देखती है। वृक्षों, नदियों एवं पर्वतों में देवत्व का बोध कर उनकी पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है तथा जिन मूल्यों और परंपराओं को समाज भूलता जा रहा है, उन्हें पुनः स्मरण कराने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारतीयों के मन में अपनी संस्कृति, धर्म एवं शिक्षा व्यवस्था के प्रति अविश्वास उत्पन्न किया। इसके बावजूद भारत में संत-समाज एवं कुटुंब व्यवस्था के कारण भारतीय संस्कृति सुरक्षित बनी रही। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन विषय को विस्तार से समझाते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में भजन, भोजन, भ्रमण, भाषा एवं स्व-बोध को अपनाने की आवश्यकता है। बच्चों को स्व-आधारित जीवन पद्धति एवं भारतीय संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।अधिकार और कर्तव्य के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली प्राप्त करना हमारा अधिकार है, किंतु उसकी बचत करना हमारा कर्तव्य है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पॉलीथिन का उपयोग एवं उसका अनुचित निस्तारण पशुओं और प्रकृति दोनों के लिए हानिकारक है।स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मात्र 29 वर्ष की आयु में शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने विश्व को भारतीय संस्कृति एवं जीवन जीने की कला का संदेश दिया था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया है। यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।गोष्ठी में सेवा भारती की उपाध्यक्ष रंजना श्रीवास्तव, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. जिज्ञासा ओझा, शालिनी सचदेव, डॉ. देबरोती, डॉ. शुभ्रा बंदोपाध्याय, रंजना पांडेय सहित बड़ी संख्या में मातृ शक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य परिवार प्रबोधन, भारतीय संस्कारों के संरक्षण एवं समाज में सकारात्मक जागरण का संदेश देना रहा। उक्त जानकारी रांची महानगर के प्रचार प्रमुख स्निग्ध कुमार रंजन ने दी ।
शिकारी खुद बना शिकार: झारखंड के गढ़वा में मछली पकड़ने गया युवक खुद जाल में फसा, दर्दनाक मौत एबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा। जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां रंका थाना क्षेत्र के झुमेलवा डैम में मछली मारने गये एक व्यक्ति की पानी में डूबने से मौत हो गयी। बिश्रामपुर के झुमेलवा टोला निवासी सुरेश सिंह हमेशा की तरह जाल लेकर डैम पर मछली पकड़ने पहुंचा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि मछलियों को पकड़ने के लिए बिछाया गया जाल खुद उसकी जान का दुश्मन बन जायेगा। पानी के भीतर जाल में उलझने से गयी जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरेश ने डैम के पानी में जाल फेंका था। जाल खींचने के दौरान वह नीचे किसी चीज में फंस गया। फंसे हुए जाल को छुड़ाने के लिए सुरेश ने पानी में गोता लगाया। इसी जद्दोजहद के दौरान उसका शरीर उसी जाल में बुरी तरह उलझ गया, जिसमें उसने मछलियां पकड़ रखी थीं। पानी के भीतर खुद को छुड़ाने की कोशिश में वह छटपटाता रहा और अंतत: दम तोड़ दिया। एनडीआरएफ की टीम करेगी शव की तलाश जब काफी देर तक सुरेश पानी से बाहर नहीं आया, तो साथ मौजूद साथी ने शोर मचाया और ग्रामीणों को सूचित किया। देखते ही देखते डैम पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गयी और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब रंका थाना पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम से मदद मांगी है ताकि शव को डैम से बाहर निकाला जा सके। परिजनों के बीच मचा कोहराम इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम छाया हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू आॅपरेशन का इंतजार किया जा रहा है।
झारखंड कांग्रेस में मचा घमासान! मंत्री के पत्र से बढ़ी तकरार, 20 मई की बैठक पर टिकी सबकी नजर टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के भीतर इन दिनों जारी अंतर्कलह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बढ़ती असहजता को लेकर कांग्रेस नेतृत्व अब सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में 20 मई को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अहम बैठक बुलायी गयी है, जिसमें संगठन के भीतर उभरे विवादों को सुलझाने और नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने पर मंथन होगा। मंत्री के पत्र से बढ़ी सियासी हलचल दरअसल, हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा संगठन के खिलाफ लिखे गये पत्र ने पार्टी के अंदर हलचल तेज कर दी है। मंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश प्रभारी के. राजू को शिकायत पत्र भेजा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जंबो कमेटी पर भी सवाल खड़े किये हैं। चुनावी वादों को लेकर उठाए सवाल राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा किये गये वादों को भी याद दिलाया है। उन्होंने खास तौर पर 450 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा का जिक्र करते हुए सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी लागू करने की मांग उठायी है। उनके इस बयान को संगठन और सरकार दोनों पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की छवि को लेकर बढ़ी चिंता पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों का असर राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी दिखाई देने लगा है। कांग्रेस नेतृत्व इस बात को लेकर चिंतित है कि अंदरूनी विवाद का सीधा असर गठबंधन सरकार की छवि पर पड़ सकता है। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी आगामी बैठक में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर संगठनात्मक एकजुटता मजबूत करने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस के लिए अहम मानी जा रही बैठक राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन की दिशा तय करने में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
सरकारी स्कूल के परिसर से मिला नाबालिग लड़की का शव, इलाके में फैली दहशत एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जिले में एक सरकारी स्कूल के परिसर से शनिवार सुबह एक नाबालिग लड़की का शव बरामद किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार के अनुसार, पीड़िता की उम्र करीब 17 वर्ष हो सकती है। उन्होंने बताया कि मृतका की पहचान करने के प्रयास किये जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, स्कूल परिसर में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र के संचालक ने शव देखा और पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया। कुमार ने बताया, हमने मृतका की पहचान के लिए पड़ोसी थानों से उनके क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान करने को कहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार, लड़की सोपोडेरा गांव की रहने वाली नहीं थी। अधिकारी ने बलात्कार और हत्या की आशंका को लेकर कहा कि अब तक यौन उत्पीड़न का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पायेगा।
अकेली थी महिला... तभी घर में घुस गये 3 दरिंदे, फिर बारी-बारी किया दुष्कर्म; तीनों गिरफ्तार एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिम सिंहभूम। जिले में एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में शनिवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पीड़िता द्वारा छह मई को शिकायत दर्ज कराने के बाद ये गिरफ्तारियां की गयी। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (चाईबासा सदर) बहमन टूटी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरोपियों ने पीड़िता को घटना का खुलासा करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि घटना के वक्त वह घर पर अकेली थी तभी आरोपियों ने कथित तौर पर उससे बलात्कार किया। घटना का संज्ञान लेते हुए, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कुमार जयराजू और टूटी के नेतृत्व में एक संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस ने छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पीड़िता के गांव के निवासी थे। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा गया।
ईस्ट बसुरिया क्षेत्र में खेल मैदान के समीप बड़े पर्दों से घेराबंदी कर चलाया जा रहा अवैध कोयले कारोबार एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के कतरास स्थित ईस्ट बसुरिया क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खुलेआम अवैध कोयला कारोबार जारी है। हैरानी की बात यह है कि दिन-रात बेखौफ तरीके से यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ। यह अवैध कारोबार मुख्य सड़क से महज लगभग 500 गज की दूरी पर संचालित हो रहा है। जिस स्थान का उपयोग पहले बच्चे खेल मैदान के रूप में करते थे, वहां अब पूरी तरह अलग माहौल बन चुका है। मैदान के आसपास भारी-भरकम वाहनों और बड़ी गाड़ियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। ईस्ट बसुरिया चेक पोस्ट के पीछे बच्चों के खेल मैदान के समीप साफ देखा जा सकता है कि बड़े - बड़े पर्दों से घेराबंदी कर अवैध कोयले का कारोबार चलाया जा रहा है। कि इस अवैध कारोबार के कारण प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है। वहीं धनबाद एसएसपी लगातार अवैध कारोबार पर रोक लगाने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन कुछ कोयला माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर इस कारोबार को संचालित कर रहे हैं। इधर, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हेमंत सोरेन, झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस, रागिनी सिंह एवं सीआईएसएफ को टैग करते हुए अवैध कोयला कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने धनबाद एसएसपी से आग्रह किया है कि अवैध कोयला कारोबार पर तत्काल कार्रवाई की जाये तथा बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
टीम एबीएन, रांची। मां शारदे मंच रांची की ओर से मदर्स डे के अवसर पर नामकुम प्रखंड के रामपुर पंचायत के रामपुर गांव में जरूरतमंदों के बीच अनाज वितरण किया। मौके पर रामपुर पंचायत की मुखिया सरस्वती देवी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के संबंध में उन्होंने कहा कि संस्था का यह प्रयास काफी सराहनीय है, इससे गांव के वैसे जरूरतमंदों को सहायता मिलेगी, जो दैनिक मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। इस अवसर पर मुखिया ने आग्रह किया कि संस्था की ओर से पंचायत के समुचित विकास के लिए भविष्य में और भी अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में संस्था के द्वारा आयोजित किये जाने वाले अन्य कार्यक्रमों में भी पंचायत के लोगों का पूरा सहयोग रहेंगे। संस्था की ओर से वितरण किये गये सामग्री में चावल, दाल, आटा, नमक, मसाले इत्यादि शामिल थे। कार्यक्रम के संबंध में संस्था की अध्यक्ष नीतू सिन्हा ने बताया कि संस्था की ओर से नियमित रूप से इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग से वे काफी उत्साहित हैं और इससे हमें और अधिक सक्रिय रूप से कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि आगामी माह में संस्था की ओर से स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर लगाने पर विचार किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिखा प्रिया, सीमा श्रीवास्तव, रजनी बक्शी, सीमा कुमार, रीना गुप्ता, किरण सिन्हा, मधु सिन्हा, पुष्पा सिंह, रेणु वर्मा, नंदिनी प्रणय, समीर सिन्हा, पंकज गोयल, शशांक श्रीवास्तव, अजय लकड़ा, मार्गरेट लकड़ा आदि ने सहयोग किये। संस्था की ओर से समीर सिन्हा ने सभी का धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी संस्था की ओर से आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में सहयोग का आग्रह किया।
नयी कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन, समाज के विकास और एकता पर दिया गया जोर टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा की आम सभा का आयोजन स्थानीय दिगंबर जैन भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सभा में समाज के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक नवकार मंत्र के उच्चारण के साथ किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक एवं अनुशासित भाव से ओत-प्रोत हो उठा। सभा में पूर्व कार्यकारिणी ने विगत वर्षों में किये सामाजिक, धार्मिक एवं संगठनात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। वहीं कोषाध्यक्ष ने सभा का आय-व्यय एवं लेखा-जोखा सदस्यों के समक्ष रखा, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सराहा। इसके पश्चात वर्ष 2026-28 के लिए नयी कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया संपन्न हुई। समाज के सभी सदस्यों की सहमति एवं सर्वसम्मति से अमरचंद बेगानी को श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा का नया अध्यक्ष चुना गया। वहीं विनोद बेंगवानी को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गयी। नयी कार्यकारिणी में कमलेश संचेती को उपाध्यक्ष, संजय सिंघी को कोषाध्यक्ष, ललित सेठिया को सह सचिव बनाया गया। इसके साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में दिलीप बोहरा, लालचंद बोथरा, प्रकाश नाहटा एवं कोमल जी गेल्डा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गयी। कार्यकारिणी सदस्यों में अमित बेगानी, विशाल सिंघी, अशोक गुलगुलिया, दिलीप भटेरा, विजय बोथरा एवं पंकज बोथरा को शामिल किया गया।नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरचंद बेगानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तेरापंथ सभा समाज की एकता, संस्कार, सेवा एवं धार्मिक गतिविधियों को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी सदस्यों के सहयोग एवं विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। सभा में उपस्थित समाजबंधुओं ने नयी कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में सभा सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेगी। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उक्त जानकारी संघ के मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।
आधुनिक तकनीक और मजबूत सुरक्षा मानक जरूरी सिलीगुड़ी, गंगटोक और हैदराबाद में कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी समिति की अहम बैठक में संपन्न एबीएन सेंट्रल डेस्क, हैदराबाद/लोहरदगा। कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्ययन यात्रा के तहत सिलीगुड़ी, गंगटोक और हैदराबाद में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में खनन क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षण, अवसंरचना विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर व्यापक मंथन किया गया। समिति की अध्यक्षता सांसद अनुराग ठाकुर ने की। बैठकों में कोयला मंत्रालय, खान मंत्रालय तथा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), नॉर्थ ईस्टर्न कोल फील्ड्स, सेंट्रल कोल फील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारतीय खान ब्यूरो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको), मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल रहे। सिलीगुड़ी में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर विशेष चर्चा हुई। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश को महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रणनीतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। गंगटोक में समिति ने कोयला खदानों में संरक्षण, श्रमिक सुरक्षा और अवसंरचना विकास के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। इस दौरान लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने खदानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खदानों में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत किया जाए तथा आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। सुखदेव भगत ने कहा कि खनन क्षेत्र में सतत विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए स्थायी संरक्षण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कोयला खदानों एवं आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के उन्नयन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बेहतर सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं से उत्पादन क्षमता में तेजी आयेगी और स्थानीय विकास को भी बल मिलेगा। वहीं हैदराबाद में आयोजित बैठक में कुकिंग कोल की कमी और इस्पात उत्पादन में स्थानीय कोयले के अधिक उपयोग पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग से इस्पात उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के कोयला और खनिज क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना तथा सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को और अधिक प्रभावी बनाना था।
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