एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आज हिंदू समाज अपने धर्म और संस्कृति को भूलकर नेतागिरी के चक्कर में जात-पात को बढ़ावा देने में और दूसरे को नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। समाज में एक जुटता जरूरी है, परंतु अपने धर्म को और संस्कृति को भी साथ लेकर चलने की आवश्यकता है; क्योंकि राजनीतिक करने वाले लोग जात-पात वर्ण में हमें बांट कर फायदा उठाने का प्रयास करते रहे हैं। यह समझने की आवश्यकता है। निश्चित रूप से समय बदल रहा है। लोग जात-पात से ऊपर उठकर शुद्ध सनातनी बनने का प्रयास कर रहे हैं, जिसका प्रमाण है। मंदिरों में होने वाली भीड़ जिसकी झलक देखने को मिल रहा है। ठीक उसी तरह हमारे आदिवासी समाज के भी हमारे भाई बंधु युवा पीढ़ी अपने संस्कृति को भूलते हुए वेस्टर्न कल्चर को ज्यादा अपना रहे।अगर यही स्थिति रही, तो आदिवासी समाज का पतन निश्चित है। अब समय आ गया है कि आदिवासी समाज को भी जात पात को भूलकर एकजुट होकर अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए खड़ा होना पड़ेगा। तब कहीं जाकर हम सभी सरना सनातनी भारत के साथ-साथ अपने झारखंड प्रदेश का विकास कर पायेंगे; क्योंकि झारखंड प्रदेश में जितने भी खनिज संपदा का उत्खनन होता है। लगभग सारा जमीन हमारे आदिवासी मूलवासी भाइयों का है और उनकी स्थिति को देखा जाये तो सबसे गरीब और सबसे अशिक्षित हमारे आदिवासी भाई ही है। आज झारखंड प्रदेश को चलाने वाले ब्यूरोक्रेट को आप देखेंगे, तो बैठे हुए लगभग सभी वरिष्ठ पदाधिकारी बाहरी है। क्या हमारे झारखंड के आदिवासी, मूलवासी कुर्सी में बैठकर झारखंड को नहीं चला सकते हैं। निश्चित रूप से चला सकते हैं। परंतु हम झारखंडियों को जान-बूझकर शिक्षा से दूर रखा गया ताकि यहां से खनिज संपदा का दोहन हो सके। क्योंकि जो स्थानीय होगा उसी को अपने गांव शहर प्रदेश का दर्द समझ में आयेगा। आज झारखंड बने हुए 26 साल हो गया इन 26 वर्षों में सिर्फ और सिर्फ झारखंड को लूटने का प्रयास किया गया। विकास के नाम पर सिर्फ लोगों को भ्रमित किया गया। जाति धर्म के नाम पर लड़ाया गया और नेता पदाधिकारी अपना कमाई दिन दोगुना रात चौगुना करते चले गये और झारखंड के गरीब और गरीब होते चले गये। आज झारखंड की पहचान खनिज संपदा से ही है। जब सारा खनिज यहां से चला जायेगा, तो झारखंड की दुर्दशा क्या होगी? यह सोचकर मन विचलित हो जाता है। झारखंड में खनिज संपदा का भरमार होने के बाद भी आदिवासी मूलवासी दूसरे राज्य में रोजगार करने को जाते हैं। इससे ये समझ में आता है कि हम झारखंडी किस ओर जा रहे हैं? इसलिए समय रहते हम सभी को जात धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। तब हमारे आने वाले पीढ़ी का भाग्य को हम सभी बदल सकते हैं। जागो झारखंडी जागो नहीं तो कुछ वर्षों के बाद राजनीति के चक्कर में झारखंड से भागो।
मानव सेवा का अद्भुत उदाहरण 1 वर्ष में आश्रम एवं मंदिर के अन्नपूर्णा महाप्रसाद मे करीब 1 लाख 72 हजार लोगों ने किया भोजन टीम एबीएन, रांची। जिले के पुंदाग स्थित परमहंस डा• संत शिरोमणी स्वामी सदानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के अंतर्गत कार्यरत सामाजिक संस्था श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम आज मानव सेवा, धर्म एवं करुणा का प्रेरणादायी केंद्र बन चुका है। ट्रस्ट द्वारा संचालित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य प्रेम सभागार) एवं श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर ने झारखंड में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में वर्तमान समय में लगभग 50 मंदबुद्धि, दिव्यांग एवं निराश्रित लोगों की सेवा की जा रही है। यहां रहने वाले सभी जरूरतमंदों को प्रतिदिन तीनों समय नि:शुल्क भोजन, वस्त्र, देखभाल एवं मानवीय सम्मान प्रदान किया जाता है। आश्रम में सेवा भावना के साथ उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जीवनयापन की समुचित व्यवस्था की गयी है। समाज के उपेक्षित एवं बेसहारा लोगों के लिए यह आश्रम किसी परिवार से कम नहीं है। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि विगत एक वर्ष में आश्रम में लगभग 72 हजार निराश्रितों एवं सेवादारों को भोजन कराया गया। यह सेवा कार्य निरंतर जारी है तथा प्रत्येक दिन सेवा, समर्पण एवं मानवता का संदेश दे रहा है। आश्रम में सेवा कार्य को ईश्वर भक्ति एवं मानव कल्याण का सर्वोत्तम माध्यम माना जाता है। वहीं श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में प्रत्येक रविवार को अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का भव्य आयोजन किया जाता है। इस महाप्रसाद में लगभग 2 हजार श्रद्धालु एवं जरूरतमंद लोग भोजन ग्रहण करते हैं। बीते एक वर्ष में करीब 1 लाख श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद प्राप्त किया। इस प्रकार आश्रम एवं मंदिर दोनों स्थानों को मिलाकर लगभग 1 लाख 72 हजार लोगों को भोजन कराया गया, जो समाज सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण है। इन सेवा कार्यों को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, सचिव मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, निर्मल छावनिका, सुरेश अग्रवाल, संजय सर्राफ, मधुसूदन जाजोदिया, मनीष सोनी, सुनील पोद्दार, नंदकिशोर चौधरी, सुरेश चौधरी, विशाल जालान, पंडित अरविंद पांडे, अरविंद अग्रवाल, सुरेश भगत, ज्ञान प्रकाश शर्मा, विष्णु सोनी सहित अन्य सदस्यगण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सभी सदस्य निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। ट्रस्ट द्वारा संचालित यह सेवा अभियान न केवल भूखों को भोजन उपलब्ध करा रहा है, बल्कि समाज में मानवता, करुणा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संदेश प्रसारित कर रहा है।
एमपी के चोर गिरोह ने उड़ाये थे रांची में बारात घर से गहने, दो पुलिस अफसरों ने एक सप्ताह तक रेकी कर किया गिरफ्तार टीम एबीएन, रांची। एक मई को रांची के बरियातू में एक शादी समारोह से 20 लाख रुपये के गहने उड़ाने वाले शातिर चोर जैकी सिंह को रांची पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी के पास से 16 लाख के गहने भी बरामद कर लिये गये हैं। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि एक मई को रांची के मैथन मैरेज हॉल में एक शादी समारोह के दौरान अज्ञात अपराधियों द्वारा दुल्हन का गहनों और रुपयों से भरा बैग तथा मोबाइल चोरी कर ली गयी थी। मामले को लेकर बरियातू थाना कांड सं0-79/26 दिनांक-02.05.26 धारा-303 (2)/62(2)/318 (4) भारतीय न्याय संहिता दर्ज हुआ था। इस कांड के उद्भेदन और कांड में संलिप्त अज्ञात अपराधियों तथा चोरी किये गये सामान की बरामदगी के लिए डीएसपी सदर, रांची के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी थी। गठित टीम के द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार और तकनीकी सहयोग से अंतर्राज्यीय चोर गिरोह से जुड़े अभियुक्त जैकी सिंह, पिता-नंदन सिंह, निवासी ग्राम- गुलखेड़ा, थाना-बोड़ा, जिला- राजगढ़ (मध्य प्रदेश) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के कम में अभियुक्त द्वारा अपना अपराध स्वीकार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर चोरी किये गये करीब 16 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी और हीरे के आभूषण तथा 96,800 रुपये नगद बरामद किया गया। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि एमपी का गुलखेड़ा गांव चोरी के लिए खासा बदनाम है। इस गांव के लोग अलग-अलग राज्यों में जाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। रांची के शादी समारोह में चोरी करने वाला जैकी सिंह भी इसी गांव का रहने वाला है। जैकी सिंह ट्रेन के माध्यम से रांची पहुंच था और एक बच्चे के साथ शादी समारोह में गेस्ट बनकर पहुंचा और वहां से दुल्हन का गहनों से भरा बैग लेकर फरार हो गया था। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि बरियातू थाने के दो सब इंस्पेक्टर एक सप्ताह से अधिक समय तक मध्य प्रदेश में रहकर जैकी की रेकी करते रहे, ताकि उसे गिरफ्तार किया जा सके। जैकी का सही पता मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे गिरफ्तार किया गया।
झारखंड के बोकारो में आॅनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 980 मेडिकल स्टोर बंद, करोड़ों का कारोबार प्रभावित एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। झारखंड में बोकारो जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले की करीब 980 मेडिकल दुकानें बंद रहीं। यह बंदी आॅनलाइन दवाओं की बिक्री और भारी छूट के विरोध में आयोजित की गयी। राज्य संगठन के निर्देश पर हुए इस आंदोलन का असर पूरे जिले में देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं, जिससे आम लोगों को दवाएं खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मासूम अदिति पांडे की सकुशल बरामदगी हेतु सदर थाना के समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन, न्याय की मांग हुई बुलंद टीम एबीएन, रांची। 18 माह की मासूम अदिति पांडे की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर आज 20 मई 2026 को सदर थाना, रांची के समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार के द्वारा एसएसपी राकेश रंजन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो, अदिति की माता अंकिता पांडे, पिता मनीष पांडे, बड़ी संख्या में महिला, सामाजिक कार्यकर्ता, युवाओं एवं आम नागरिकों ने भाग लेकर मासूम बच्ची की सुरक्षित वापसी एवं त्वरित न्याय की मांग को बुलंद किया। इस दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले 12 दिनों से एक 18 माह की मासूम बच्ची का लापता रहना अत्यंत गंभीर विषय है। यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। प्रशासन इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शीघ्र सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करे। प्रशासन तत्काल अदिति का स्थिति स्पष्ट कर परिजन को संतुष्ट करे। साथी ही उन्होंने कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मासूम अदिति पांडे की सकुशल बरामदगी तक न्याय और इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी। प्रदर्शन के उपरांत प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बच्ची की अविलंब सकुशल बरामदगी, उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं मामले की नियमित मॉनिटरिंग की मांग की गयी। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि एक मासूम बच्ची की सुरक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी है, ऐसे मामलों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अंत में देवेन्द्र नाथ महतो ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि इंसानियत और न्याय के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें, ताकि मासूम अदिति अपने परिवार तक सुरक्षित लौट सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हरिहरगंज पलामू। शहरी क्षेत्र के भगत तेंदुआ स्थित अपना इंडेन ग्रामीण वितरक के गैस गोदाम से 275 गैस भरा हुआ सिलेंडर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में औरंगाबाद जिला के माली थाना अंतर्गत रतनपुरा निवासी प्रोपराइटर दीपक कुमार ने हरिहरगंज थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसके अनुसार 19 मई की शाम उनका स्टाफ रतनपुरा निवासी अनुज कुमार गोदाम बंद कर अपने घर चला गया था। 20 मई की दोपहर 1 बजे दुकान के चहारदीवारी में लगा छोटा गेट का ताला खोलकर अंदर गया। तो बड़ा गेट का ताला टूटा पाया। साथ ही गोदाम में रखा हुआ गैस से भरा हुआ 275 सिलेंडर गायब पाया। प्रोपराइटर दीपक कुमार ने बताया कि 27 अप्रैल को मुजफ्फरपुर डिपो से एक ट्रक गैस से भरा सिलेंडर आया था। घटना की सूचना मिलते ही एस?आई संतोष कुमार, पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर जाकर छानबीन की। उधर, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार ने बताया कि इंडेन गैस वितरक दीपक कुमार द्वारा 275 सिलेंडर चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिला राजी पड़हा व्यवस्था लोहरदगा के बैनर तले सेन्हा प्रखंड के झालजमीरा स्थित जामुन डीपा टाना टोली में पारंपरिक बिशु सेंदरा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के 34 पड़हा से बड़ी संख्या में पाहन, पुजार, महतो, गौरव, जेठरैयत, पारंपरिक अगुवा एवं आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक एकता और पारंपरिक व्यवस्था की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत घर-द्वार त्याग कर दो दिनों से जंगल में रह रहे लोगों और डेरा का भ्रमण कर उनके हालचाल जानने से हुई। इसके बाद पारंपरिक विधि-विधान के साथ समाज के अगुवाओं का सम्मान किया गया। पाहन, पुजार, महतो, गौरव एवं जेठरैयत सहित अन्य पारंपरिक पदाधिकारियों को गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। जिला राजी पड़हा व्यवस्था के जिला बेल लक्ष्मी नारायण भगत ने कहा कि आदिवासी समाज की एकता और पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पड़हा व्यवस्था आदिवासी समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान है और इसे बचाए रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से समाज को सही दिशा देने, सामाजिक कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा समाज में आपसी समन्वय बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गयी। उन्होंने बताया कि बैठक में धार्मिक एवं गैरमजरूआ जमीन से जुड़े मामलों, गांवों की समस्याओं, अधिकारियों के साथ समन्वय, आदिवासी सहयोगी संगठनों की भूमिका तथा समाज की पारंपरिक कानून व्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न प्रस्ताव भी प्रस्तुत किये गये, जिन पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के इस दौर में आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति और परंपरा को बचाये रखना बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान उसकी मातृभाषा, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत से होती है। यदि नयी पीढ़ी अपनी संस्कृति से दूर हो जायेगी तो समाज की मूल पहचान कमजोर पड़ जायेगी। इसलिए युवाओं को अपनी परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना जरूरी है। जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने कहा कि पड़हा व्यवस्था आदिवासी समाज की रीढ़ है। यह व्यवस्था सदियों से समाज को एक सूत्र में बांधे हुए है। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी तक पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक व्यवस्था को पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं से समाज, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। बैठक में जमीन विवाद एवं गांवों की विभिन्न समस्याओं पर विशेष चर्चा की गयी। समाज के लोगों ने एकजुट होकर समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। सभा का संचालन सुखदेव उरांव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मीडिया प्रभारी जगदीप भगत ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला बेल लक्ष्मी नारायण भगत, देवान वीरेंद्र उरांव, कोटवार डोमना उरांव, भंडारी गोसाई भगत, उप बेल बुद्धेश्वर उरांव, उप देवान बजरंग उरांव, उप भंडारी नारायण उरांव, उप कोटवार सुखदेव उरांव, मंजन उरांव, जगदीप भगत, सुरेंद्र उरांव, बबलू उरांव, राजू बाखला, मधुसूदन टाना भगत, बिरी टाना भगत, रंजन उरांव, संजीव भगत, अरविंद उरांव, सोमदेव उरांव, सोमे उरांव, बिरसा उरांव, विनोद भगत, रामचंद्र उरांव, नमी उरांव, कैलाश उरांव सहित विभिन्न गांवों से पहुंचे बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
पोड़ाहाट : घंटों फायरिंग के बाद भागे नक्सलीपोड़ाहाट जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, घंटों चली फायरिंग के बाद जंगल में भागे उग्रवादीएबीएन न्यूज नेटवर्क, चाईबासा। जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गयी। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे।सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंगजानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग आॅपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गयी।घंटों चली गोलीबारीमुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जतायी जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गये हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किये गये हैं।एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टिअमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च आॅपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गयी है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंकापुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
लोहरदगा : भाजपा नेता अशोक घोष का निधन, शोकएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। थाना टोली निवासी सह भाजपा नेता अशोक घोष का निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार थे। उनके आकस्मिक निधन पर आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने भगवान से उनकी आत्मा की शांति की कामना की है। उन्होंने कहा कि मिलनसार स्वभाव के समाजसेवी अशोक घोष का असामयिक निधन काफी दुखदायी है।मौके पर झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेन्द्र सुमन, लोहरदगा जिला अध्यक्ष मुमताज अहमद, अरुण राम, अनिल सिंह, सुबोध सैन गुप्ता, अरशद इमाम, रिजवान जाहिद, अकबर अंसारी, अयूब अंसारी, अब्बास अंसारी, मुश्ताक अंसारी, नौशाद अंसारी, परवेज शाह आदि ने कहा कि स्वर्गीय अशोक घोष हमेशा सामाजिक समरसता के पक्षधर थे। सबों के दु:ख दर्द में शरीक होते थे।
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