टीम एबीएन, रांची। रांची जिला राजद की ओर से मंगलवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बापू, देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और शहीदे आजम शेख भिखारी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। जयंती समारोह की अध्यक्षता रांची जिला राजद अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो ने की। मौके पर श्री महतो ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताये सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात कही। जयंती समारोह के आरंभ में राष्ट्रपिता बापू, स्व लाल बहादुर शास्त्री और शहीद ए आजम शेख भिखारी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित की गयी। मौके पर राजेश यादव, मनोज अग्रवाल, आबिद अली, रामकुमार यादव, श्रीराम भगत, विजय राय, विशाल राय, शबबर फातमी, लालू प्रसाद, मुर्शीद आलम, नवीन कुमार, रामभान सिंह, विकास कुमार आदि उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू/ रांची। कमलेश सिंह तीन अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने वाले है। इधर, पार्टी में उनके शामिल होने का विरोध भी शुरू हो गया है।सोमवार की रात पार्टी नेता सह भाजपा किसान मोरचा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह के रांची स्थित आवास पर बैठक के बाद मंगलवार की सुबह पार्टी के वरिष्ठ नेतागण प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मंराडी व संगठन मंत्री करमबीर सिंह से मिलकर अपनी भावना से अवगत कराया। मौके पर ज्योतिरीश्वर सिंह, विनोद सिंह, कामेश्वर कुशवाहा, प्रफुल्ल सिंह, अशोक सिंह ,रविंद्र सिंह आदि मौजूद थे।भाजपा किसान मोरचा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह का कहना है हम सभी मिल कर निष्ठावान कार्यकर्त्ता और नेताओं की भावना से नेतृत्व को अवगत करा रहे हैं। हमारे नेता और कार्यकता यहां काफी मजबूत स्थिति में हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में बिना पार्टी सिंबल के चुनाव लडकर विनोद सिंह ने तीस हजार से अधिक मत लाये थे।हम सभी चाहते हैं पार्टी का कुनुबा बढे, पर जो पार्टी के कुनबे में शामिल हो रहे हैं। उनकी योग्यता और पृष्ठभूमि का ख्याल जरूर रखा जाना चाहिए। बस इसी सवाल पर हमलोगो का विरोध है। वैसै नेता जिनका जनाधार स्वयं खिसक चूका हैैं, उसे विधायक बनाने के लिए भाजपाई खून पसीना बहाये और बाद में इन क्रियाकलाप से प्रताडित भी हों। आज मुलाकात के दौरान मंराडी जी और संगठन मंत्री दोनो ने हम नेताओं के समक्ष कहा अभी तक उनलोगो को कमलेश सिंह के दल में शामिल होने की जानकारी नही हैं।
अग्रसेन जयंती समारोह के दूसरे दिन निकली शोभायात्रा धर्म के प्रकाश को देश के विकाश को अग्रवंशों की टोली चली... श्री अग्रसेन जयंती को लेकर निकाली गयी शोभायात्रा टीम एबीएन, कोडरमा। श्री अग्रवाल समाज के तत्वाधान में चल रहे चार दिवसीय श्री अग्रसेन जयंती समारोह 2024 के दूसरे दिन, मंगलवार को भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा झुमरी तिलैया के अड्डी बंगला रोड स्थित सीताराम जी ठाकुरबाड़ी से प्रारंभ होकर श्री अग्रसेन भवन तक संपन्न हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज के पुरुष और महिलाएं शामिल हुए, जिन्होंने महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों और आदर्शों को याद किया। शहर की सड़कों पर निकली महाराजा अग्रसेन की झांकी शोभायात्रा की शुरुआत महाराजा अग्रसेन की भव्य झांकी के साथ हुई, जिसे एक सुसज्जित वाहन पर सजाया गया था। समाज के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंघानिया ने नारियल पधारकर और पूजन कर इस शोभायात्रा की विधिवत शुरूआत की। शोभायात्रा में पुरुषों ने श्वेत कुर्ता-पायजामा और महिलाओं ने गुलाबी साड़ियां पहनकर हिस्सा लिया, जिससे शोभायात्रा का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया। महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक समाज के अध्यक्ष गोपी कृष्ण अग्रवाल और सचिव हिमांशु केडिया ने अपने उद्बोधन में महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन का एक रुपया और एक ईंट का सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके हरियाणा स्थित अग्रोहा धाम में देश का सबसे बड़ा मंदिर विकसित किया गया है, जो उनके सामाजिक और आर्थिक सिद्धांतों का प्रतीक है। इस सिद्धांत के तहत उनके राज्य में आने वाले नए लोगों को व्यापार और आवास के लिए समाज के सभी सदस्यों से एक-एक रुपया और एक-एक ईंट दी जाती थी। इससे न केवल उनकी आर्थिक सहायता होती थी, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और समानता को बढ़ावा मिलता था। ढोल-नगाड़ों के बीच गूंजते रहे एक रुपया, एक ईंट के नारे शोभायात्रा भदानी रोड, स्टेशन रोड, और झंडा चौक होते हुए श्री अग्रसेन भवन तक पहुंची। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों की धुन पर समाज के लोगों ने एक रुपया, एक ईंट, महाराजा अग्रसेन की यही रीत के नारों से पूरे शहर को गुंजायमान कर दिया। शोभायात्रा में सबसे आगे महाराजा अग्रसेन के 18 गोत्र का बैनर लेकर समाज के लोग चल रहे थे।भजनों की धुन पर झूमे श्रद्धालुशोभायात्रा के दौरान कोडरमा के प्रसिद्ध गायक नवीन पांड्या ने धार्मिक और प्रेरणादायक भजन प्रस्तुत किए। उनके भजनों धर्म के प्रकाश को देश के विकास के लिए अग्रवंशों की टोली चली, आन बान और शान है यह अग्रवाल समाज की, और हम अग्रसेन की महिमा करते हैं पर श्रद्धालु भक्त झूमते नजर आये। शोभायात्रा का वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया।नृत्य प्रतियोगिता और अन्य कार्यक्रमों का आयोजनशोभायात्रा के बाद विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें नृत्य प्रतियोगिता प्रमुख रही। इस कार्यक्रम की परियोजना निदेशक सलोनी अग्रवाल थीं, जिन्होंने सफलतापूर्वक इसका संचालन किया। इसके बाद 1 मिनट शो का आयोजन भी किया गया, जिसके परियोजना निदेशक मोहन सुल्तानिया, आयुष पोद्दार, उमंग कंदोई और यश बंसल थे।कार्यक्रम में सह सचिव अरविंद चौधरी, कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल, कार्यक्रम के परियोजना निदेशक विपुल चौधरी के अलावा प्रदीप केडिया, संजीव खेतान, संजय खेमानी, अशोक पिलानिया, संजय नरेड़ी, संतोष लड्ढा, संजय अग्रवाल, मनोज केडिया, दीपक सिंघानिया, कैलाश चौधरी,आयुष पोद्दार, विजय केडिया, प्रदीप नबाब, शैलेश दारूका, प्रीति केडिया, रजनी अग्रवाल, शीतल पोद्दार, प्रीति जगनानी, रिचा भोजन, विकाश अग्रवाल, जितेन्द्र टिब्रेवाल, रमेश कंन्दोई, सुभाष अग्रवाल, सुरेंद्र गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, किशोर बंसल, गोविंद फतेसरिया, गोपाल मोदी, रमेश कंदोई, प्रदीप हिसारिया, गोपाल सर्राफ, सुधीर गुटगुटिया, राकेश सुरेखा सहित अन्य मौजूद थे।समारोह में उत्साह का माहौलश्री अग्रसेन जयंती समारोह के दूसरे दिन के कार्यक्रम में समाज के लोगों के बीच उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और सिद्धांतों को याद करते हुए समाज ने उन्हें एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में अपनाने का संकल्प लिया।
भाजपा में शामिल होने के मामले पर विधायक अंबा प्रसाद ने भ्रामक खबरों का किया खंडनटीम एबीएन, बड़कागांव। 2 अक्टूबर को भाजपा में जाने के भ्रामक मैसेज सोशल मीडिया में वायरल होने पर विधायक अंबा प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस खबर को बेबुनियाद एवं निराधार बताते हुए खंडन किया है। अंबा प्रसाद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी की सच्ची सिपाही होने के नाते मैं किसी प्रकार से किसी दूसरे दल में शामिल होने का कभी सोच भी नहीं सकती। पूर्ववर्ती भाजपा और आजसू गठबंधन की सरकार के दौरान भी मेरे परिवार को विरोधियों ने काफी प्रताड़ित किया है, उस समय भी भाजपा में शामिल करवाने के लिए कई हथकंडे अपनाये गये। यहां तक की लोकसभा चुनाव के दौरान भी ईडी की छापेमारी सिर्फ परेशान करने के नियत से किया गया। विधायक ने कहा कि अगर हमें दल बदल करना रहता तो मेरे परिवार पर हो रहे अत्याचार के दौरान ही कर लिया जाता लेकिन कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही होने के नाते मेरे पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव व माता निर्मला देवी समेत पूरे परिवार ने काफी प्रताड़ना झेली है, मुझे भी बीच में पढ़ाई छोड़कर राजनीति में आना पड़ा। आज बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र वासियों के लिए विस्थापन से हो रही सभी समस्याओं का जिम्मेदार भाजपा सरकार है, विस्थापितों के हक अधिकार सुनिश्चित कांग्रेस ही कर सकती है। भाजपा में शामिल होने की खबर बिल्कुल बेबुनियाद और निराधार है। उक्त आशय की जानकारी विधायक के निजी सचिव संजीत कुमार ने दी।
टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा के तत्वावधान में अग्रसेन जयंती महोत्सव सह 48वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा महाराजा अग्रसेन भवन से प्रारंभ हुई, जो रांची नगर के प्रमुख मार्गों अप्पर बाजार, बंशीधर अडूकिया रोड, साबू रिक्शा रोड, कोतवाली शहीद चौक, पुस्तक पथ, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, नॉर्थ मार्केट रोड, ईस्ट मार्केट रोड, कोर्ट सराय रोड, होते हुए पुन: अग्रसेन भवन में समापन हुई। अपराह्न 3 बजे महाराजा अग्रसेन जी की पूजा अर्चना एवं प्रसाद वितरण के साथ भव्य शोभा यात्रा मे महाराजा अग्रसेनजी की मनमोहक आकर्षक झांकी निकाली गई। शोभायात्रा रांची के प्रमुख मार्ग से गुजरी जगह-जगह सामाजिक संगठनों माहेश्वरी सभा, मारवाड़ी युवा मंच, मारवाड़ी सहायक समिति, मारवाड़ी ब्राह्मण सभा, डॉ लालचंद बगड़िया समिति, श्री जीण माता सेवा समिति, दिगंबर जैन मंदिर समिति, सहित अन्य संस्थाओं के लोगों ने अग्रसेन जी को पुष्प की वर्षा, आरती एवं प्रसाद वितरण किया। पूरा नगर अग्रसेन जी के जयकारा से गुंजमान रहा। शोभा यात्रा में शामिल भजन गायको में सुमधुर मनमोहक भजनों से पूरे माहौल को अग्रसेनमय बना दिया। तथा भजनों पर भक्तों को खूब झुमाया। शोभा यात्रा में पुरुष एवं महिलाएं पारंपारिक वेशभूषा में अग्रध्वज लेकर शामिल हुए। शोभा यात्रा का संचालन अग्रवाल युवा सभा ने किया। शोभा यात्रा मे प्रमोद कुमार अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, मनोज चौधरी, सुरेश चंद्र अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, विनोद कुमार जैन, सज्जन पाड़िया, पवन पोद्दार, कौशल राजगढ़िया, चंडी प्रसाद डालमिया, निर्मल बुधिया, अमर अग्रवाल, संजय सर्राफ, विजय कुमार खोवाल, अजय डीडवानिया, कमल खेतावत, मंजीत जाजोदिया, विनोद टिबडेवाल, नरेश बंका, रमाशंकर बगड़िया, राजकुमार मित्तल, रोहित पोद्दार, अंजय सरावगी, शिवभावसिंहका, आनंद जालान, मुकेश जाजोदिया, विकास अग्रवाल, सौरभ बजाज, सुनील केडिया, सुनील पोद्दार, रौनक झुनझुनवाला, विशाल पाड़िया, विनीता सिंघानिया, रीना सुलेखा, सहित बड़ी संख्या मे महिलाएं पुरुष शामिल थे।
महाराजा अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत में भगवान श्रीकृष्ण के समकालीन हुआ था : संजय सर्राफ टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता एवं अग्रवाल सभा के पूर्व प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि इस वर्ष महाराजा अग्रसेन जयंती 3 अक्टूबर दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। अश्विन शुक्ल प्रतिपदा अर्थात नवरात्रि के प्रथम दिवस को महाराज अग्रसेन के जन्म दिवस के रूप में अग्रसेन जयंती मनायी जाती है। महाराज अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत में भगवान श्री कृष्ण के समकालीन हुआ था। महाराजा अग्रसेन अग्रवाल अर्थात वैश्य समाज के जनक कहे जाते हैं। विश्व समाज धार्मिक मान्यतानुसार इनका जन्म सूर्यवंशीय महाराजा वल्लभ सेन के अन्तिमकाल और कलियुग के प्रारंभ में आज से 5187 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके राज में कोई दुखी या लाचार नहीं था। बचपन से ही वे अपनी प्रजा में बहुत लोकप्रिय थे। वे एक धार्मिक, शांति दूत, प्रजा वत्सल, हिंसा विरोधी, बली प्रथा को बंद करवाने वाले, करुणानिधि, सब जीवों से प्रेम, स्नेह रखने वाले दयालु राजा थे। ये बल्लभ गढ़ और आगरा के राजा बल्लभ के ज्येष्ठ पुत्र, शूरसेन के बड़े भाई थे। महाराजा अग्रसेन भगवान राम के पुत्र कुश के 34 वीं पीढ़ी के हैं। 15 वर्ष की आयु में, अग्रसेन जी ने पांडवों के पक्ष से महाभारत युद्ध लड़ा था। भगवान कृष्ण ने टिप्पणी की है कि अग्रसेनजी कलयुग में एक युग पुरुष और अवतार होंगे जो जल्द ही द्वापर युग की समाप्ति के बाद आने वाले हैं। अग्रसेन सौरवंश के एक वैश्य राजा थे। जिन्होंने अपने लोगों के लाभ के लिए वानिका धर्म अपनाया था । वस्तुत:, अग्रवाल का अर्थ है। अग्रसेन की संतान या अग्रोहा के लोग प्राचीन में एक शहर हरियाणा क्षेत्र में हिसार के निकट कुरु पंचला की स्थापना अग्रसेन ने की थी। भारतेन्दु हरिश्चंद्र के वृत्तांत के अनुसार, महाराजा अग्रसेन एक सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा थे, जिनका जन्म महाभारत महाकाव्य काल में द्वापर युग के अंतिम चरणों में हुआ था, वे भगवान कृष्ण के समकालीन थे। वह राजा वल्लभ देव के पुत्र थे जो कुश (भगवान राम के पुत्र) के वंशज थे। वह सूर्यवंशी राजा मान्धाता के वंशज भी थे। अग्रसेन ने 18 गोत्र की स्थापना जो 18 ऋषियों के नाम पर आधारित है, जिनसे अग्रवाल गोत्र अस्तित्व में आये। अग्रसेन ने राजा नागराज कुमुद की बेटी माधवी से विवाह किया, दूसरी पत्नी का नाम सुंदरावती था। उनके 18 पुत्र थे। महाराज अग्रसेन ने अपने प्रजा-जनों की खुशहाली के लिए शिवजी की घोर तपस्या की, जिससे भगवान शिव ने प्रसन्न हो उन्हें मां लक्ष्मी की तपस्या करने की सलाह दी। मां लक्ष्मी ने परोपकार हेतु की गयी तपस्या से खुश हो उन्हें दर्शन दिये और कहा कि अपना एक नया राज्य बनाएं और क्षात्र धर्म का पालन करते हुए अपने राज्य तथा प्रजा का पालन - पोषण व रक्षा करें। उनका राज्य हमेशा धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगा एवं महाराजा अग्रसेन जी के सभी पुत्रों के घर में हमेशा के लिए निवास करने का वरदान तो दिया ही लेकिन साथ में महाराजा अग्रसेन जी के सभी पुत्रों की कुलदेवी होने का वरदान भी दिया। अपने नये राज्य की स्थापना की। जिसका नाम अग्रेयगण या अग्रोदय रखा गया। जिसकी राजधानी अग्रोहा रखा गया। जो आज के हरियाणा के हिसार के पास हैं। आज भी यह स्थान अग्रवाल समाज के लिए पांचवे धाम के रूप में पूजा जाता है, वर्तमान में अग्रोहा विकास ट्रस्ट ने बहुत सुंदर मंदिर, धर्मशालाएं आदि बनाकर यहां आने वाले अग्रवाल समाज के लोगो के लिए सुविधायें जुटा दी है। महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का अग्रदूत कहा जाता है। अपने क्षेत्र में सच्चे समाजवाद की स्थापना हेतु उन्होंने नियम बनाया कि उनके नगर में बाहर से आकर बसने वाले प्रत्येक परिवार की सहायता के लिए नगर का प्रत्येक परिवार उसे एक तत्कालीन प्रचलन का सिक्का व एक ईंट देगा, जिससे आसानी से नवागंतुक परिवार स्वयं के लिए निवास स्थान व व्यापार का प्रबंध कर सके। महाराजा अग्रसेन ने तंत्रीय शासन प्रणाली के प्रतिकार में एक नई व्यवस्था को जन्म दिया, उन्होंने पुन: वैदिक सनातन आर्य सस्कृंति की मूल मान्यताओं को लागू कर राज्य की पुनर्गठन में कृषि-व्यापार, उद्योग, गौपालन के विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा का बीड़ा उठाया। इस तरह महाराज अग्रसेन के राजकाल में अग्रोदय गणराज्य ने दिन दूनी- रात चौगुनी तरक्की की।
झारखंड में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर हुई अंतरराज्यीय सीमा बैठक, की गयी ये चर्चा एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। झारखंड में संताल परगना दुमका प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक क्रांति कुमार गढ़ीदेसी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के पुलिस पदाधिकारी के साथ बीते सोमवार को आनलाइन अंतरराज्यीय सीमा की बैठक आयोजित की गयी। अंतरराज्यीय सीमा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक क्रांति कुमार ने पश्चिम बंगाल के वीरभूम प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक से झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के मसले पर विशेष जानकारी साझा किया गया। उन्होंने बैठक में घटना मुक्त चुनाव संपन्न कराने में पश्चिम बंगाल के पुलिस पदाधिकारियों से सहयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमावर्ती सभी जिलों से अवैध शराब के परिवहन एवं रोकथाम के संबंध में विशेष दिशा निर्देश दिये। पुलिस महानिरीक्षक ने अवैध धन राशि का परिवहन नहीं हो इसके लिए चेक पोस्ट बनाने एवं कड़ी निगरानी करने, मादक पदार्थों के परिवहन की रोकथाम के लिए चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखने के संबंध में भी विशेष दिशा निर्देश दिये। उन्होंने झारखंड राज्य के फरार अभियुक्तों के एवं पश्चिम बंगाल राज्य के कांडो में संलिप्त फरार एवं वारंटी अभियुक्तों के सूचनाओं का आदान-प्रदान करने पर भी विशेष दिशा निर्देश दिये। वहीं पश्चिम बंगाल के वीरभूम प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने भरोसा दिया कि संताल परगना दुमका प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा दिये गये सभी निर्देशों का सुगमतापूर्वक पालन किया जायेगा। बैठक में झारखंड के संताल परगना प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीव कुमार एवं दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज तथा पश्चिम बंगाल के वीरभूम और आसनसोल के पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम बंगाल के वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। सभी वरीय पुलिस अधिकारियों ने दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने में सहयोग का करने का वादा किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। शहर में एक जमीन कारोबारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। घटना भूली ओपी क्षेत्र की है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार हो गये। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बता दें कि भूली ओपी क्षेत्र के पांडरपाला के रहने वाले जमीन कारोबारी शाहबुद्दीन की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। कारोबारी के भतीजे सद्दाम ने बताया कि असर्फी अस्पताल के समीप ही शान डेवलपर्स का कार्यालय है। शान डेवलपर्स के नाम से वह रियल स्टेट का कारोबार करते हैं। झरिया से कार से अपने आॅफिस लौट रहे थे। आॅफिस के समीप वह कार से उतरे और कुछ दूर चले थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन अपराधियों के द्वारा उसके चाचा के ऊपर फायरिंग कर दी गयी। अपराधी एक राउंड फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गये। उनके द्वारा चिल्लाने और गोली की आवाज सुनकर सभी भागे। उन्हें एक गोली लग गयी थी। खून भी सड़क पर गिरने लगा। आनन-फानन में जख्मी हालत में कारोबारी शाहबुद्दीन को असर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी है। अस्पताल से शव को एसएनएमएमसीएच पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। मौके से एक खोखा पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस के द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार तीन और चार अक्तूबर को राजधानी को दो तोहफे देगी। मुख्यमंत्री तीन अक्तूबर को कांके के सुकुरहुटू में तैयार ट्रांसपोर्ट नगर के फेज-1 और चार अक्तूबर को कांटाटोली फ्लाइओवर का उद्घाटन करेंगे। तीन अक्तूबर को ही मुख्यमंत्री सुकुरहुटू के आइटीबीपी कैंप के पास आयोजित समारोह में टांसपोर्ट नगर के फेज-2 का शिलान्यास भी करेंगे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।
© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.