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सुनिता अग्रवाल की प्रथम पुस्तक मन के भाव का लोकार्पण
Published / 2026-09-25 21:41:34
सुनिता अग्रवाल की प्रथम पुस्तक मन के भाव का लोकार्पण

टीम एबीएन, रांची। कवयित्री सुनिता अग्रवाल की प्रथम पुस्तक मन के भाव का भव्य लोकार्पण रांची प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं गणेश वंदना के साथ किया गया। समारोह में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने किया। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि कविता लिखी नहीं जाती, लिख जाती है और रची नहीं जाती, रच जाती है। उन्होंने कहा कि कविता कवि के अंतर्मन की सहज अनुभूति और संवेदना से जन्म लेती है। मन के भाव में लेखिका ने अपने अनुभवों एवं संवेदनाओं को सरल और आत्मीय अभिव्यक्ति प्रदान की है। डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कहा- साहित्य समाज को संवेदना और संस्कार देता है। मौके पर आचार्य कुल झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष सह संस्थापक प्राचार्य, राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद एवं वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कहा कि साहित्य समाज के भावनात्मक और सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध करता है। उन्होंने कहा कि एक रचनाकार अपने अनुभवों को शब्द देकर समाज के सामने रखता है और ऐसी रचनाएं पाठकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने सुनिता अग्रवाल को प्रथम काव्य-संग्रह के प्रकाशन पर शुभकामनाएं दीं। समारोह में सेवा भारती झारखंड के संगठन मंत्री एवं प्रसिद्ध साहित्यकार जितेंद्र कुमार, गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कांके, रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. ओम प्रकाश, बिंदू प्रसाद रिद्धिमा, सदानंद यादव, अंजु अग्रवाल, किशु अग्रवाल, ममता गोयल, मीनू अग्रवाल,सीमा कुमार, सीमा सिन्हा मैत्री, सोनल थेपड़ा, गुरुकमल सिंह, संगीता सहाय, खुशबू वर्णवाल, डा मंजुला, प्रतिभा सिंह, कल्याणी झा, अनुपम, संगीता वर्मा, रूना रश्मि, उमा सिन्हा, पंकज पुष्कर, मृगनयनी, रेणु झा, शेफालिका सिन्हा, सुधा कर्ण, डॉ. चंद्रदीप ठाकुर अन्य साहित्यप्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए लेखिका को शुभकामनाएं दीं। समारोह में सुनिता अग्रवाल एवं उनके पति विनोद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से सभी अतिथियों एवं विशिष्टजनों का सम्मान किया। सभी उपस्थित साहित्यकारों को सम्मान के क्रम में मोती की माला, अंगवस्त्र तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंट किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, प्रमोद झा, सारिका भूषण, मनीषा सहाय सुमन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजीव थेपड़ा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रीता अरविंद ने किया। समारोह में उपस्थित साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों ने लेखिका सुनिता अग्रवाल के प्रथम काव्य-संग्रह मन के भाव के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की।

बुढ़मू : 48 घंटे के लगातार बारिश से कई लोगों का कच्चा मकान गिरा
Published / 2026-09-25 21:36:56
बुढ़मू : 48 घंटे के लगातार बारिश से कई लोगों का कच्चा मकान गिरा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बुढ़मू। बुढ़मू समेत आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से बड़का मुरू निवासी अशोक सिंह, जयवीर साहू तथा मासोमात तेतरी देवी का कच्चा मकान पूरी तरह गिर गया है। मकान गिरने से इस भारी बरसात में बिखरा सामान व परिवार के समक्ष आशियाने की समस्या गहरी हो गयी है। घर गिरने सूचना पर पहुंची बड़का मुरू की वार्ड सदस्य काजल देवी ने प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने की बात कही।

मोदी के संरक्षण में हो रही वोटों की चोरी : सुखदेव भगत
Published / 2026-09-25 20:47:51
मोदी के संरक्षण में हो रही वोटों की चोरी : सुखदेव भगत

कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी : सांसद चुनाव आयुक्तों के 14 आपत्तियों को दबाया गया, मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी हो  एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सांसद सह छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत ने चुनाव आयोग और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक पद्धतियों का हनन किया जा रहा है। श्री भगत ने कहा कि हम संविधान और उसके प्रावधानों में पूरी तरह विश्वास रखते हैं। जैसा कि प्रतिपक्ष के नेता आदरणीय राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के माध्यम से हो रहे अन्याय का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर है अब दो चुनाव आयुक्त ने वही सवाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने उठाये हैं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर है। लगातार मतदान की चोरी की हो रही है, ये कृत्य सरकार के संरक्षण में, प्रधानमंत्री मोदी के संरक्षण में किये गये हैं। श्री भगत ने कहा कि संविधान ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र बनाया है, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को मोदी सरकार का सरकारी विभाग बना दिया है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं का उल्लंघन किया है। उनमें अगर नैतिकता है तो वो इस्तीफा दें, नहीं तो उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए क्योंकि उनके खिलाफ दो चुनाव आयुक्त ने 14 आपत्तियां दर्ज करायी है। उन्होंने कहा कि आयोग ने लगभग 1 करोड़ 30 लाख नाम काटे हैं, लेकिन जिम्मेदारी के साथ एक भी नया नाम नहीं जोड़ा है। चुनाव आयोग सवालों से बच रहा है, जवाबदेही से बच रहा है। श्री भगत ने यह भी कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने कि यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है कांग्रेस पार्टी संविधान बचाने के लिए संसद से लेकर सड़क तक लड़ेगी।

रांची : सड़क हादसे में ग्रामीण की मौत, बवाल
Published / 2026-09-25 20:46:11
रांची : सड़क हादसे में ग्रामीण की मौत, बवाल

सेना के जवान पर वाहन से टक्कर मारने का आरोप टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में एयरपोर्ट के समीप हुंडरू बस्ती के रहने वाले एक ग्रामीण की सड़क हादसे में मौत हो गयी। मृतक की पहचान लक्ष्मण गोप के रूप में बतायी जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना में एक सेना के जवान जॉर्ज वीनस कुजूर का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि वाहन की चपेट में आने से लक्ष्मण गोप गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि वाहन चालक नशे की हालत में था। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट या पुलिस की पुष्टि सामने आना अभी बाकी है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना की परिस्थितियों, वाहन चालक की स्थिति और घटना के लिए जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रांची : दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र का उद्घाटन
Published / 2026-09-25 20:44:48
रांची : दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र का उद्घाटन

टीम एबीएन, रांची। जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन एवं भारत विकास परिषद् की रांची मध्य एवं महानगर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में हुंडरू जारा गांव में दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि लक्ष्मी सराफ, विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश सराफ एवं इंजीनियर ग्रीश प्रसाद सिंह ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर किया। मौके पर जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन के सीईओ डॉ. भारत भूषण एवं जुगल किशोर वेदिया सहित गांव के बुद्धिजीवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि लक्ष्मी सराफ ने कहा कि यह केंद्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनजातीय समुदाय के बच्चों को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा। इंजीनियर ग्रीश प्रसाद सिंह जी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में इस प्रकार के और भी केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को शिक्षा एवं विकास के बेहतर अवसर मिल सकें। ओमप्रकाश सराफ जी ने कहा कि शिक्षा और संस्कार के माध्यम से बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।  जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन के सीईओ डॉ. भारत भूषण ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी जीवनभर आदिवासी समाज के उत्थान एवं अधिकारों के लिए प्रयासरत रहे। उनका सपना था कि समाज के लोग जागरूक हों, संगठित हों और शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। डॉ. भारत भूषण ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के विचारों एवं सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र की शुरूआत की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना है।  जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन द्वारा श्रीमती लक्ष्मी सराफ जी को दिशोम गुरु बाल संस्कार केंद्र का मुख्य संरक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख एवं मार्गदर्शन में केंद्र के शैक्षणिक एवं संस्कारात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जायेगा।  कार्यक्रम को सफल बनाने में जुगल किशोर वेदिया, बुद्धराम वेदिया, मदन कुमार वेदिया, चरबा भगत एवं सवित्री कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में हुंडरू जारा गांव के बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही।

मुरहू का ऐतिहासिक दस दिवसीय गणेश महोत्सव संपन्न, धूमधाम से हुआ विसर्जन
Published / 2026-09-25 20:42:04
मुरहू का ऐतिहासिक दस दिवसीय गणेश महोत्सव संपन्न, धूमधाम से हुआ विसर्जन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। जिले के मुरहू में चल रहे दस दिवसीय श्री गणेश महोत्सव का शुक्रवार को विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ समापन हो गया। सुबह से ही मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। समाजसेवी डॉ डीएन तिवारी एवं सुबोध मुखिया ने कहा कि दस दिन के भव्य पूजन के पश्चात ग्यारहवें दिन विसर्जन के पहले पंडितजी द्वारा हवन-पूजन और आरती के बाद गाजे-बाजे के साथ बप्पा की शोभायात्रा निकाली गयी। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से पूरा मुरहू गूंज उठा। डॉ तिवारी ने कहा कि 2013से दस दिवसीय गणेश पूजन होता आ रहा है, जो खूंटी जिला में एकमात्र ऐतिहासिक कार्यक्रम है। दिन प्रतिदिन लोगों की श्रद्धा और आस्था में वृद्धि होती जा रही है। पूरे सफर में गणेश जी के जयकारे के साथ  सैकड़ों लोग  झमाझम बारिश में भी झूमते नजर आये। युवाओं की टोली डीजे और ढोल-नगाड़ों पर थिरकती नजर आई। महिलाएं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। भक्तों ने बताया कि 10 दिनों तक रोजाना भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी मौजूद रहा। अंत में स्थानीय जलाशय में बप्पा का विसर्जन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत : वंदना और कृतज्ञता का संगम
Published / 2026-09-25 20:41:20
वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत : वंदना और कृतज्ञता का संगम

150 वर्ष पर विशेष कार्यक्रम आयोजित  एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। वंदे मातरम् गीत के 150वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भगतसिंह चौक पर पद्म सरिता आध्यात्मिक दर्शन संघ के तत्वावधान में शुक्रवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित देशप्रेमियों ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् इस वर्ष अपने 150 वर्ष पूरे कर रहा है। 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन बंकिम चंद्र चटर्जी ने इस कालजयी गीत की रचना की थी, जो बाद में उनकी प्रसिद्ध कृति आनंदमठ के भाग के रूप में साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ था। कार्यक्रम में विशेष रूप में उपस्थित पद्म सरिता आध्यात्मिक दर्शन संघ के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार घोष ने कहा कि भारत सरकार ने 7 नवंबर 2025 को नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में इस ऐतिहासिक अवसर पर एक साल तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव की शुरुआत की। इस दौरान एक स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी किया गया। यह समारोह 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान देश के सभी जिलों, पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में सामूहिक गायन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुरहू के देशप्रेमी -समाजसेवी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि वंदे मातरम् यानी  मां, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूं पहली बार रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में इसे गाया था। 7 अगस्त 1905 को पहली बार राजनीतिक नारे के रूप में इस्तेमाल हुआ। आज हर कार्यक्रम के शुभारंभ में वंदे मातरम् गीत बजाया जाना चाहिए। इससे देशवासियों में देशभक्ति का संचार के साथ साथ कृतज्ञता का भाव जागृत होता है। जिससे देशविरोधी गतिविधियों पर पुर्ण विराम लग जायेगा। अखिल भारतीय सांस्कृतिक विकास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तपन घोष ने कहा कि 1950 में संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया, स्वतंत्रता आंदोलन में यह फुसफुसाहट से नारे में बदला और जन-जन की चेतना बन गया। देशभक्त युवा ध्रुवेन्द्र भास्कर ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, यह भारत माता की आत्मा की अभिव्यक्ति है। इसे हम देश के परम सम्मान में गाते हैं। अपने देश को विकासशील बनाने के साथ-साथ पुन: विश्व गुरु बनाने के सपने को पर लगाते हैं।अनुप राय, किशोर ठाकुर, तुलसी प्रजापति, सुबोध कुमार सहित अन्य ने भी वंदे मातरम् गीत एवं गीतकार की प्रसंशा की।

राजभाषा पखवाड़ा के तहत कतरास में हिंदी प्रतियोगिता
Published / 2026-09-25 20:40:01
राजभाषा पखवाड़ा के तहत कतरास में हिंदी प्रतियोगिता

30-35 अधिकारी-कर्मचारियों ने लिया हिस्सा एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। राजभाषा-पखवाड़ा 2026 के अवसर पर शुक्रवार को कतरास क्षेत्रीय कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हिंदी अनुवाद तथा शब्दावली सह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में करीब 30-35 महिला एवं पुरुष अधिकारी-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि एवं ज्ञान का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के आयोजन एवं संचालन में क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) उमंग कुमार ठक्कर, प्रबंधक (मानव संसाधन/ राजभाषा) कुमारी श्वेता तथा अनुवादक अभिषेक सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और अधिकारियों-कर्मचारियों में राजभाषा के प्रति जागरूकता एवं रुचि को मजबूत करना है।

धनबाद : राजगंज-चास एनएच- 32  बिलबेरा-सोनारडीह बना डेथ ट्रैप
Published / 2026-09-25 20:39:12
धनबाद : राजगंज-चास एनएच- 32 बिलबेरा-सोनारडीह बना डेथ ट्रैप

रेलवे फाटक भी मुसीबत; वीवीआईपी मौन एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। राजगंज-चास राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-32), जो रांची और जमशेदपुर को सीधे जीटी रोड से जोड़ता है, इन दिनों बदहाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। बिलबेरा से सोनारडीह थाना तक का हिस्सा पूरी तरह मौत का कुआं बन चुका है। प्रतिदिन सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियों की आवाजाही वाले इस व्यस्त मार्ग पर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद नहीं टूट रही है।बरसात में और भी खौफनाक हुआ मंजर, रात में काल बन रहे गड्ढे वर्तमान में हो रही लगातार बारिश ने इस नेशनल हाईवे की स्थिति को और भी भयावह बना दिया है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता। सबसे खराब स्थिति रात के अंधेरे में होती है, जब जलभराव के कारण गड्ढे नजर नहीं आते। नतीजतन, रोजाना दोपहिया और चार पहिया वाहन इन गड्ढों में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इससे न केवल लोगों के वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, बल्कि राहगीर गंभीर रूप से चोटिल होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। सोनारडीह रेलवे फाटक: कोढ़ में खाज बना महाजाम इस मार्ग पर सिर्फ जर्जर सड़क ही नहीं, बल्कि सोनारडीह रेलवे फाटक भी आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। फाटक बार-बार और लंबे समय तक बंद रहने के कारण यहां प्रतिदिन महाजाम की स्थिति बन जाती है। एंबुलेंस से लेकर कामकाजी लोग घंटों इस जाम में फंसे रहते हैं। जर्जर सड़क और रेलवे फाटक के दोहरे संकट ने स्थानीय लोगों और चालकों का जीना मुहाल कर दिया है।  मंत्री, सांसद और विधायकों का काफिला गुजरता है रोज, पर सब मौन स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इस महत्वपूर्ण हाईवे से क्षेत्र के मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासन के तमाम छोटे-बड़े आला अधिकारी रोजाना अपने चमचमाते वाहनों से गुजरते हैं। सबकी नजर इन जानलेवा गड्ढों और रेलवे फाटक के जाम पर पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी ने सुध नहीं ली। जनता का आरोप है कि नेता और अधिकारी सिर्फ वोट और फाइलों तक सीमित हैं, जमीन पर आम लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि अगर NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और जिला प्रशासन ने अविलंब इस एनएच की विशेष मरम्मत नहीं कराई और रेलवे फाटक की समस्या का स्थायी समाधान (ओवरब्रिज निर्माण) नहीं निकाला, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

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