नशे के कारोबार के खिलाफ रांची पुलिस को मिली बड़ी सफलता टीम एबीएन, रांची। रांची पुलिस को नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। धुर्वा थाना क्षेत्र के टंकी साइड इलाके से पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 14 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। हटिया डीएसपी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी बंटी कुमार का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्राउन शुगर की खेप कहां से लायी गयी थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की भी तलाश की जा रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। नगर क्षेत्र के वार्ड नं. 5 में भी है एक लापतागंज जिसकी सुध लेने वाला कोई नही. शांति आश्रम किस्को मोड के पीछे 20 से 25 घरों का एक छोटा सा मुहल्ला है जिसका नाम मानसरोवर नगर भी बोला जा सकता है।सड़क के नाम पर सिर्फ कच्ची सड़क है और वह भी बारिश के समय कीचड़ वाली सड़क में तब्दील हो जाता है जहां बाईक, साईकल, पैदल चलना भी दूभर है। बिजली वाले पोल के नाम पर सिर्फ एक पोल और अन्य जगह के लिए बांस या पेड़, जलश्रोत को सही रखने के लिए एक तालाब है। वह भी सिर्फ बरसात के समय ही पता चल पाता है कि यह तालाब है अन्य समय तो सूखा जो सुंदरीकरण की आस में दम तोड़ रहा है। इस मुहल्ला से सटकर एक ढोढहा (छोटा नदी) बहता है वह भी ढोढहा से सटे हुवे घर वालों एवम जमीन दलालों की कृपा से सिकुड़कर नाली बन रही है लोग अपने घरों का कूड़ा या गंदा पानी सीधा नदी में डाल रहें है। इन सारी जनसमस्याओं की ओर जनप्रतिनिधियों एवम प्रशासन को यथा शीघ्र ध्यान देने की जरूरत है ताकि प्राकृतिक जल स्रोत को बचाया जा सके। और जमीन दलालों के द्वारा नदी के ऊपर पुल बनाने हेतु नदी को पतला कर पुल बनाकर जमीन बेचने का काम भी किया जा रहा है उस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रतीक्षारत सरकारी सुविधा हेतू वार्ड 5 शांति आश्रम के पीछे निवास करने वाले निवासी ।
धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड सरकार को पत्र लिखकर कह कि धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था अत्यंत चिंताजनक स्थिति में है। कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से हाल ही में इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर चिकित्सक के समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण एक मरीज की मृत्यु होने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए, जिससे अक्सर मरीजों की जान चली जाती है, यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दशार्ती है। मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख सरकारी अस्पताल में यदि आपातकालीन सेवा के दौरान चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से विश्वास उठना स्वाभाविक है। सरकार से विनम्र अनुरोध किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करायी जाये तथा दोषी अस्पताल प्रबंधन ओर अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की कृपा करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाये कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे चिकित्सकों की अनिवार्य उपस्थित रहे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भगवान श्रीराम सत्य और न्याय के प्रतीक हैं, इसलिए उनके नाम पर होने वाले हर निर्णय में निष्पक्षता दिखनी चाहिए एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति में सत्य, न्याय और आदर्श के प्रतीक हैं। ऐसे में उनके नाम पर होने वाली किसी भी बैठक या निर्णय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का पूर्वाग्रह या पक्षपात नहीं होना चाहिए। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी आस्था भगवान श्रीराम में है और इसी आस्था के आधार पर वे ट्रस्ट की बैठक से यह अपेक्षा करते हैं कि पहले की तरह किसी को बचाने या किसी विशेष व्यक्ति के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास न किया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से संपन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं और लोगों को यह विश्वास मिलना चाहिए कि भगवान श्रीराम के नाम पर लिए जाने वाले निर्णय सत्य और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित होंगे। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या आरोपों की जांच का विषय है तो उस पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाए और किसी भी व्यक्ति को बचाने की कवायद नहीं होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि न्याय, मयार्दा और सत्य के सर्वोच्च आदर्श हैं। इसलिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी उन्हीं मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में पारदर्शिता बरती जायेगी और ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जायेगा जिससे जनता के मन में किसी प्रकार का संदेह उत्पन्न हो। अंत में सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी एकमात्र अपेक्षा यही है कि भगवान श्रीराम के नाम पर होने वाली इस बैठक में निष्पक्षता, ईमानदारी और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता हो तथा किसी को बचाने की कोई कोशिश न की जाये।
टीम एबीएन, रांची। वार्ड पार्षद मुलाकात कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से उनके वार्ड क्षेत्र में जाकर मिला रांची सिटीजन फोरम का प्रतिनिधिमंडल और उनको अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचित होने पर बधाई दी तथा क्षेत्र की समस्याओं पर उनको ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के क्रम में वार्ड पार्षदों ने बताया कि 3 महीना से अधिक हो गया है उनके निर्वाचन को, लेकिन अभी तक उनको मानदेय तक नहीं मिला है और फंड की कमी बताकर विकास योजनाओं को रोक दिया गया है, वार्ड में छोटा-छोटा विकास कार्य भी नहीं करवा पा रहे हैं। रांची सिटीजन फोरम का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में कुल 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कर रहा है, जिसके तहत अब तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुका है, जिस क्रम में आज वार्ड 23 की वार्ड पार्षद फरहा नाज, वार्ड 36 वार्ड पार्षद निहारिका कुमारी, वार्ड 33 की वार्ड पार्षद पुष्पा टोप्पो और वार्ड 45 के वार्ड पार्षद नसीम गद्दी से मुलाकात हुआ और उनको अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचन के लिए बधाई दिया गया। साथ ही वार्ड क्षेत्र में व्याप्त अनेकों समस्याओं जैसे स्ट्रीट लाइट की समस्या, नाली सफाई की समस्या, टूटी फूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त नाली तथा बड़े खुले नाले की समस्या और खासकर जल जमाव, इत्यादि मुद्दों पर उनको ज्ञापन देकर समाधान का मांग किया गया, जिस पर उन्होंने रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वर्तमान में रांची नगर निगम में फंड का कमी बताया जा रहा है और हमें इस कारण कोई भी नया कार्य करने नहीं दिया जा रहा है, यहां तक की निर्वाचन के बाद से लेकर अभी तक हमें मानदेय भी नहीं भुगतान हुआ है, अब तक मात्र एक बोर्ड का मीटिंग हुआ है, जिसमें भीषण गर्मी को देखते हुए पांच बोरिंग करने की अनुशंसा पर बात हुई थी लेकिन अभी बरसात आ गया है अभी तक उक्त पांच बोरिंग नहीं दिया गया है और इसी प्रकार 50 स्ट्रीट लाइट का भी बात हुआ था, वह भी अभी तक नहीं मिला है। अध्यक्ष दीपेश निराला ने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का अक्षरश: अनुपालन नहीं हो पा रहा है और नियमानुसार विभिन्न समितियों जैसे वार्ड समिति, क्षेत्रीय समिति, संयुक्त समिति, तदर्थ समिति, विषय समिति, स्टेट चैंबर आॅफ म्युनिसिपल काउंसिल का अभी तक गठन नहीं हुआ है और न ही नगरपालिका लोकपाल की नियुक्ति हो पाई है। कुछ पुराने दोबारा निर्वाचित वार्ड पार्षदों ने बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में निगम में अपने कई अफसरों और कर्मियों को पदस्थापित कर दिया है, जिसका वेतन रांची नगर निगम अपने नगरपालिका निधि से भुगतान कर रहा है, जबकि पहले रांची नगर निगम में इतने अफसर और कर्मचारी नहीं थे, लेकिन विगत 3 वर्षों में अफसर और कर्मचारी कई गुना बढ़ गये हैं। फंड की कमी पर रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि पिछले वर्ष का 100 करोड़ रुपए से अधिक का होल्डिंग टैक्स और इस त्रैमासिक में कलेक्ट 48 करोड रुपए होल्डिंग टैक्स, यूजर चार्ज का कलेक्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का डेढ़ गुना पेनल्टी का करोड़ों रुपए, रांची के सभी बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, आॅटो स्टैंड का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, रांची के सभी पार्किंग स्थलों का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, इनफोर्समेंट आफिसरों के द्वारा वसूला गया जुर्माना, नक्शा पास करने के एवज में मिला रुपए, ट्रेड लाइसेंस बनाने और विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने के एवज में मिला शुल्क, पूरे रांची शहरी क्षेत्र में लगे विज्ञापन और होर्डिंग से प्राप्त टैक्स का करोड़ों रुपये, आॅटो इत्यादि से प्रतिदिन वसूला जा रहा चुंगी टोल के रुपए तथा रांची शहरी क्षेत्र के 53 वार्ड के विभिन्न सैरातों से आने वाला कमाई का अरबों रुपये कहां है? इस पर वार्ड पार्षदों ने बताया कि इसकी पूरी जानकारी हमारे पास नहीं है अगला बोर्ड मीटिंग में इस बात को रखेंगे। रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, सचिव रेणुका तिवारी, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सदस्य कुमार अभिषेक दुबे, सुजीत कुमार पांडेय, रविंद्र मेहता, इत्यादि उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष के रूप में डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू की नियुक्ति पर कांग्रेस के युवा नेता निश्चय वर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बालमुचू के नेतृत्व में झारखंड इंटक नयी ऊर्जा, नयी दिशा और मजबूत संगठनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा तथा राज्य के मजदूरों की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से उठायेगा। निश्चय वर्मा ने कहा कि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक अनुभव के धनी हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। उनका अनुभव, संघर्षशील व्यक्तित्व और श्रमिक हितों के प्रति समर्पण निश्चित रूप से झारखंड इंटक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन गांव से लेकर उद्योगों तक अपनी मजबूत पकड़ बनायेगा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी ढंग से संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के मजदूरों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे दौर में एक अनुभवी और संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता थी, जिसकी पूर्ति डॉ. बालमुचू की नियुक्ति से हुई है। उनके नेतृत्व में मजदूरों को उनका उचित सम्मान, अधिकार और न्याय दिलाने की दिशा में इंटक और अधिक मजबूती से कार्य करेगा। मौके पर निश्चय वर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू तथा केंद्रीय नेतृत्व के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे श्रमिक बहुल राज्य के लिए अनुभवी नेतृत्व का चयन संगठन को नयी गति देने वाला निर्णय है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय नेतृत्व बधाई के पात्र हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू के नेतृत्व में झारखंड इंटक संगठनात्मक रूप से और अधिक सशक्त होगा, मजदूरों के हितों की प्रभावी पैरवी करेगा तथा श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक भूमिका निभायेगा। उन्होंने एक बार फिर डॉ. बालमुचू को नयी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल की कामना की।
भाजपा ध्रुवीकरण के लिए लाती है ऐसे मुद्दे: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर सांसद सुखदेव भगत का पलटवार एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। लोहरदगा लोकसभा से सांसद कहा कि भाजपा सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक मुद्दों को हवा दे रही है। श्रीभगत ने कहा मैं समझता हूं कि जब से भाजपा की सरकार आई है, वह केवल उन मुद्दों को देख रही है जिससे ध्रुवीकरण किया जा सके और हिंदू जनमानस का वोट लिया जा सके। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी, महंगाई, उपभोक्ताओं की समस्या और इथेनॉल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विषय लाये जा रहे हैं। सांसद ने कहा, क्या भगवान को भी मुक्ति की आवश्यकता है? यह तो अहंकार वाली बात हो जाती है। जिसके बदौलत हम हैं, उन्हें हम मुक्त करें, यह हास्यास्पद लगता है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर संत समाज और विहिप लगातार आंदोलन की बात कर रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मुद्दे सरकार चिट्ठी भी लिखी है। सुखदेव भगत ने कहा, देश के सामने ठएएळ, बेरोजगारी, महंगाई जैसी कठिनाइयां हैं। सरकार को उन्हें प्राथमिकता से लेना चाहिए। धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करना देश के हित में नहीं है। सांसद का यह बयान संसद सत्र से ठीक पहले आया है, जहां विपक्ष सरकार को नीट और महंगाई के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है।
छह का फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिला में शिकारीपाड़ा के खाड़ुकदमा गांव में जहरीले फल का बीज खाने से एक दर्जन बच्चे की हालत बिगड़ गयी है। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में इनमें से छह को बेहतर इलाज के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। अभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। क्या है पूरा मामला शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के खाड़ुकदमा गांव के करीब एक दर्जन बच्चों ने खेल खेल में जहरीले फल के बीज खा लिये, जिस कारण सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चों को इलाज के लिए शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। इनमें छह बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने पर समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दुमका फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है। परिजनों ने बताया कि सभी बच्चे एक साथ स्कूल गए थे। वापस लौटने के दौरान बच्चों ने काजू का फल समझकर जहरीले फल को तोड़ा और उसके अंदर के बीज को निकालकर खा लिया। जहरीला फल खाने के साथ ही सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चे अपने-अपने घर पहुंचकर पेट दर्द और शरीर में ऐंठन की शिकायत की और अर्धबेहोशी की हालत में गिर पड़े।परिजनों ने आनन-फानन में पहले शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए भर्ती कराया पर छह की हालत नाजुक होने पर दुमका अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीमार बच्चे सभी अलग-अलग परिवार के हैं। बीमार पड़े बच्चों में अमीनुल अंसारी (8 वर्ष), शहनबाज अंसारी (7 वर्ष), जुनेद अंसारी (5 वर्ष), मो। वसीर आलम (8 वर्ष), रिजवान अंसारी (8 वर्ष) शामिल है। बाकी बच्चों का इलाज शिकारीपाड़ा के अस्पताल में चल रहा है।
सूचना के अधिकार पर हुआ संवाद टीम एबीएन, रांची। झारखंड के नवनियुक्त सूचना आयुक्त एवं वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा का रांची प्रेस क्लब की ओर से रविवार को अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सूचना का अधिकार : पारदर्शिता, जवाबदेही और पत्रकारिता विषय पर संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें सूचना के अधिकार कानून की उपयोगिता, पारदर्शिता और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं पद्मश्री सम्मानित बलबीर दत्त ने की। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वीडन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां पिछले लगभग 250 वर्षों से सूचना तक पहुंच की व्यवस्था और परंपरा रही है, जिसके कारण वह दुनिया के सबसे पारदर्शी और न्यूनतम भ्रष्टाचार वाले देशों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि अनुज कुमार सिन्हा के पास पत्रकारिता का लंबा और समृद्ध अनुभव है। ऐसे में उनसे अपेक्षा है कि वे सूचना आयुक्त के रूप में अपने दायित्वों और चुनौतियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। पूर्व सूचना आयुक्त बैजनाथ मिश्र ने सूचना का अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कानून के प्रति केवल पत्रकारों ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में भी व्यापक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सूचना का अधिकार नागरिकों को सशक्त बनाता है और प्रशासन को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने संबोधन में सूचना आयुक्त अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें मिली नयी जिम्मेदारी केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी का सम्मान है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का उनका प्रयास रहेगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता, किसलय, दीपक अंबष्ठ, प्रकाश सहाय, प्रमोद झा और अजय कुकरेती सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। रांची प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष शंभु नाथ चौधरी, सचिव अभिषेक सिन्हा, सह सचिव चंदन भट्टाचार्य, कोषाध्यक्ष कुबेर सिंह, कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार सिन्हा, राजन बॉबी, प्रतिमा कुमारी, चंदन वर्मा और सौरभ शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके अलावा प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन, पूर्व सचिव अमरकांत, पूर्व सचिव अखिलेश सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष पिंटू दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गिरि, पूर्व कोषाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, भारत भूषण प्रसाद, दीपक ओझा, वेदप्रकाश, देवेंद्र सिंह, मृदुला संतोष, सुनील गुप्ता, संतोष गुप्ता, हिमांशु शेखर, जगदीश सिंह, राकेश सिंह, अशोक द्विवेदी, मनोज शर्मा, मनीष झा, अंकुर सिन्हा सहित अनेक पत्रकार समारोह में उपस्थित रहे।
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