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दरभंगा : पंडाल में करंट लगने से दिव्यांग माता_पिता के 12 साल के बच्चे की मौत
Published / 2025-10-03 12:25:38
दरभंगा : पंडाल में करंट लगने से दिव्यांग माता_पिता के 12 साल के बच्चे की मौत

दुर्गा प्रतिमा के सामने शव रखा, बोली-बेटा लौटा दो, मां...एबीएन न्यूज नेटवर्क, दरभंगा। जिले में पूजा पंडाल में करंट लगने से 12 साल के बच्चे की मौत हो गयी। बच्चे की मौत के बाद माता-पिता ने शव को माता की प्रतिमा के सामने रख दिया। पंडाल से एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बच्चे की मां बेटे को जिंदा करने की गुहार लगाती दिख रही है।बच्चे के शव को मां के सामने रखकर मां रो-रोकर दोनों हाथ उठाकर दुर्गा जी से गुहार लगाने लगी। वो कह रही थी, अरे मां... बेटा तो तेरे दर्शन करने आया था। तेरी पूजा करने आये थे, फिर मेरे बच्चे को क्यों छीन लिया। बेटे को लौटा दो...। मेरे बेटे को जिंदा कर दो...। हम कैसे रहेंगे...। कैसे जिएंगे...।पुलिस ने मां को समझाकर बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मां को विश्वास नहीं हो रहा था बेटा मर गया। घटना के वक्त पंडाल में मौजूद नितिन कुमार झा ने बताया कि मंगलवार रात से ही शहर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण पंडाल की सजावट में लगे बांस-बल्ले भींग गये थे। बांस में लगे तार में भी करंट दौड़ रहा था। इस दौरान पास में ही खेल रहा बच्चा करंट की चपेट में आ गया। कुछ देर तक किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। बच्चा बिजली से चिपका रहा। अचानक एक महिला की चीख सुनकर लोग दौड़े। बिजली काटकर बच्चे को अलग किया गया।आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल लेकर गये, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। माता-पिता को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनका इकलौता सहारा अब नहीं रहा। अस्पताल से लौटने के बाद शव को मंदिर के अंदर माता की प्रतिमा के सामने रख दिया। मां बार-बार यही कहती रही, हे माता रानी मेरे बच्चे को जिंदा कर दो।

पावर स्टार पवन सिंह की घर वापसी से लाभान्वित होता एनडीए
Published / 2025-10-01 20:04:12
पावर स्टार पवन सिंह की घर वापसी से लाभान्वित होता एनडीए

पावर स्टार पवन सिंह की भाजपा में वापसी,  उपेंद्र कुशवाहा का पांव छूकर कर लिया आशीर्वाद, एनडीए को होगा लाभएबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले बिहार की राजनीति तेजी से करवट बदल रही है। नेता भी पाला बदल रहे हैं। दुर्गा पूजा की महाष्टमी पर बड़ी खबर आई। भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार पवन सिंह की भाजपा में वापसी हो गई।दिल्ली में आज भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने पवन सिंह की भाजपा में वापसी की घोषणा की। इसके साथ ही पवन सिंह को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर विराम लग गया है। पवन सिंह के भाजपा में वापसी की खबरें कई दिनों से चल रही थीं। उन्होंने कुछ दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह से मुलाकात की थी। राजनाथ सिंह ने उन्हें भाजपा में वापसी की सलाह दी थी। राजनाथ सिंह के कहने पर विनोद तावड़े ने पवन सिंह की वापसी का रास्ता तय किया। राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद ही यह तय हो गया था कि पवन सिंह भाजपा में वापस आएंगे। विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए के लिए प्रचार करेंगे। भाजपा उन्हें किसी सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि चुनाव लड़ने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। इधर, एक अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना में पवन सिंह ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दिल्ली में उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उनका पांव छूकर आशीर्वाद लिया। उपेंद्र कुशवाहा से पवन सिंह की सुलह हो गई है। दोनों नेता अब एनडीए के लिए साथ-साथ काम करेंगे। काराकाट लोकसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र कुशवाहा और पवन सिंह के बीच जो दूरियां बढ़ी थी वह अब मिट गई है।पवन सिंह की भाजपा में वापसी और उपेंद्र कुशवाहा से सुलाह सफाई के बाद बिहार की राजनीति खासकर शाहाबाद इलाके में इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा। उपेंद्र कुशवाहा और पवन सिंह की वजह से क्षत्रिय समाज और कुशवाहा जाति के बीच जो दूरियां  बढ़ गई थी  वह भी अब खत्म होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव पवन सिंह की फैक्ट्री की वजह से एनडीए को शाहाबाद क्षेत्र में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। बिहार विधानसभा चुनाव में पवन सिंह की भाजपा में वापसी का असर दिखेगा। पवन सिंह भोजपुरी फिल्मों के बड़े स्टार हैं, इसलिए उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में है। युवाओं में उनका क्रेज है। पवन सिंह ने देर से ही सही लेकिन भाजपा में वापसी कर सही फैसला लिया है। अब आगे देखना होगा कि इसका क्या असर होता है।

पावर स्टार पवन सिंह की घर वापसी से लाभान्वित होता एनडीए
Published / 2025-10-01 18:03:25
पावर स्टार पवन सिंह की घर वापसी से लाभान्वित होता एनडीए

पावर स्टार पवन सिंह की भाजपा में वापसी,  उपेंद्र कुशवाहा का पांव छूकर कर लिया आशीर्वाद, एनडीए को होगा लाभएबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले बिहार की राजनीति तेजी से करवट बदल रही है। नेता भी पाला बदल रहे हैं। दुर्गा पूजा की महाष्टमी पर बड़ी खबर आई। भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार पवन सिंह की भाजपा में वापसी हो गई।दिल्ली में आज भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने पवन सिंह की भाजपा में वापसी की घोषणा की। इसके साथ ही पवन सिंह को लेकर लगाए जा रहे कयासों पर विराम लग गया है। पवन सिंह के भाजपा में वापसी की खबरें कई दिनों से चल रही थीं। उन्होंने कुछ दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह से मुलाकात की थी। राजनाथ सिंह ने उन्हें भाजपा में वापसी की सलाह दी थी। राजनाथ सिंह के कहने पर विनोद तावड़े ने पवन सिंह की वापसी का रास्ता तय किया। राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद ही यह तय हो गया था कि पवन सिंह भाजपा में वापस आएंगे। विधानसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए के लिए प्रचार करेंगे। भाजपा उन्हें किसी सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि चुनाव लड़ने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। इधर, एक अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना में पवन सिंह ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दिल्ली में उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उनका पांव छूकर आशीर्वाद लिया। उपेंद्र कुशवाहा से पवन सिंह की सुलह हो गई है। दोनों नेता अब एनडीए के लिए साथ-साथ काम करेंगे। काराकाट लोकसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र कुशवाहा और पवन सिंह के बीच जो दूरियां बढ़ी थी वह अब मिट गई है।पवन सिंह की भाजपा में वापसी और उपेंद्र कुशवाहा से सुलाह सफाई के बाद बिहार की राजनीति खासकर शाहाबाद इलाके में इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा। उपेंद्र कुशवाहा और पवन सिंह की वजह से क्षत्रिय समाज और कुशवाहा जाति के बीच जो दूरियां  बढ़ गई थी  वह भी अब खत्म होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव पवन सिंह की फैक्ट्री की वजह से एनडीए को शाहाबाद क्षेत्र में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। बिहार विधानसभा चुनाव में पवन सिंह की भाजपा में वापसी का असर दिखेगा। पवन सिंह भोजपुरी फिल्मों के बड़े स्टार हैं, इसलिए उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में है। युवाओं में उनका क्रेज है। पवन सिंह ने देर से ही सही लेकिन भाजपा में वापसी कर सही फैसला लिया है। अब आगे देखना होगा कि इसका क्या असर होता है।

पर्यटन विभाग को मिली 10.11 एकड़ जमीन, बदलेगी मोकामा की सूरत
Published / 2025-09-28 21:28:51
पर्यटन विभाग को मिली 10.11 एकड़ जमीन, बदलेगी मोकामा की सूरत

पटना जिले के मोकामा में बनेगा समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार ने पटना जिले के मोकामा शहर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल के निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग की 10.11 एकड़ भूमि को पर्यटन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की है।  चौधरी ने बयान जारी कर कहा कि गंगा नदी के किनारे स्थित मोकामा शहर प्राचीन काल से अंग, मगध और मिथिला तीन जनपदों के संगम स्थल के रूप में ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व रखता है। इसके निकटवर्ती सिमरिया घाट पर अर्ध कुंभ मेला आयोजित होता है, जो इसे धार्मिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि तिरूमला तिरूपति देवस्थानम्, तिरूपति (आंध्र प्रदेश) ने इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सरकारी ट्रस्ट है, जो न केवल तिरुपति स्थित प्राचीन देवस्थानों का प्रबंधन करता है बल्कि विभिन्न राज्यों में मंदिर, वेदपाठशाला, विश्वविद्यालय, अस्पताल एवं सामाजिक संस्थान भी संचालित करता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के निर्माण एवं प्रबंधन का संपूर्ण व्यय तिरूमला तिरूपति देवस्थानम् वहन करेगा। राज्य सरकार द्वारा भूमि 99 वर्ष की लीज पर मात्र एक रुपये के टोकन शुल्क पर उपलब्ध करायी जायेगी। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में करीब एक हजार करोड़ की लागत से भव्य माता सीता मंदिर का भूमिपूजन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 29 जुलाई को 550 करोड़ की लागत से वैशाली में बुद्ध स्मृति स्तूप का उद्घाटन किया। अब मोकामा में तिरुपति मंदिर बनाने के लिए लगभग 10 एकड़ जमीन का तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्, तिरुपति, आंध्र प्रदेश के साथ समझौता किया जायेगा। चौधरी ने कहा कि इस स्थल के विकसित होने से मोकामा और आसपास के क्षेत्र का तीव्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही गया विष्णुपद मंदिर, मां जानकी मंदिर पुनौराधाम और दूसरे प्रमुख मंदिरों को जोड़ते हए धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जायेगा।

पर्यटन विभाग को मिली 10.11 एकड़ जमीन, बदलेगी मोकामा की सूरत
Published / 2025-09-28 20:47:52
पर्यटन विभाग को मिली 10.11 एकड़ जमीन, बदलेगी मोकामा की सूरत

पटना जिले के मोकामा में बनेगा समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार ने पटना जिले के मोकामा शहर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल के निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग की 10.11 एकड़ भूमि को पर्यटन विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति प्रदान की है।  चौधरी ने बयान जारी कर कहा कि गंगा नदी के किनारे स्थित मोकामा शहर प्राचीन काल से अंग, मगध और मिथिला तीन जनपदों के संगम स्थल के रूप में ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व रखता है। इसके निकटवर्ती सिमरिया घाट पर अर्ध कुंभ मेला आयोजित होता है, जो इसे धार्मिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि तिरूमला तिरूपति देवस्थानम्, तिरूपति (आंध्र प्रदेश) ने इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सरकारी ट्रस्ट है, जो न केवल तिरुपति स्थित प्राचीन देवस्थानों का प्रबंधन करता है बल्कि विभिन्न राज्यों में मंदिर, वेदपाठशाला, विश्वविद्यालय, अस्पताल एवं सामाजिक संस्थान भी संचालित करता है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के निर्माण एवं प्रबंधन का संपूर्ण व्यय तिरूमला तिरूपति देवस्थानम् वहन करेगा। राज्य सरकार द्वारा भूमि 99 वर्ष की लीज पर मात्र एक रुपये के टोकन शुल्क पर उपलब्ध करायी जायेगी। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आठ अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में करीब एक हजार करोड़ की लागत से भव्य माता सीता मंदिर का भूमिपूजन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 29 जुलाई को 550 करोड़ की लागत से वैशाली में बुद्ध स्मृति स्तूप का उद्घाटन किया। अब मोकामा में तिरुपति मंदिर बनाने के लिए लगभग 10 एकड़ जमीन का तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्, तिरुपति, आंध्र प्रदेश के साथ समझौता किया जायेगा। चौधरी ने कहा कि इस स्थल के विकसित होने से मोकामा और आसपास के क्षेत्र का तीव्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही गया विष्णुपद मंदिर, मां जानकी मंदिर पुनौराधाम और दूसरे प्रमुख मंदिरों को जोड़ते हए धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जायेगा।

बिहार : पीएम ने शुरू किया मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
Published / 2025-09-26 20:27:17
बिहार : पीएम ने शुरू किया मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना

प्रधानमंत्री ने बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना का किया शुभारंभएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना का शुभारंभ किया और 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 10,000 रुपये की राशि हस्तांतरित की, जिसकी कुल राशि 7,500 करोड़ रुपये है।इस योजना के तहत, प्रत्येक परिवार की एक महिला को रोज़गार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। 10,000 रुपये का प्रारंभिक अनुदान प्रदान किया जा रहा है, और यदि आवश्यक होगा तो रोज़गार शुरू होने के बाद 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोज़गार एवं आजीविका के अवसरों के माध्यम से उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। यह योजना सार्वभौमिक प्रकृति की है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद का रोज़गार या आजीविका गतिविधियाँ शुरू कर सकेंगी।यह योजना समुदाय-संचालित होगी, जिसमें वित्तीय सहायता के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उनके प्रयासों को समर्थन प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे। इस योजना के तहत महिलाओ द्वारा उत्पादित सामानों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए, राज्य में ग्रामीण हाट-बाजारों का पहले से बेहतर विकास करने की भी योजना है।मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक ग्रामीण क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1 करोड़ 10 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है और इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों की भी बड़ी संख्या में महिलाएं आगे आ रही हैं।

बिहार चुनाव : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बनाया प्रदेश प्रभारी
Published / 2025-09-25 20:33:30
बिहार चुनाव : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बनाया प्रदेश प्रभारी

बिहार चुनाव के लिए बीजेपी का बड़ा ऐलान, इस केंद्रीय मंत्री को बनाया प्रभारी एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में चुनावी बिगुल बज चुका है और सियासी सरगर्मियां तेज हो गयी हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें करीब आ रही हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की रणनीतियां भी जोर पकड़ रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बार कमान संभालने के लिए अपनी टीम में बड़ा फेरबदल किया है। भाजपा ने बिहार सहित तीन राज्यों के लिए चुनाव संचालन की जिम्मेदारी कुछ प्रमुख चेहरों को सौंपी है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ पार्टी ने दो बड़े नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां दी हैं- गुजरात भाजपा के दिग्गज नेता सीआर पाटिल को सह प्रभारी की भूमिका में लाया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी इस टीम में सह प्रभारी बनाया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने 25 सितंबर को एक पत्र जारी कर इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा की। पार्टी का स्पष्ट संकेत है कि बिहार उसके लिए इस समय प्राथमिकता में है, क्योंकि यहां चुनाव डेढ़ महीने के भीतर कराए जाने की संभावना है। केवल बिहार ही नहीं, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है: पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि सांसद विप्लव देव को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गयी है।तमिलनाडु में सांसद बिजयंत पांडा को प्रभारी और राज्य मंत्री मुरलीधर महौल को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन दोनों राज्यों में चुनाव तो अभी कुछ महीनों दूर हैं—बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026, और तमिलनाडु में अप्रैल-मई 2026 में लेकिन भाजपा पहले से ही चुनावी जमीनी तैयारी में जुट गयी है। क्या है बिहार चुनाव का समीकरण बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। सूत्रों की मानें तो 5 से 15 नवंबर के बीच राज्य में मतदान की संभावना है। ऐसे में सत्तारूढ़ एनडीए को अपनी पकड़ बनाये रखने की चुनौती होगी, जबकि विपक्ष इस बार सत्ता में वापसी की पूरी कोशिश में है। 243 सीटों वाले बिहार में सत्ता की राह आसान नहीं है। पिछली बार के चुनाव में एनडीए ने बाजी तो मारी थी, लेकिन इस बार विपक्ष, जातीय समीकरण, और गठबंधनों की नयी तस्वीर सब कुछ बदल सकती है।

बिहार चुनाव में वोट से बदलाव लाने की अपील
Published / 2025-09-19 20:34:16
बिहार चुनाव में वोट से बदलाव लाने की अपील

बिहार चुनाव 2025 : वोट से ही हम बदलाव ला सकते हैं  इलेक्शन कमिशन आॅफ इंडिया के आइकॉन राजन कुमार की मतदाताओं से विशेष अपील एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना (बिहार)। बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन रह गये हैं। दशहरा के बाद चुनाव की तिथियों की घोषणा होगी। वोटिंग नवंबर माह में होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बिहार में इस बार दो या तीन चरणों में वोटिंग करायी जायेगी। चुनावी सरगर्मियों के बीच इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया के आइकॉन मुंगेर पुत्र एक्टर राजन कुमार ने मतदाताओं से विशेष अपील की है। जो विश्वास मुझ पर इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया ने दिखाया है, उस आधार पर मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आपको वोट डालने मे 18 साल लग जाते हैं। इसलिए आप जरूर मतदान करें। वोट से ही हम बदलाव ला सकते हैं और अपनी पसंद का नेता चुन सकते हैं। य़ह एक ऐसा हक है जिसे आपको हर हाल में इस्तेमाल करना चाहिए। हमने वोटिंग ट्री के माध्यम से 2019 में, लोकसभा चुनाव के समय 101 पंचायतों में जाकर मतदाताओं को जागरूक किया था। 5001 पेड़ों के माध्यम से   2024 मे जागरूकता अभियान चलाया। फिर कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमने चार्ली चैप्लिन बनकर लोगों को अवेयर किया कि वोट डालना आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है। मैं अंग प्रदेश से हूं, मेरी मातृभाषा अंगिका है, राजा कर्ण की भूमि से हूं, जो बहुत दानवीर थे। इसलिए आप भी दाता बने और मतदाता के रूप मे अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें। वोटर आइकॉन के रूप मे वोटर ट्री लगाकर, मतदाताओं को पत्र लिखकर, अलग अलग पंचायतों में जाकर लोगों को मतदान के लिए जागरूक किया है। वोट सभी मतदाता लोगों के अधिकार छे कि अपन अपन वोट जरूर से जरूर दिहें इ अधिकार से कोई वंचित न रहे। इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया के आइकॉन हीरो राजन कुमार एक बेहतरीन कवि, लेखक, अभिनेता, निर्माता निर्देशक और समाजसेवी है। चार्ली चैप्लिन द्वितीय के रूप मे दुनिया भर में वह 5 हजार से अधिक लाइव शो कर चुके हैं। जिसके लिए उनका नाम गिनिज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड मे भी दर्ज है। कई पुस्तकों के लेखक राजन कुमार हाल ही में जापान यात्रा पर भी गये थे। नमस्ते बिहार जैसी कई फिल्मों के वह हीरो हैं।

बिहार : राज्यभर में दो अक्टूबर तक चलेगा विशेष स्वच्छोत्सव
Published / 2025-09-16 22:21:55
बिहार : राज्यभर में दो अक्टूबर तक चलेगा विशेष स्वच्छोत्सव

राज्यभर में आज से शुरू हुआ स्वच्छता ही सेवा अभियान, 2 अक्टूबर तक चलेगा विशेष स्वच्छोत्सव एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। स्वच्छता ही सेवा राष्ट्रव्यापी अभियान 17 सितंबर से शुरू होगा। दिनांक 2 अक्टूबर, 2025 तक चलने वाले इस स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के लिए विशेष अभियान का संचालन किया जाएगा। इस दौरान छोटे-बड़ वर्षो पुराने कचरे के ढेरों को साफ करने के लिए विशेष अभियान संचालित होंगे। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा का थीम स्वच्छोत्सव है। नवरात्र सहित अन्य त्योहारों के दौरान पूजा पंडालों को प्लास्टिक कचरा मुक्त, स्वच्छ एवं इको फ्रेंडली बनाने पर विशेष बल दिया जायेगा।  15 दिनों तक चलने वाले इस स्वच्छोत्सव के पांच अवयव निर्धारित किये गये हैं, जो निम्न हैं-  गंदगी की ढेरों को चिह्नित कर वहां सफाई अभियान चलाया जायेगा और सभी गंदे जगहों को कचरा मुक्त बनाया जायेगा। स्वच्छोत्सव के दौरान दिनांक 25 सितम्बर 2025 को राष्ट्रव्यापी एक दिन, एक घंटा, एक साथ श्रमदान आयोजित होगा। इसके दौरान सभी लोग अपने सुविधानुसार अपने ग्राम पंचायत या निटवर्ती शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में चयनित स्थल पर आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस श्रमदान कार्यक्रम के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों, सरकारी एवं निजी कार्यालयों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, हाट-बाजार तथा जलस्रोतों या ग्राम पंचायत / नगर निकाय द्वारा चुने गये स्थलों की सफाई की जायेगी।   इस दौरान सार्वजनिक स्थलों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा तथा सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षा शिविर लगाकर उनकी स्वास्थ्य जांच, बीमा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जायेगा।  नवरात्र एवं अन्य पर्वों के दौरान उत्सव का आयोजन करने वाली पूजा समितियों को स्वच्छ और हरित त्यौहार मनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। नवरात्र, दीपावली, छठ इत्यादि पर्वों में पूजा पंडालों, धार्मिक स्थलों एवं त्योहार परिसरों को प्लास्टिक कचरा से मुक्त, स्वच्छ  और इको फ्रेंडली बनाने के लिए सभी आयोजकों को निर्देश दिया गया है। इसके लिए सभी पूजा समितियां उत्सवों के आयोजन के दौरान पूजा एवं आयोजन स्थलों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने के लिए लगातार संदेश का प्रसारण करेंगी। स्वच्छता को व्यवहार का अंग बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विविध जन-जागरूकता गतिविधियों संचालन किया जायेगा।  स्वच्छता ही सेवा का राज्य स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत बुधवार (17 सितंबर) को लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के राज्य कार्यलय किया जायेगा। साथ ही सभी जिलों में इसका शुभारंभ 17 सितंबर से किया जायेगा।

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