टीम एबीएन, रांची। बीआइटी मेसरा लालपुर सेंटर के तत्वावधान में ग्राफिक गाला विषय पर एक कलात्मक पेंटिंग और डिजिटल पोस्ट मेकिंग पर कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम का आयोजन विजुअल एंड आर्ट प्रोफार्मिंग सोसाइटी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के इंचार्ज डॉ प्रणव कुमार के द्वारा फीता काटकर किया गया।उन्होंने इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की इस अद्भुत क्षमता पर अपनी बात रखते हुए कहा की आज जब छात्रों में पढ़ाई के अत्यधिक बोझ होने से इस प्रकार की गतिविधियों से अपने को दूर रखते है पर हमारे संस्थान के प्रतिभावान छात्रों ने इससे प्रतियोगिता का रूप देकर और ही बेहतर बनाने का कार्य किया है इससे एक से एक कलात्मक पोस्टर देखने मिला है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। कार्यक्रम की संयोजक डॉ अमृता प्रियम और डॉ महुवा बनर्जी ने बताया कि पूरे प्रतियोगिता में विभिन्न प्रकार के आयोजन किया गया है, जिसमें पोस्टर मेकिंग सहित कई विषय शामिल है। निर्णायक भूमिका में डॉ सोमनाथ मुखर्जी, डॉ अमृता प्रियम, डॉ संजय कुमार, और डॉ महुवा बनर्जी उपस्थित रहे। दूसरे मुकाबला जिसका विषय क्विक वित था जिसमे प्रतिभागियों ने अपनी वाक्पटुता से अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसमें निर्णायक की भूमिका में उपस्थित थे डॉ उमेश प्रसाद और डॉ सोमित्रो चक्रवर्ती, ग्राफिक्स गाला के विजेता रहे प्रथम पुरस्कार विजेता रहे वेदिका अग्रवाल, दूसरा स्थान प्राप्त किया सुश्री संसिता झा, तीसरा पुरस्कार सयुक्त रूप से प्राची कुमारी और अनुष्का पाठक को दिया गया। दूसरा मुकाबला जिसका विषय था क्विक वित जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया है कुमार पुष्कर ने। दूसरा स्थान शिवांगी तिवारी और तृतीय स्थान अनुष्का श्रीवास्तव ने प्राप्त किया। इस पूरे आयोजन में सोसायटी के ऊजार्वान सदस्यों ने मुख्य भूमिका निभायी। सुश्री आर्य सिंघल, शिवांगी, सृष्टि राज, ऐंजल, प्रांजल, अरुणिमा, राजवीर, नेनशी, खुशी मोहनी उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, रांची। क्विज़्ज़ार्ड 2024 प्रतियोगिता का भव्य आयोजन आज बी आई टी मेसरा लालपूर में सम्पन्न हुआ आज के समापन से पहले कुल आठ टीमो के बीच कठिन मुकाबले में विजेता आईटीआईए ने अपनी ऊर्जावान प्रदर्शन से प्रतियोगिता के साथ ही दर्शकों का दिल भी जीत लिया। उपविजेता का खिताब ब्रेंस्ट्रोमर्स ने प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता के आयोजन समिति के अध्यक्ष गरुवेंद्र सिंह ने उपस्थित निर्णायक मंडल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे प्रबंधन के शिक्षक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव डॉ आशुतोष मिश्रा, डॉ संदीप नाथ शाहदेव की महत्वपूर्ण और ईमानदार निर्णय पर उन्हें बधाई दी।आज के समापन समारोह में विजेता और उप विजेता घोषित टीमो सहित प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनको उत्साह बढ़ाते हुए डॉ प्रणव कुमार ने कहा कि आज युवाओं में क्रिकेट फुटबॉल को ही खेल के रूप में जानते हैं और खेलते हैं पर प्रबंधन के छात्रों ने पढ़ाई को भी खेल का रूप देकर एक बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खेल ही खेल में प्रबंधन के गुणों को सीखने के लिए इस प्रकार के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है उन्होंने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों को बधाई दी और विजेता घोषित टीम को स्वर्ण पदक और उपविजेता टीम को रजत पदक पहना के सम्मानित किया।आज के इस समापन समारोह में डॉ जीपी मिश्र, डॉ प्रदीप मुंडा डॉ संजय कुमार, डॉ सोमनाथ मुखर्जी सहित आयोजन में अपनी बेहतरीन भूमिका निभाने वाले सिरेन्द्र सिंह, यस वर्धन, विल्सन, सिमरन शाहदेव, सहित सैकड़ों छात्र और छात्राओं ने भाग लिया।इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी राणा प्रताप मिश्रा ने विज्ञप्ति जारी कर दिया।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 3 अक्टूबर को बीआइटी मेसरा लालपुर के तत्वावधान में क्विज्जार्ड 2024 का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य व्यवसाय और प्रबंधन के क्षेत्र में ज्ञान और जागरूकता को बढ़ाना है।इसका आयोजन प्रतिष्ठित आयोजन समिति ने किया गया। इस कार्यक्रम में अपने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रभारी डॉ प्रणव कुमार ने इस प्रकार के शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर व्यावसायिक सेमिनार कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस प्रकार के व्यवसाय प्रतियोगिता आयोजित कर इस प्रकार प्रबंधन के गुणों को समझा जा सकता है। समन्यक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने इस प्रकार के आयोजन के लिए समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। व्यवसाय और प्रबंधन के प्रति जागरूकता के लिए भविष्य में इस प्रकार के और आयोजन पर बल दिया। आज के कार्यक्रम में डॉ जी पी मिश्र, डॉ आशुतोष मिश्रा, डॉ आनंद कुमार सहित समिति के गुरुवेद्र सिंह, वंश वर्धन, ऋतिक, विनीत साक्षी जैन सहित सभी सदस्यों ने भाग लिया।
टीम एबीएन, रांची। गांधी जयंती और श्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आज डीएवी पब्लिक स्कूल कडरू, हेहल, पुनदाग, बारियातू, नीरजा सहायक, गांधीनगर और आनंद स्वामी समेत अन्य डीएवी के छात्रों, शिक्षकों ने रन फॉर डीएवी मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया। दौड़ के समापन पर जेएससीए स्टेडियम के बाहर एक सामूहिक सभा हुई। इस सभा में गांधी जी और शास्त्री जी के चरित्र को अपनाने और उनकी राह पर चलने का संकल्प लिया गया तथा दौड़ में भाग प्रथम, द्वितीय और तृतीय आनेवाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।यह मैराथन दौड़ धुर्वा गोलचक्कर से शालीमार होते हुए जे.एस.सी.ए. स्टेडियम पर समाप्त हुई। इस मैराथन दौड़ में डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल कडरू के प्राचार्य एम के सिन्हा, डीएवी पुनदाग के प्राचार्य श्री एस के मिश्रा और डीएवी आनंद स्वामी की प्राचार्या श्रीमती रौशी वधावन ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। उक्त जानकारी डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल, कडरू रांची के आलोक इंद्र गुरु ने दी।
विद्यार्थियों ने चलाया स्वच्छता अभियान तथा उन्होंने रन फॉर डीएवी में भाग लियाटीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग, रांची में धूमधाम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनायी गयी। इस अवसर पर भारत माता के दोनों अमर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वच्छता रैली निकाली तथा स्वच्छता पखवाड़ा मानते हुए पुंदाग में स्वच्छ भारत अभियान चलाया। इस अवसर पर पूरे भारत में रन फॉर डीएवी कार्यक्रम आयोजित किया गया। रांची के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ-साथ एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग के विद्यार्थियों ने भी अपने पचास शिक्षक तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के साथ इस मैराथन रेस में भाग लिया। ध्यातव्य रहे कि उक्त रेस धुर्वा गोलचक्कर से जेएससीए स्टेडियम के मुख्य द्वार तक रखा गया था, जिसमें कक्षा द्वादश के कृति कृष्णा ने प्रथम, आर्यन सिंह ने द्वितीय तथा सूरज कुमार महतो ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तीनों विजयी प्रतिभागियों को मेडल प्रदान करके सम्मानित किया गया। प्राचार्य संजीत कुमार मिश्र ने अपने संदेश में कहा कि बापू की दूरदर्शिता ही थी कि उन्होंने अस्वच्छता को अंग्रेजों से भी बड़ा शत्रु बताया था और उससे भी आजादी पाने के लिए आंदोलन चलाया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे असाधारण व्यक्तित्व के स्वामी थे। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने भारत का कद ऊंचा किया, कभी विदेशी ताकतों के सामने नहीं झुके। उनके दिये हुए नारे जय जवान, जय किसान... की प्रासंगिकता सदैव बनी रहेगी। दोनों महान विभूतियों को विद्यालय परिवार की ओर से शत-शत नमन...। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित रन फॉर डीएवी का उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने रन फॉर डीएवी के सभी विजयी प्रतिभागियों को बधाई तथा शुभ कामनाएं भी दीं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। कार्तिक उरांव महाविद्यालय के बीएड संकाय में शैक्षणिक सत्र 2024-26 का विधिवत शुभारंभ आज महाविद्यालय परिसर में हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शमशुन निहार ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और उपस्थित छात्र-छात्राओं व संकाय सदस्यों को संबोधित किया। प्राचार्य महोदय ने अपने उद्घाटन भाषण में छात्रों को शिक्षण क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा- बीएड का यह सत्र आपके लिए केवल शिक्षण प्रशिक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आपको एक जिम्मेदार शिक्षक और समाज के भविष्य निमार्ता बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य न केवल अकादमिक उत्कृष्टता है, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना है। इस अवसर पर प्रमुख अतिथि डॉ प्रसनजीत मुखर्जी ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, आज का शिक्षण पेशा न केवल बच्चों को ज्ञान प्रदान करने तक सीमित है, बल्कि शिक्षकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे छात्रों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें। उन्होंने आधुनिक शिक्षा पद्धतियों और तकनीकी ज्ञान को आत्मसात करने पर भी जोर दिया। महाविद्यालय के बीएड संकायाध्यक्ष डॉ राकेश प्रसाद ने नए छात्रों का स्वागत करते हुए शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि यह सत्र विशेष रूप से नये शैक्षिक मानकों और नवाचारों पर आधारित होगा, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। कार्यक्रम का संचालन प्रो नीलम प्रतिमा मिंज ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ मनोज कुमार साहू ने दिया। मौके पर संकाय के अन्य सदस्य, कर्मचारीगण, और नव-प्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्रों के लिए एक परिचय सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और आने वाले शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गयी। डॉ दीपक प्रसाद ने कहा की विद्यार्थी शिक्षकों की जीवन में पेड़ की पत्तियों की तरह होते हैं जैसे हर वर्ष की भांति पेड़ में नयी पत्तियां लगती हैं इस प्रकार से शिक्षकों के जीवन में भी यह सिलसिला जारी रहती है। मौके पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने अपने-अपने विचार रखे और छात्रों का स्वागत किया। डॉ सिलास, प्रो अन्नूतलान मिंज, प्रो मंती, प्रो राजेश रंजन, प्रो नीपेंद्र कुमार सेठ, प्रो सरिता प्रो शिल्पी, संजय बड़ाईक, शांता, कुंती उपस्थित रहे। जिसकी जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ दीपक प्रसाद (8935984266) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों को पिछले 16 महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिसको लेकर आज भी वे छठे दिन रांची विश्वविद्यालय परिसर में धरना पर बैठे रहे। 125 शिक्षकों के धरने पर बैठने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। कई सारे विभाग पूरी तरफ से ठप हो गये हैं। किसी भी प्रकार का शैक्षणिक तथा गैर शैक्षिक कार्य नहीं हो पा रहा है। वहीं संघ के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई लिखाई को लेकर न विश्वविद्यालय प्रशासन और न उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग को चिंता है। हमारी समस्या इतनी बड़ी नहीं है कि इसका त्वरित निष्पादन नहीं सकता है, लेकिन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के लापरवाही के कारण यह समस्या विकराल होती जा रही है। वहीं डॉ धीरज सिंह ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के लिए भवन निर्माण का कार्य होता तो तुरंत राशि का भुगतान हो जाता। शाम 3:30 बजे कुलपति अजीत सिंह से शिक्षकों की मुलाकात हुई तथा उन्होंने लिखित रूप से डॉ तस्लीमा परवीन के निधन से संबंधित पत्र अर्पित किया गया। आज धरने में डॉ धीरज कुमार सिंह सूर्यवंशी, दीपशिखा, सूरज विश्वकर्मा, आलोक कुमार, अभिषेक आर्यन, आसिफ अली, डॉ राजू हजाम, डॉ शुभम सौरभ, सुजीत कुमार अनीश काका डॉ आशीष डॉ सतीश तिर्की, साबिर लकड़ा, अंजना, गीता, आकांक्षा स्वरूप, आदि सहित भारी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अतिथि शिक्षक संघ से मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने प्रधान सचिव राहुल पुरवार को इस बाबत अविलंब आवश्यक करवाई हेतु निर्देशन किया। उक्त जानकारी झारखंड अतिथि शिक्षक संघ के शिक्षक नेता डॉ धीरज सिंह सूर्यवंशी ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 24 /9/24को बी आई टी मेसरा लालपुर में अकेडमिक फोरम के संयोजक सुश्री अनुपमा सहाय के नेतृत्व में एक कार्यशाला आयोजित किया गया जिसका विषय था सॉफ्ट स्किल फिजिकल मोड़ इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे।प्रोफेसर पी के डेविड उन्होंने विद्यार्थियों को अपने संबोधन में बोलते हुए कहा कि शारीरिक और भौतिक रूप से जहाँ वस्तु और वेक्ति भौतिक रूप से उपलब्ध होते है इसके कई लाभ है जो इस विषय के महत्व को बतलाता है वयक्ति संपर्क में होता है और आपसी संवाद करता है शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य लाभ भौतिक अनुभव को एक दूसरे को बतलाता है।प्रबंधन के प्रथम वर्ष के छात्रों को इससे उनके अधिकारी बनने पर सहयोगी होता है। आज के इस कार्यशाला में प्रभारी डॉ प्रणव कुमार ड़ॉ आशुतोष मिश्रा, डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव, श्री मनोज गिरी सहित प्रबंधन विभाग के सैकड़ों छात्र और छात्राएं उपस्थित हुए
परीक्षार्थियों में आक्रोश एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। जिले के कुल 18 परीक्षा केंद्रों पर जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा शनिवार को हुई। इनमें एक परीक्षा केंद्र राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान (स्थल कोड 606) पर परीक्षार्थियों को केंद्रीधीक्षक और वीक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों ने प्रथम पाली की परीक्षा में द्वितीय पाली का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया। इस कारण परीक्षार्थियों के समक्ष अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी। ओएमआर शीट भरने के बाद उन्हें ह्वाइटनर लगाकर परीक्षा देने का निर्देश दिया गया। परीक्षार्थियों ने कहा कि इस परीक्षा में ह्वाइटनर का प्रयोग या ओवर राइटिंग वर्जित है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र मिलने के बाद ओएमआर शीट भरना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद केंद्राधीक्षक और वीक्षकों को पता चला कि सभी परीक्षार्थियों को पहली पाली की जगह दूसरी पाली का प्रश्नपत्र दे दिया गया है। आनन-फानन में केंद्राधीक्षक और वीक्षकों ने सभी परीक्षार्थियों को ह्वाइटनर का इस्तेमाल करने को कहा। इस पर परीक्षार्थियों ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में ह्वाइटनर का प्रयोग या ओएमआर शीट में किसी प्रकार की छेड़छाड़ उचित नहीं है। इससे तो वे डिसक्वालिफाई हो जायेंगे। इस पर सभी परीक्षार्थियों को केंद्राधीक्षक और वीक्षकों ने कहा कि ऐसा करने के लिए आदेश मिला है।परीक्षा देकर निकलने के बाद पारूल कुमारी समेत अन्य परीक्षार्थियों ने बताया कि राजकीय पॉलिटेक्निक परीक्षा केंद्र में उनका सेंटर था। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। प्रथम पाली की परीक्षा में दूसरी पाली का प्रश्नपत्र दे दिया गया है। ओएमआर शीट भरने के बाद केंद्राधीक्षक और वीक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों ने ह्वाइटनर लगाने को कहा, जबकि ह्वाइटनर या ओवर राइटिंग इस तरह की परीक्षा में मान्य नहीं है। ऐसा करने से इनकार करने पर उन्हें समझाया गया कि ऊपर से आदेश मिला है। आप सभी ऐसा ही करें। इसलिए इस मामले की जांच होनी चाहिए और संबंधित केंद्र के केंद्राधीक्षक और वीक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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