टीम एबीएन, रांची। इंदौर के रेडिसन ब्लू होटल में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में पियरे फोरचर्ड अकेडमी की ओर से प्रोफेसर डॉक्टर अंशु साहू आर्थोडॉंटिस्ट को फेलोशिप प्रदान किया गया। यह सम्मान इस बार पूर्वी भारत के कुल 8 लोगों को दिया गया है। जिसमें 5 झारखंड के और 3 बिहार से थे। पियरे फोरचर्ड अकेडमी हर साल एक दीक्षांत समारोह और पुरस्कार समारोह का आयोजन कर दंत चिकित्सा पेशे में उनके योगदान के लिए योग्यता के आधार पर देश के योग्य दंत चिकित्सा पेशेवरों को एक फेलोशिप देता है। ज्ञात हो कि 1936 में स्थापित, पियरे फौचर्ड अकादमी एक अंतरराष्ट्रीय दंत चिकित्सा सम्मान संगठन है, जिसने दुनिया भर में 7000 से अधिक फेलो हैं। डॉक्टर अंशु साहू 22 साल से झारखंड में दंत चिकित्सा के आधुनिक, वैज्ञानिक उपचार प्रदान कर रहे हैं। साथ ही सकारात्मक सामाजिक गतिविधियां और विभिन्न संस्थानों में भाषण -व्याख्यान देने का ख्याति प्राप्त है। देश विदेश के प्रसिद्ध दंत चिकित्सकों - संस्थानों ने डॉक्टर अंशु साहू को विभिन्न पुरस्कार से सम्मानित किया है। ज्ञात हो की डॉक्टर साहू के परिवार में अनेक डाक्टर्ज और सर्जन हैं जो कई देश में कार्यरत हैं। इनके पूर्वजों ने रांची का पहला नर्सिंग होम शुरू किया जो आज भी मानव सेवा परम धरम मानते हैं। इस उपलब्धि पर अखिल भारतीय शौण्डिक संघ, झारखंड प्रदेश शौण्डिक संघ, पंचपरगना सूंड़ी संघ झारखंड, छतीसगढ़ सूंड़ी समाज सहित देश के और कई राज्यों के सामाजिक संगठनों ने डॉ अंशु साहू को मिल रहे सम्मान के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी है।
कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने दी मंजूरीएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कैबिनेट की शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें तमाम फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में 85 केंद्रीय और 28 नए नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे। ये विद्यालय उन जिलों खोले जाएंगे जिनको नवोदय विद्यालय योजना के तहत कवर नहीं किया गया है। इसके अलावा बैठक में हरियाणा से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिल्ली मेट्रो के 26.46 किलोमीटर लंबे रिठाला-कुंडली कॉरिडोर को मंजूरी दी गयी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए पीएम श्री लाया गया। सभी केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों के रूप में नामित किया गया है। ताकि उन्हें मॉडल बनाया जा सके।उन्होंने कहा कि नये केंद्रीय विद्यालय खुलने से देश भर में 82 हजार से अधिक छात्रों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। मौजूदा समय में 1256 कार्यात्मक केंद्रीय विद्यालय हैं। इनमें तीन विदेश में हैं। इनमें मॉस्को, काठमांडू और तेहरान शामिल हैं। 13.56 लाख छात्र इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
एबीएन कैरियर डेस्क। बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा के जैव अभियांत्रिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित उभरते रुझान: ट्रांसलेशनल बायोइन्फॉर्मेटिक्स (ET2B 2024) पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन, जो 5 दिसंबर से 7 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है।जैव सूचना विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकासों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर चर्चा के लिए शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों और छात्रों को एक मंच पर लेकर आया। सम्मेलन का उद्घाटन 5 दिसंबर को हुआ, जिसमें एक भव्य उद्घाटन समारोह ने आयोजन की शुरुआत की। इसमें गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत, दीप प्रज्वलन और प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ। जैव अभियांत्रिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख, डॉ कुनाल मुखोपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए जैव सूचना विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और उनकी स्वास्थ्य सेवा में भूमिका को रेखांकित किया।बीआईटी मेसरा के कुलपति, डॉ. इंद्रनील मन्ना, ने अपने प्रेरणादायक भाषण में संस्थान की शोध और अंतःविषय क्षेत्रों में योगदान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।उन्होंने संस्थान की नवाचार की विरासत और भविष्य को आकार देने में इसके योगदान को रेखांकित किया।सम्मेलन के सम्माननीय अतिथि, डॉ डी सुंदर, निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ बायोइन्फॉर्मेटिक्स एंड एप्लाइड बायो टेक्नोलॉजी (IBAB), बेंगलुरु, ने जैव सूचना विज्ञान के बदलते परिदृश्य और इसके वैश्विक प्रभाव पर अपने विचार साझा किये। मुख्य अतिथि और नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज (NCBS), बेंगलुरु के निदेशक, डॉ एलएस शशिधर ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने ट्रांसलेशनल बायोइन्फॉर्मेटिक्स के महत्व को रेखांकित किया, जो डेटा विज्ञान और वास्तविक दुनिया के जैविक समाधानों के बीच की खाई को पाटता है। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक) के माध्यम से स्वास्थ्य के लिए नये समाधान प्रदान करने की संभावनाओं पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीकों पर प्रकाश डाला और बताया कि इनसे शोध कार्य कैसे अधिक आसान और प्रभावी हो गया है। इस उद्घाटन सत्र का समापन सम्मेलन के संयोजक, डॉ आलोक जैन, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिभागियों और आयोजन टीम को इस सफल आयोजन में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ट्रांसलेशनल बायोइन्फॉर्मेटिक्स के भविष्य और वर्तमान चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जायेगा। प्रत्येक दिन एक विशेष थीम पर केंद्रित होगा:पहला दिन (5 दिसंबर): एआई-एमएल और बिग डेटा का रोग विज्ञान में अनुप्रयोगदूसरा दिन (6 दिसंबर): आणविक मॉडलिंग और संरचनात्मक जैव सूचना विज्ञानतीसरा दिन (7 दिसंबर): रोग समझने में सिस्टम बायोलॉजी और गणितीय बायोलॉजीइस सम्मेलन को SERB, DBT, CSIR, NASI जैसी वित्तीय एजेंसियों और उद्योग भागीदार Esconet का समर्थन प्राप्त है। फ्रांस, जर्मनी और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों के 200 से अधिक शोधकर्ता इस आयोजन का हिस्सा बने।उभरते रुझान: ट्रांसलेशनल बायोइन्फॉर्मेटिक्स पर यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिल देव में आज स्पिक मैके संस्था की ओर से प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक अजय पोहनकर जी ने शानदार शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया। उन्होंने राग अहीर भैरव में, अलबेला सजन आयो रे अलबेला की प्रस्तुति की। बाद में उन्होंने बहुत सारे बच्चों को मंच पर बुलाकर बिठाया और शास्त्रीय संगीत की बारीकियां समझायीं। श्री पोहनकर ने राग अहीर भैरव को विलंबित तथा मध्यम लय में गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। बाद में उन्होंने एक भजन भी गाया जिसमें बच्चों ने भी भाग लिया। डीएवी झारखंड जोन बी के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी और विद्यालय के प्राचार्य श्री एमके सिन्हा ने इस अवसर पर आयोजक स्पिक मैके संस्था तथा कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर स्पिक मैके संस्था के राजीव रंजन, शास्त्रीय गायक अजय पोहनकर, तबला वादक मिथिलेश कुमार झा, सारंगी वादक अलारक्खा कलावंत , झारखंड साइकोग्राफिक सोसाइटी के विकास कुमार, सीएस ठाकुर, अरुण कुमार मंडल समेत वर्ग आठ और नौ के बच्चे मौजूद थे। सभा का संचालन प्रेम जीत सारंगी ने किया। उक्त जानकारी डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के प्रेस प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने दी।
झारखंड सरकार ने राज्य के बच्चों के लिए उठाया बेहतर कदमनये अभियान से भविष्य बनेगा उज्ज्वलटीम एबीएन, रांची। देश की जानी -मानी कंपनी इंडस टावर्स लिमिटेड ने डिजिटल शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अभिनव प्रयोग किया है। इसके तहत झारखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में वंचित समुदाय के बीच घर-घर जाकर एक डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन वैन के माध्यम से लोगों को डिजिटल शिक्षा प्रदान की जायेगी। यह कार्य एनआईआईटी फाउंडेशन के साथ भागीदारी में किया जा रहा है।इस संबंध में इंडस टावर्स लिमिटेड के सकिर्ल सीईओ रितेश बत्स, सर्किल एचआर हेड शाहनवाज अहमद तथा सकर्ल ओ एंड एम हेड पंकज सिन्हा ने बताया कि झारखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में सामाजिक निगमित दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन वैन (डीटीवी) के माध्यम से डिजिटल शिक्षा के प्रसार की शुरुआत की गयी। झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी और ई गवर्नेंस विभाग की सचिव विप्रा भाल ने आज इसका उद्घाटन केराली पब्लिक स्कूल (नेवरी विकास) रांची से किया।इस अवसर पर भाल ने कहा कि डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन वैन के माध्यम से झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के बच्चे-बच्चियों को कंप्यूटर शिक्षा और इसकी तकनीक के बारे में जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान युग कंप्यूटर तथा डिजिटल का है और इसके लिए अभी से ही बच्चे-बच्चियों को जानकारी सुलभ कराना उनके भविष्य के लिए बेहतर कदम है।इंडस टावर्स के अधिकारियों ने इस मौके पर बताया कि 20 सीटर इस डिजिटल वैन को विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है जिसमें सौर ऊर्जा से चलने वाला कंप्यूटर, प्रिंटर और ई लर्निंग टूल भी लगाये गये हैं। यह डिजिटल वैन उच्च दक्षता वाले सौर पैनल से सुसज्जित है जो अपनी आवश्यकता के लिए प्रतिदिन 15 किलोवाट ऊर्जा उत्पन्न करता है। इसके अलावा सौर मॉड्यूल की विफलता की स्थिति में वैकल्पिक स्रोत के रूप में वाहन में बैटरी के साथ यूपीएस, 5.5 केवीए जनरेटर और डायरेक्ट एसी लाइन केबल भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, उद्यमिता, प्रशिक्षण और आम सार्वजनिक सेवा तक डिजिटल पहुंच प्रदान करने के लिए इस अभियान की शुरुआत की गयी है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इसको लेकर जो फीडबैक आये हैं वह काफी उत्साहजनक है और लोगों में इस अभियान को लेकर काफी उत्सुकता है। कंपनी के सकर्ल सीइओ रितेश बत्स ने बताया कि इस डिजिटल वैन के माध्यम से बच्चों को प्रशिक्षित करने के उपरांत उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जायेगा।
रेलवे की यूनिवर्सिटी बड़ोदरा में राजनंदनी को मिला स्वर्ण पदक एक प्रेरणादायक सफलताएबीएन कैरियर डेस्क। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता नीरज भट्ट की पुत्री रांची के जेवीएम श्यामली की छात्रा राजनंदनी ने भारतीय रेलवे की गतिशक्ति यूनिवर्सिटी बड़ोदरा से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन) की पढ़ाई मे सफलता हासिल करते हुए टॉपर हुई। टॉपर होने पर राजनंदनी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेश पटेल द्वारा संयुक्त रूप से स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए राजनंदनी को बधाई देते हुए कहा है। रांची की बेटी ने बीटेक में उत्कृष्टता के साथ स्वर्ण पदक प्राप्त कर झारखंड के गौरव को बढ़ाया है। यह एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। जो न केवल शिक्षा के क्षेत्र में योगदान की मिसाल प्रस्तुत करती है, बल्कि महिलाओं के प्रति समाज की बदलती सोच को भी उजागर करती है। इस सफलता का महत्व सिर्फ इस तथ्य में नहीं है कि छात्रा ने अपनी कड़ी मेहनत से बीटेक में उत्कृष्टता प्राप्त की, बल्कि यह भी कि उसने पारंपरिक सोच को चुनौती दी। भारतीय समाज में आमतौर पर शिक्षा और करियर के मामलों में लड़कियों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अवसर कम होते हैं।लेकिन इस छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि कोई भी बाधा महिलाओं को उनके सपनों को पूरा करने से रोक नहीं सकती। रेलवे की यूनिवर्सिटी बड़ोदरा का शिक्षा क्षेत्र में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होती है, जिससे वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करते हैं, बल्कि देश की समग्र प्रगति में भी अपना योगदान देते हैं। स्वर्ण पदक प्राप्ति का यह अवसर इस बात का प्रतीक है कि सही मार्गदर्शन, प्रयास और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह उपलब्धि हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, खासकर उन लड़कियों के लिए जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्षरत हैं। नीरज भट्ट ने बताया कि वर्तमान में राजनंदनी भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग एवं दूरसंचार संस्थान सिकंदराबाद (तेलंगाना) के सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर के पद पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। इनकी पदस्थापना मुंबई डेडीकेटेड फ्रेंट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, रेल मंत्रालय भारत सरकार मे जनवरी में पदस्थापित होंगी।
टीम एबीएन, रांची। बीआईटी मेसरा में आयोजित प्रो सीताराम शर्मा मेमोरियल ट्रॉफी फैकल्टी क्रिकेट लीग के 13वें संस्करण का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट के दूसरे दिन रविवार को चौथा मैच आरसीपी बनाम ईबीएस खेला गया। जिसमें टॉस जीतकर आरसीपी ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया।12 ओवर में तीन विकेट पर 117 रन बनाये। जिसमें चंचल ने नाबाद 61 रन, अजय ने 22 रन, ईबीएस की ओर से दुर्गा और कार्तिक ने 1-1 विकेट लिया। जवाब में ईबीएस ने 12 ओवर में 42/6 रन बनाये। आरसीपी 75 रनों से विजयी रही। मैन आफ द मैच चंचल रहे। पांचवां मैच सीएसके बनाम एमएसडी खेला गया। जिसमें टॉस जीतकर सीएसके ने पहले फील्डिंग का फैसला लिया। एमएसडी ने 12 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 91 रन बनाये। एमएसडी के लिए रवि ने सर्वाधिक 28 रन बनाये। सीएसके के लिए मुस्तफी, रजनीश और जितेंद्र ने 1-1 विकेट लिया। जवाब में सीएसके ने 92/6 रन बनाये। सीएसके के लिए श्रीधर ने नाबाद 43 रन बनाये और मैन आफ मैच चुने गये। सीएसके ने 4 विकेट से जीत दर्ज की।वहीं छठा मैच आरसीपी बनाम आरएडी खेला गया। जिसमें टॉस आरसीपी ने जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। आरसीपी की टीम छह विकेट खोकर 57 रन बना सकी। आरएडी के लिए संजय ने 2, आदर्श और मनोज ने 1-1 विकेट लिया। जवाब में आरएडी का स्कोर 55/8 रहा। आरएडी के लिए अरविंद ने 18 रन बनाये। आरसीपी 3 रनों से विजयी रही। अजय, आकाश और आलोक ने दो-दो विकेट लिये। मैन आफ द मैच अजय रहे।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में धूमधाम से संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। विद्यार्थियों द्वारा सविधान पर आधारित सूचनापट्ट साज - सज्जा के साथ प्रदर्शित किया गया।समाज विज्ञान विभाग द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम संविधान के निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की गयी। कुमार कुशाग्र ने संविधान निर्माण की चुनौतियां विषय पर भाषण दिया तथा संविधान के महत्त्व को प्रतिपादित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान में वर्णित नियमों का पालन करने की प्रतिज्ञा दिलवायी। कक्षा दशम की सिद्रा अयाज ने प्रश्नोंत्तरी आयोजित की। कक्षा सप्तम के कौशिक पटेल ने भी अपना विचार रखा। शिक्षक राजीव रंजन सिन्हा ने एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय पर प्रकाश डाला। जिसपर कक्षा दशम के विद्यार्थियों के बीच वाद- विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी। विषय के पक्ष में तर्क देनेवाले शुभ तथा विपक्ष में तर्क देनेवाले अर्श को विजेता घोषित किया गया।प्राचार्य एसके मिश्र ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जागरूकता उत्पन्न करने के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने समाज विज्ञान विभाग के इंदिरा घोष, राजीव रंजन कुमार सिन्हा, जेनिफर खन्ना, आशा ममता कुजूर, कुमार कुशाग्र को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।विद्यार्थी संविधान के विभिन्न पहलुओं को सबके समक्ष विभिन्न विधाओं द्वारा प्रदर्शित करें। एश्ले गुप्ता ने मंच संचालन किया। सभा में कक्षा दशम के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित थे।सभा का समापन शांतिपाठ के साथ हुआ।
एबीएन कैरियर डेस्क। डीएवी कपिल देव की सातवीं कक्षा की छात्रा समृद्धि ने डीवीसी द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकारी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बीईई (ऊर्जा संरक्षण विभाग) ने पलाश भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में विजेता समृद्धि कुमारी को 50000 का चेक सौंपा। डीएवी झारखंड जोन बी के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी सह डीएवी कपिल देव के प्राचार्य एमके सिन्हा ने विजेता छात्रा और उसके परिवार को बहुत शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि छात्रों को पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए इससे हमारा चतुर्दिक विकास होता है। मौके पर विद्यालय के कला शिक्षक विश्वनाथ चक्रवर्ती भी मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल कडरू, रांची के आलोक इंद्र गुरु ने दी।
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