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उच्च शिक्षा की ओर बढ़े झारखंड के कदम : हेमंत सोरेन
Published / 2025-02-18 17:59:04
उच्च शिक्षा की ओर बढ़े झारखंड के कदम : हेमंत सोरेन

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा की ओर बढ़ेंगे हम... टीम एबीएन, रांची। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग सहित राज्य के सभी यूनिवर्सिटीज में कार्यों को सुगम बनाने के लिए आनलाइन सुविधा की शुरुआत हुई। इसके लिए छह पोर्टल जैसे सीएम फेलोशिप फॉर एक्सीलेंस पोर्टल, पे एंड वेरिफिकेशन सिस्टम पोर्टल, प्राइवेट विवि पोर्टल, वित्त रहित कॉलेज अनुदान पोर्टल, अप्रेंटिसशिप मैनेजमेंट पोर्टल, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम लांच किये गये। उक्त जानकारी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी। वे उच्च शिक्षा को लेकर आयोजित विभिन्न पोर्टलों की शुरुआत कर रहे थे। साथ ही, रांची विज्ञान केंद्र, रांची के नव प्रवर्तन केंद्र एवं झारखण्ड अनुसंधान एवं नवाचार नीति-2025 हेतु राज्य स्तरीय कार्यशाला का भी शुभारंभ किया।

खूंटी : बिरसा कॉलेज के मुंडारी विभाग में शिक्षक, छात्र-अभिभावक वार्षिक बैठक संपन्न
Published / 2025-02-17 20:34:52
खूंटी : बिरसा कॉलेज के मुंडारी विभाग में शिक्षक, छात्र-अभिभावक वार्षिक बैठक संपन्न

एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी/ रांची। बिरसा कॉलेज खूंटी के मुंडारी विभाग में शिक्षक छात्र अभिभावक वार्षिक बैठक दिनांक 17 फरवरी 2025 दिन सोमवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बीए और एमए के विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों के साथ-साथ बिरसा कॉलेज खूंटी की प्राचार्या महोदया जीके किड़ो एवं मुंडारी विभाग के शिक्षकगण उपस्थित थे। मौके पर सर्वप्रथम बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया एवं पारंपरिक तरीके से नृत्य संगीत के साथ अभिभावकों का स्वागत किया गया। अभिभावकों को विद्यार्थियों ने चंदन के टीके लगाये। तत्पश्चात उन्हें सम्मानपूर्वक मल्टीपरपज हॉल में बैठाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अभिभावकों के स्वागत में विद्यार्थियों ने गोवारी दुरंग एवं स्वागत गीत गाये। तत्पश्चात अभिभावकों का स्वागत करते हुए अपने विभाग की विभागाध्यक्ष सहायक प्राध्यापिका सावित्री कुमारी ने स्वागत करते हुए कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के शैक्षणिक गतिविधियों को जानने के लिए समय-समय पर कॉलेज आने की जरूरत है। कॉलेज के प्राभारी प्राचार्या जीके किड़ो ने अभिभावक मीटिंग की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों के सुझाव की भी जरूरत है। कॉलेज की गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों को होनी चाहिए। इस कार्यक्रम को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी परंपरा भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में अपना योगदान देने की जरूरत है। अभिभावकों को अपनी पीढ़ी को इसे हस्तानांतरित करनी चाहिए। प्राचार्या ने अभिभावकों से कहा कि अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए खेती के साथ-साथ दूसरे कृषि से संबंधित व्यवसाय को भी अपनाने की जरूरत है। मुंडारी विभाग के सहायक प्राध्यापिका इंदिरा कोनगाड़ी के द्वारा नई शिक्षा नीति और पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सहायक प्रोफेसर काली मुंडू सर ने शिक्षा और रोजगार पर प्रकाश डाला एवं सहायक प्रोफेसर वासुदेव हास्सा सर एवं नागपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ कॉनेलियुस मिंज ने भी अपने विचार रखे। अभिभावकों में साहू हांसदा गाबोर मुंडू एवं एस. एस. स्कूल की भूतपूर्व प्रधानाध्यापिका रानी टूटी ने भी अपने विचार रखें। इस कार्यक्रम में नागपुरी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ अंजूलता कुमारी, सुनीता टोप्पो और मुण्डारी विभाग के सैकड़ो विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ सिजरेन सुरीन ने आकर्षक तरीके से की एवं धन्यवाद ज्ञापन इंदिरा कोनगाड़ी द्वारा किया गया।

गोवा युनिवर्सिटी से आये छात्रों ने झारखंड की कला संस्कृति और रांची विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों को देखा
Published / 2025-02-17 18:23:06
गोवा युनिवर्सिटी से आये छात्रों ने झारखंड की कला संस्कृति और रांची विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों को देखा

गोवा युनिवर्सिटी के छात्रों ने रांची विश्वविद्यालय के कई विभागों का भ्रमण कियाटीम एबीएन, रांची। अकादमिक एवं कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत गोवा युनिवर्सिटी से छात्रों शिक्षकों की टीम 17-19 फरवरी तक रांची विश्वविद्यालय आयी है। गोवा से छात्रों के साथ समन्वयक डॉ वाल्टर मेनेजेस भी आये हुए हैं जा दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं।   सोमवार 17 फरवरी 2025 को गोवा युनिवर्सिटी से आये छात्रों /शिक्षकों की टीम का बेसिक साइंस परिसर में झारखंड की परंपरा के अनुसार गीत संगीत नृत्य से भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के बाद का कार्यक्रम रांची युनिवर्सिटी के आइक्यूएसी कांफ्रेंस हॉल में किया गया।  गोवा युनिवर्सिटी से आयी टीम को माननीय कुलपति रांची विश्वविद्यालय प्रो डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने यहां आने के लिए स्वागत करते हुए आभार जताया और कहा कि वह झारखंड की संस्कृति और रांची विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को करीब से देखें। आइक्रूएसी सभागार में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम तथा आइकेएस की कोर्डिनेटर डॉ स्मृति सिंह ने गोवा युनिवर्सिटी के छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि आप झारखंड आये हैं, हम आप सभी का जोहार करते हैं। हमारा झारखंड बहुत ही सुंदर और कला संस्कृति का धनी राज्य है। रांची युनिवर्सिटी झारखंड का सबसे पुराना युनिवर्सिटी है जिसकी प्रतिष्ठित अकादमिक संस्कृति है। हम चाहेंगे कि आप इन सब चीजों को यहां देखें। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम में आपने अकादमिक एवं कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के लिये झारखंड का चुनाव किया इसके लिए हम आप सभी के आभारी हैं। इसके बाद गोवा से आयी टीम के सभी सदस्यों को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न और झारखंडी गमछा ओढ़ा कर स्वागत किया गया। डीएसडबल्यू डॉ एसके साहु ने सबों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत बहुत बड़ा देश है। यहां भाषा संस्कृति में बहुत सारी विविधताएं हैं। हम चाहेंगे कि आप यहां झारखंड को नजदीक से देखें और अच्छे से जानें। डॉ बी के सिन्हा ने कहा कि गोवा की मेहमानबाजी बहुत अच्छी है और हम चाहेंगे कि आप सभी झारखंड के मेहमान बाजी को देखें और महसूस करें। वहीं एनएसस के कोर्डिनेटर डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि भले देश बड़ा है भिन्न-भिन्न संस्कृतियां हैं, पर हम सबों में बहुत समानताएं भी हैं। ह्युमेनिटी डीन डॉ अर्चना दूबे ने जोहार कर संस्कृत में स्वागत गीत सुनाया और एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत आयी टीम का स्वागत किया और झारखंड आने पर सबों का आभार जताया। गोवा से आयी टीम के समन्वयक डॉ वाल्टर मेनेजेस तथा सभी सदस्यों ने इस अवसर पर कहा कि हम झारखंड की राजधानी रांची आकर अभिभूत हैं। यह एक सुंदर और सुविधाओं से युक्त है, रांची विश्वविद्यालय  की  उन्होंने सराहना की। इस कार्यक्रम में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम की कोर्डिनेटर डॉ स्मृति सिंह ने आइक्यूएसी द्वारा बनायी फिल्म दिखाया जिसमें झारखंड के इतिहास यहां की कला संस्कृति, शैक्षणिक माहौल तथा उपलब्धियों को दिखाया। छात्रों को झारखंड की कला संस्कृति गीत नृत्य पर आधारित एक वीडियो फिल्म दिखायी गयी। वहीं गोवा से आये चिन्मय मधु ने गोवा युनिवर्सिटी पर एक शार्ट फिल्म दिखाया। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों के बीच एक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया। ताकि सभी एक दूसरे के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। आइक्यएसी में परिचर्चा के बाद  छात्रों शिक्षकों की टीम ने रांची विश्वविद्यालय के पीजी अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास विभागों का भ्रमण भी किया। हेरिटेज टूर के तहत मेहमान छात्रों की टीम रॉक गार्डेन, टैगोर हिल, ट्राइबल रिसर्च इंस्टीच्यूट एवं म्युजियम, राज भवन, नक्षत्र वन, हाइकोर्ट, जेएससीए स्टेडियम, धुर्वा डैम तथा विधान सभा भवन देखा।  एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) के लिए रांची विश्वविद्यालय की स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के कमेटी की समन्वयक डॉ स्मृति सिंह तथा सदस्य जीसी झा, विभिन्न विभागों के हेड डीन तथा प्राध्यापक,  कमेटी के सदस्य  सुमित डे, दीपाली डुंगडूंग, विवेक दास, मनीष कुमार, फरहान, बिपुल नायक  तथा अन्य उपस्थित थे।

झारखंड : कल 289 अभ्यर्थियों को मिलेगी सरकारी नौकरी
Published / 2025-02-17 18:15:38
झारखंड : कल 289 अभ्यर्थियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

सीएम हेमंत सोरेन 289 चयनित अभ्यर्थियों को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र टीम एबीएन, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित नगर सेवा संवर्ग संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलेगा। चयनित विभाग के उगार्डेन अधीक्षक, वेटनरी आॅफिसर, सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर, सेनेटरी सुपरवाइजर, राजस्व निरीक्षक और विधि सहायक के 289 अभ्यर्थियों को काफी जद्दोजहद के बाद मंगलवार 18 फरवरी को नियुक्ति पत्र मिलेगा। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित होने वाले नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेएसएससी द्वारा अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। प्रोजेक्ट भवन के दूसरे तल्ले पर सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले नगर विकास विभाग के नगरीय प्रशासन निदेशालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। नगरीय प्रशासन निदेशालय की सहायक निदेशक अंशु कुमारी ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। हेमंत सरकार ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसके तहत गार्डेन अधीक्षक के 09 पद, पशु चिकित्सा पदाधिकारी के 08 पद, सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर के 12 पद, राजस्व निरीक्षक के 174 पद और विधि सहायक के 44 पदों पर नियुक्ति होगी। यह विवादित परीक्षा वर्ष 2023 में 29 और 30 अक्टूबर को आयोजित की गई थी और लगभग एक साल बाद अक्टूबर 2024 में प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद आयोग द्वारा परिणाम जारी किया गया था। परिणाम को लेकर छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन करते रहे। छात्रों का विरोध प्रदर्शन आयोग कार्यालय से लेकर राजभवन तक जारी रहा। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए आयोग ने इसे अंतिम रूप दिया और अब वह समय आ गया है जब राजस्व निरीक्षक समेत कई पदों पर भर्तियां होंगी।

इल्म और हुनर इंसान को कामयाब बनाता है : डॉ कमल बोस
Published / 2025-02-15 21:44:47
इल्म और हुनर इंसान को कामयाब बनाता है : डॉ कमल बोस

टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर कॉलेज मास कॉम विभाग में पटकथा लेखन से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार सह संत जेवियर महाविद्यालय रांची के  पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ कमल बोस मौजूद थे।  विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ बोस ने कहा कि  पटकथा दृश्य और श्रव्य माध्यम को अधिक प्रभावशाली बनाने का तरीका है। रेडियो और टेलीविजन से जो जानकारी प्राप्त करते हैं उसमें पटकथा की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि लिखने के लिए निरंतर पढ़ना जरुरी है। हर विद्यार्थी में अलग-अलग खूबी होती है, जिस क्षेत्र में रुचि है उसमें निपुण बनो। इल्म के साथ झ्र साथ हुनर का होना भी जरूरी है। आगे उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास से जीवन के हर अंधेरे को मिटा कर रोशनी ला सकते हैं। पटकथा लेखन से संबंधित प्रश्नोत्तरी भी रखा गया। इस कार्यक्रम में एचओडी प्रो महिमा गोल्डेन बिलुंग, प्रो अनुज कुमार, प्रो संतोष कुमार और मास कॉम के सभी विद्यार्थी मौजूद थे।

युवाओं के उत्साह से ही भारत बनेगा विकसित : द्रौपदी मुर्मू
Published / 2025-02-15 20:32:58
युवाओं के उत्साह से ही भारत बनेगा विकसित : द्रौपदी मुर्मू

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं के उत्साह मील का पत्थर : राष्ट्रपतिबीआइटी मेसरा के प्लेटिनम जुबली में बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को बाईटी मेसरा के प्लेटिनम जुबली में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कीं। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे किया गया। राज्यपाल संतोष गंगवार, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और संस्थान के आला अधिकारियों ने मेसरा परिसर में उनको फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड आना उनके लिए घर आने जैसा है। उन्होंने संस्थान के शानदार जर्नी के लिए छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज बीआईटी मेसरा के शानदार उपलब्धियों पर गर्व करने का दिन है। आज टेक्नोलॉजी ने काफी प्रगति की है। इसमें सबसे बड़ा परिवर्तन एआई, एनीमेशन जैसी चीजों ने लाया है। विकसित भारत के निर्माण में इसका बड़ा योगदान है। केंद्र सरकार अभी एआई को एकीकृत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। बीआईटी मेसरा ने इससे संबंधित पाठ्यक्रम में शुरू करके बड़ा कदम उठा है, जो खुशी की बात है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं का उत्साह और प्रतिबद्धता मील का पत्थर साबित होगा। हमारी बेटियां विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, गणित में पीछे नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि उद्यमियों को पारंपरिक समुदायों के ज्ञान के आधार की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

रांची के सर्वेश बाबू बने सीएमए
Published / 2025-02-11 19:22:03
रांची के सर्वेश बाबू बने सीएमए

टीम एबीएन, रांची। रांची निवासी सर्वेश साबू (सुपुत्र श्री अरुण साबू- श्रीमती रंजना साबू) ने सीएमए की दिसंबर 2024 में आयोजित फाइनल की परीक्षा में एआईआर 7  रैंक लाकर सीएमए की डिग्री प्राप्त की एवं समाज तथा परिवार का गौरव बढ़ाया। सर्वेश ने सीएमए की इंटरमीडिएट परीक्षा में भी एआईआर 1 रैंक प्राप्त किया था। मेधावी सर्वेश की रुचि क्रिकेट खेल में भी है। हाल ही में आयोजित एमपीएल में सर्वश्रेष्ठ बॉलर का खिताब भी अर्जित किया था। सर्वेश के पिता श्री अरुण साबू का अपर बाजार में अपना व्यवसाय है तथा माता श्रीमती रंजना साबू गृहणी है।

संत अल्बर्ट्स कॉलेज, रांची वार्षिक राष्ट्रीय शोध पर संगोष्ठी
Published / 2025-02-08 21:57:01
संत अल्बर्ट्स कॉलेज, रांची वार्षिक राष्ट्रीय शोध पर संगोष्ठी

विषय था- आशा के तीर्थयात्री: एक नवीनीकृत दृष्टि और मिशन की ओर टीम एबीएन, रांची। संत अल्बर्ट्स कॉलेज, रांची में वार्षिक राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष संगोष्ठी का विषय था आशा के तीर्थयात्री: एक नवीनीकृत दृष्टि और मिशन की ओर। जिसमें विद्वानों, शोधकर्ताओं, अतिथिगगणों, शिक्षकों और छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर सेवार्थं  कॉलेज द्वारा प्रकाशित वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन किया गया। कार्यकर्म की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन व कॉलेज के रेक्टर फादर अजय कुमार खलखो के स्वागत संबोधन से हुआ।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो डॉ फादर सुधीर कुमार मिंज, एसजे, रेक्टर, सेंट जेवियर्स आॅटोनॉमस कॉलेज, रांची थे। अपने प्रेरणादायक भाषण में उन्होंने संगोष्ठी के विषय पर प्रकाश डालते हुए आशा, प्रतिबद्धता और नवीनीकरण की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने संदेश में कहा- स्वयं ईसा मसीह आशा के आधार स्तंभ रहे हैं, और उनके शिष्यों तथा प्रारंभिक ख्रीस्तियों ने पवित्र आत्मा की प्रेरणा से इस आशा को अपने जीवन में अपनाया। इतिहास गवाह है कि कलीसिया हमेशा किसी न किसी रूप में आशा की किरण बनी रही है। उसने सामाजिक उत्थान और आध्यात्मिक विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे पूर्वजों ने जीवन में हताशा, असहायता और संघर्ष का अनुभव किया। उनकी आध्यात्मिक और सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मिशनरियों ने समर्पित होकर कार्य किया और आशा के तीर्थयात्री बने। उन्होंने इस यात्रा में अनेकों को जोड़ा और उनके जीवन में नया प्रकाश लाया।आज भी कलीसिया पवित्र आत्मा की प्रेरणा से समाज के उत्थान और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। पवित्र आत्मा की पुकार को सुनते हुए हम भी प्रेम, शांति और आशा के तीर्थयात्री बनें तथा नि:स्वार्थ सेवा के द्वारा इस मिशन को आगे बढ़ायें। उनकी गहन विचारधारा ने उपस्थित जनसमूह को नयी दृष्टि और ऊर्जा से भर दिया। संगोष्ठी के प्रमुख वक्ताओं में प्रो डॉ फादर जॉन क्रास्टा,  दिल्ली से डॉ सिस्टर लीना फर्नांडिस एसएमआई, प्रो डॉ सुमन कुमार एक्का, जमशेदपुर से फादर वलेरियन लोबो, प्रो डॉ राजू फेलिक्स क्रास्टा और संत अन्ना मदर हाउस से सिस्टर रंजीता मिंज डीएसए शामिल थे। संगोष्ठी में उपरोक्त विषयांतर्गत- द्वितीय वाटिकन महासभा के कुछ भाग, यूखरिस्तीय संस्कार आशा के प्रतिक, महिला नेतृत्व, घरेलू कलिसयाई समुदाय तथा छोटानागपुर में किये गये प्राम्भिक मिशन कर्यो पर प्रस्तुत किया गया। उनके गहन शोध पत्रों और विचारोत्तेजक प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों को विषय की व्यापक समझ प्रदान की और सार्थक चर्चा को प्रोत्साहित किया। इस संगोष्ठी को सफल बनाने में संयोजकों की अहम भूमिका रही। डॉ फादर राजू फेलिक्स क्रास्टा (निदेशक, सेंट अल्बर्ट्स इंस्टिट्यूट आॅफ फिलॉसफी) और प्रो डॉ सुमन कुमार एक्का (अध्यक्ष, फैकल्टी आॅफ थियोलॉजी, रांची) ने अपने कुशल नेतृत्व और अथक परिश्रम से कार्यक्रम को एक प्रभावशाली मंच प्रदान किया। संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों को सफलतापूर्वक संचालित करने में  फादर गुलशन मिंज और फादर आलोक टोप्पो को विशेष का योगदान रहा। उनके प्रभावी संचालन से विचार-विमर्श अधिक सारगर्भित और प्रवाहमय बना। इसके अलावा, फादर अजय कुमार खलखो  (रेक्टर), फादर एंथ्रेस सोरेंग और उनकी टीम   जिनका योगदान इस संगोष्ठी को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहा। इस अवसर पर शिक्षकों, आयोजन समिति, तकनीकी दल, स्वयंसेवकों और छात्रों के अथक प्रयासों को भी सराहा गया, जिनकी मेहनत और समर्पण ने इस कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाया। अंत में, फादर प्रफुल बड़ा ने सभी प्रतिभागियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया, जिनकी उत्साही उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी ने संगोष्ठी को और अधिक अर्थपूर्ण बनाया। फादर फेबियन कुल्लू ने मंच का सफल सञ्चालन किया।  इस संगोष्ठी के माध्यम से प्राप्त नयी दृष्टि और प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए, सभी ने आशा के तीर्थयात्री के रूप में ज्ञान, विकास और एक उज्जवल भविष्य की दिशा में अग्रसर रहने का संकल्प लिया।

डीएवी झारखंड जोन-बी एवं जोन-जे के शिक्षकों के लिए दो-दिवसीय शिक्षक संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ
Published / 2025-02-08 18:58:26
डीएवी झारखंड जोन-बी एवं जोन-जे के शिक्षकों के लिए दो-दिवसीय शिक्षक संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 08 फरवरी,2025 को डीएवी पब्लिक स्कूल झारखंड जोन-बी और जोन-जे के शिक्षकों के लिए दो-दिवसीय शिक्षक संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ आज राजधानी के तीन प्रमुख विद्यालयों—डीएवी पब्लिक स्कूल हेहल, डीएवी पब्लिक स्कूल कपिलदेव और डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर में हुआ। इस कार्यशाला में लगभग 700 शिक्षक भाग ले रहे हैं,जिसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों ने शिक्षण के नवीनतम तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यशाला का उद्घाटन डीएवी जोन-बी के क्षेत्रीय पदाधिकारी एम के सिन्हा और डीएवी जोन-जे के क्षेत्रीय पदाधिकारी एस के मिश्रा के कर कमलों द्वारा हुआ। उद्घाटन सत्र में एम के सिन्हा ने कहा कि एक सफल शिक्षक वही होता है,जो अपने विषय को छात्रों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचा सके तथा शिक्षा में नवीनता और प्रयोगशीलता ला सके। शिक्षकों को विषय की निपुणता के साथ-साथ उसे प्रायोगिक रूप में प्रस्तुत करने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। डीएवी जोन-जे के क्षेत्रीय पदाधिकारी एस के मिश्रा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों के नैतिक और बौद्धिक विकास का भी माध्यम होनी चाहिए। शिक्षक को स्वयं भी एक सतत् शिक्षार्थी बने रहना चाहिए और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को अपनाकर छात्रों को लाभान्वित करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में भी शिक्षक केवल ज्ञान प्रदाता ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शक भी होते थे। आज के समय में शिक्षकों को उसी परंपरा को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ अपनाना चाहिए। इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ जंग बहादुर पांडेय ने हिंदी और संस्कृत शिक्षकों को संबोधित किया और आदर्श शिक्षक के गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान का प्रसार तभी सार्थक है, जब वह विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में सहायक हो। कार्यशाला में डीएवी विद्यालयों के प्राचार्य डॉ तापस घोष, संजीत मिश्रा, पी के झा, कमलेश कुमार, किरण यादव, एस के पाठक, बबुन शरण, रोशी बाधवानी, मनोजेश्वर कुमार सहित कई डीएवी विद्यालयों के मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।  इस कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को शिक्षण के प्रभावी और रोचक तरीकों, शिक्षा में नये प्रयोगों और छात्रों के सर्वांगीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण सत्रों में भाग लेने का अवसर मिला। डीएवी प्रबंधन समिति के शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षा में नवीनता और प्रयोगशीलता शिक्षकों के लिए आवश्यक है, जिससे वे छात्रों को अधिक प्रभावी ढंग से शिक्षित कर सकें। कार्यशाला का समापन दिनांक 09.02.2025 को विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के साथ होगा, जिसमें शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और विधियों से अवगत कराया जाएगा, जिससे वे अपने शिक्षण कौशल को और अधिक निखार सकें, जिससे सत्र 2025-26 बेहतर बनेगा।

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