टीम एबीएन, रांची। थर्ड स्टेट टॉपर और सेकंड टॉपर बोकारो जिला दसवीं बोर्ड सुमेधा महेश्वरी 98.8% अंको के साथ और 12वीं बोर्ड की बोकारो जिला टॉपर अमर ज्योति तथा शिखा ने सीबीएसई बोर्ड के परीक्षा परिणाम आने के साथ ही डीएवी सेक्टर-4 ही नहीं अपितु पूरे बोकारो जिला और झारखंड राज्य मैं अपनी सफलता का परचम लहराया।रसायन में शत प्रतिशत अंक लाकर सुहानी ने डीएवी-4 की गौरव गाथा में नया अध्याय जोड़ामुख्य अतिथि डीआईजी सुरेंद्र कुमार झा (आईपीएस) बोकारो के करकमलों द्वारा आज डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-4 में कक्षा 10वीं और 12वीं के सीबीएसई बोर्ड में 90% से ऊपर अंक लाकर बेहतरीन प्रदर्शन और इतिहास रचने वाले 80 से ज़्यादा बच्चों को प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रशस्तिपत्र एवं स्मृति चिन्ह द्वारा सम्मानित किया गया। डीआईजी बोकारो सुरेंद्र कुमार झा ने इस स्वर्णिम अवसर पर कहा कि यदि विद्यार्थियों में सफलता का जुनून और अटूट लगन की भावना हो तो वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े से बड़ा त्याग करने को तैयार होते हैं और यही जज्बा उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाता है। इस अवसर पर वाइस चेयरमैन बीएस जायसवाल समेत एलएमसी सदस्य शशिभूषण, ब्रह्मदेव, चिन्मय विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा, अनुराधा सिंह प्राचार्या डीएवी सेक्टर-6 समेत कई गणमान्य लोग भी सम्मिलित हुए। सभा के विशिष्ट अतिथि श्री विकास कुमार (करियर काउंसेलर) ने भी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए नई ऊंचाइयों को छूने की बात कही साथ ही सफलता के लिए आवश्यक मूल मंत्र भी उन्हें दिये।इस अवसर पर प्राचार्य श्री एस के मिश्रा ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों की शानदार सफलता उनके स्वयं के अक्षुण्ण आत्म बल तथा उनके माता-पिता और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि रसायन आईपी अंग्रेजी गणित पोल साइंस हिंदी इलेक्टिव में विद्यालय के परिणाम शत प्रतिशत रहे।कार्यक्रम की शुभारंभ मुख्य अतिथि डीआईजी सुरेंद्र कुमार झा को पुष्पगुच्छ समर्पण, दीप प्रज्वलन तथा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ की गई। भागीरथी तेरी तरफ शिव जी चलें आए गीत पर बच्चों ने अद्भुत नृत्य कर अतिथियों का स्वागत किया। तत्पश्चात कक्षा प्रथम एवं द्वितीय के बच्चों द्वारा विलिवर गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य महोदय ने सभी विद्यार्थियों उनके अभिभावकों और संपूर्ण विद्यालय परिवार को ऐतिहासिक सफलता पर उनके संयुक्त प्रयास के लिए बधाई दी।
एबीएन कैरियर डेस्क। देश-दुनिया में आतंक से जूझने के लिए सुरक्षा प्रोफेशनल्स या टेररिज्म मैनेजमेंट के एक्सपर्ट चाहिये। ये पेशेवर संभावित आतंकवादी खतरे और हमले का पता लगाने व काउंटर करने में माहिर होते हैं। खुफिया जानकारी जुटाना, सुरक्षा रणनीति बनाना व संकट प्रबंधन व साइबर सिक्यूरिटी की निगरानी भी इनका काम है। सेना व बलों के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों व निजी कपंनियों में इनकी डिमांड है। आतंकरोधी सुरक्षा प्रोफेशनल एक बिल्कुल खास कैरियर है। अभी तक देश में कोई 10000 से 12000 के बीच ही आतंकरोधी सुरक्षा विश्लेषक या विभिन्न स्तर के आतंकरोधी प्रोफेशनल हैं,जबकि देशभर की चाक चौबंद सुरक्षा के लिए कम से कम 2 लाख ऐसे सुरक्षा विश्लेषकों की जरूरत है। सुरक्षा एजेंसियों में ऐसे प्रोफेशनल्स की शिद्दत से जरूरत महसूस की जा रही है। देश के दो दर्जन से ज्यादा महत्वपूर्ण रक्षा संस्थान, विश्वविद्यालय और आईआईटीज इस विषय पर कई महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम संचालित कर रही हैं और देश-दुनिया के लिए आतंक से जूझने के लिए सुरक्षा प्रोफेशनल्स या टेरोरिज्म मैनेजमेंट के एक्सपर्ट तैयार कर रही हैं। इस क्षेत्र को आतंक प्रबंधन का क्षेत्र भी कहते हैं। इस क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण प्रोफेशनल को नेशनल सिक्यूरिटी एनालिस्ट या राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक कहते हैं। इसका काम आतंकी गतिविधियों का विश्लेषण करना, आतंकी घटनाओं की आशंकाओं का अनुमान लगाना, विभिन्न खुफिया रिपोर्टों के आधार पर भविष्य में घटने जा रही आतंकी गतिविधियों का सुराग ढूंढना और उनकी भविष्य की रणनीतियों को समझना है। देश की सुरक्षा के लिए उनसे निपटने की रणनीति बनाने का काम यही प्रोफेशनल्स करते हैं। किन क्षेत्रों में मिलती है नौकरी जहां तक अपने देश में ऐसे सुरक्षा प्रोफेशनल्स को नौकरी देने का सवाल है तो विभिन्न खुफिया एजेंसियां हैं जैसे रॉ, आईबी, एनआईए, डीआरडीओ, मिनिस्ट्री आफ डिफेंस, थिंक टैंक्स जैसे आईडीएफए और ओआरएफ। ये विभिन्न संगठन और संस्थान हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों या टेरर मैनेजमेंट से डील करने वालों को नौकरी देते हैं। इस क्षेत्र का दूसरा महत्वपूर्ण प्रोफेशनल काउंटर टेरोरिज्म स्पेशलिस्ट होता है। इसका काम आतंकियों की फंडिंग पर नजर रखना, उनके नेटवर्क को जानना-समझना व ध्वस्त करना, साइबर एक्टिविटी और रणनीति की जांच करना है। इन प्रोफेशनल्स को पुलिस, सेना, पैरामिलिटरी, निजी सेक्यूरिटी कंपनियों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों में सेवा का अवसर मिलता है। इस क्षेत्र का तीसरा महत्वपूर्ण प्रोफेशनल है- इंटेलीजेंस आफिसर। इसका काम गुप्त सूचनाएं एकत्र करना, उनका विश्लेषण करना, संभावित खतरों की पहचान करना व महत्वपूर्ण संस्थानों, संगठनों को आतंकी योजनाओं और गतिविधियों से सुरक्षित रखना है। इंटेलीजेंस आॅफिसर को आईबी, रॉ, एनआईए, डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसीज तथा एनजीओ में नौकरी मौका मिल जाता है। क्राइसेस एंड रिस्क मैनेजमेंट आतंकरोधी सुरक्षा विश्लेषक दस्ते का अगला महत्वपूर्ण प्रोफेशनल है- साइबर सिक्यूरिटी और एंटी-रेडिक्लाइजेशन की निगरानी व उसमें रोकथाम की हर संभव कोशिश करने वाला। इस सुरक्षा एक्सपर्ट को सीईआरटी-इन एनटीआरओ, प्राइवेट साइबर सिक्यूरिटी फर्म्स और होम मिनिस्ट्री में नौकरी के मौके मिलते हैं। जहां तक राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक या एक्सपर्ट की इस कतार के अगले महत्वपूर्ण प्रोफेशनल की बात है तो यह क्राइसेस एंड रिस्क मैनेजमेंट कंसल्टेंट होता है। इस प्रोफेशनल के जिम्मे आतंकी घटनाओं को रोकना, इसके लिए रणनीति बनाना और कोई अनहोनी हो, इसके पहले ही जानकारी जुटाना है। इस क्षेत्र में काम करने वालों को यूएन, एनजीओ, लॉर्ज कारपोरेशंस विद हाई रिस्क जोन आदि में सुरक्षा जिम्मेदारी संभालने का मौका मिलता है। जबकि इस क्षेत्र का अगला और अंतिम महत्वपूर्ण प्रोफेशनल स्ट्रेटेजिक अफेयर्स एक्सपर्ट होता है। इसका मुख्य कार्य आतंकवाद से जुड़ी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय नीतियों का कूटनीतिक विश्लेषण करना होता है। ऐसे प्रोफेशनल्स को नीति संस्थानों और विदेश मंत्रालय में महत्वपूर्ण जगह मिलती है। डिग्री और कोर्सेज एमए इन सिक्योरिटी स्टडीज/ स्ट्रैटेजिक अफेयर्स : इस पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण संस्थान हैं- जेएनयू, डीयू और सिक्किम सेंट्रल यूनिवर्सिर्टी और इस कोर्स के लिए कोर सब्जेक्ट होता है- आतंकवाद और अंतर्राष्ट्रीय संबंध। पीजी डिप्लोमा इन काउंटर टेरोरिज्म : यह पाठ्यक्रम आतंकरोधी रणनीति जैसे विषय का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके अध्ययन की सुविधा राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (गुजरात) देती है। एमटेक इन साइबर सिक्यूरिटी : यह साइबर आतंकवाद जैसे कोर विषय का पाठ्यक्रम है और इसकी पढ़ाई ज्यादातर आईआईटीएस और आईआईआईटीएस जैसे संस्थानों में होती है। ट्रेनिंग फॉर इंटेलीजेंस/डिफेंस : सुरक्षा बलों में कैरियर संबंधी इस विषय को एनडीए, सीडीएस, यूपीएससी और सीएपीएफ जैसे संस्थान डील करते हैं। वेतनमान और सुविधाएं इस क्षेत्र के ज्यादातर प्रोफेशनल्स को सरकारी आवास, सुरक्षा और यात्रा भत्ता आदि मिलते हैं। जहां तक सैलरी की बात है तो आमतौर पर 1 लाख रुपये से लेकर 2 से 3 लाख रुपये तक महीने की सैलरी होती है। कारपोरेट क्षेत्र में भी अब ऐसे विशेषज्ञों की बड़े पैमाने पर मांग बढ़ रही है इसलिए भी आकर्षक सैलरी उपलब्ध हैं। इन विशेषज्ञों को नौकरी देने वाली प्राइवेट क्षेत्र की महत्वपूर्ण कंपनियां हैं- ग्लोबल रिस्क फर्म्स- कंट्रोल रिस्क, पिंकर्टन, जी 4 एस इंटलीजेंस, साइबर सिक्योरिटी एमएनसीज- पालो आल्टो, क्राउडस्ट्राइक, फायरआई, इनफोसिस, टीसीएस, कंसलटेंसी फर्म्स- ईवाई डिलोइट, मैकिंसे (डिफेंस एंड रिस्क वर्टिकल्स), थिंक टैंक/एनजीओ- ओआरएफ, कॉनेर्गी इंडिया, आर्ब्जवर फाउंडेशन, यूएनओडीसी, मीडिया/डेटा इनवेस्टिगेशन- बीबीसी मॉनिटरिंग, स्टार्ट न्यूज, ग्लोबल, जेंस डिफेंस वीकली। सिक्यूरिटी एनालिस्ट या आंतकवाद से निपटने वाले एक्सपर्ट की इस देश में भारी पैमाने पर जरूरत है। यह क्षेत्र भले अभी सीमित दिख रहा हो, लेकिन यह बेहद एलीट क्षेत्र है, जहां नौकरी में भरपूर पैसा और सभी तरह की व्हाइट कॉलर सुविधाएं मौजूद हैं।
टीम एबीएन, रांची। एस. आर. डीएवी. पब्लिक स्कूल पुंदाग, रांची में जूडो, कराटे, वूशु, ताइक्वांडो, हैंड बॉल, बास्केट बॉल, फुटबॉल स्केटिंग आदि खेलों के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु समर कैंप का आयोजन 26 अप्रैल 2025 से 15 मई 2025 तक किया गया, जिसमें सभी खिलाड़ियों को उपर्युक्त खेलों से संबंधित नए नियमों एवं बेहतर तकनीक का प्रशिक्षण विद्यालय के खेल शिक्षक आशीष कुमार जायसवाल और प्रणव प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में दिया गया।खिलाड़ियों ने इन खेलों का नियमित रूप से अभ्यास किया।15.5.25 को उक्त शिविर का समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वागत गान,शास्त्रीय नृत्य,नृत्यनाटिका,योग तथा पिरामिड निर्माण के कार्यक्रम प्रस्तुत करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि मेकॉन के पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर कल्याण मुखर्जी, विशिष्ट अतिथि जवाहर कला केंद्र की प्राचार्या लीली मुखर्जी तथा जवाहर कला केंद्र की सम्माननीया सदस्या शारदा घोष ने समर कैंप के सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करके सम्मानित किया।मुख्य अतिथि कल्याण मुखर्जी ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विविध गतिविधियों में भाग लेना आवश्यक है।इस प्रशिक्षण शिविर में कक्षा द्वितीय से दशम तक के लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राचार्य डॉ तापस घोष ने समर कैंप के सफल आयोजन के लिए खेल शिक्षक आशीष जायसवाल तथा प्रणव प्रताप को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ - साथ विविध खेलों एवं अन्य गतिविधियों में भी भाग लेना आवश्यक है, तभी वे जीवन में आगे बढ़ पाएंगे तथा जीवन की चुनौतियों का सामना कर पाएंगे। उन भविष्य में आयोजित होनेवाले खेल प्रतिस्पर्धाओं में खिलाड़ियों को इस प्रशिक्षण का लाभ अवश्य ही मिलेगा,जो उनके खेलों में निखार के रूप में दिखाई देगा और उन्हें सफलता दिलायेगा।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के सभी विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करके विद्यालय का मान बढ़ाया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। सभी विद्यार्थियों ने अव्वल दर्जे से परीक्षा उत्तीर्ण की। विज्ञान संकाय में अभीप्सा हजारा 96.6% अंकों के साथ स्कूल टॉपर बनी जबकि टीशा सिंह और दिव्यांशु कुमार 94%अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर रहे।वाणिज्य संकाय में अनुष्का अधिकारी 96% अंकों के साथ प्रथम, शिवम कुमार अग्रवाल 95.8 % अंकों के साथ द्वितीय तथा शबरीन फिरदौस 95.6% के साथ तृतीय स्थान पर रही। कला संकाय में अनुष्का देवघरिया 95% अंकों के साथ प्रथम,मानसी कौशल 90.2% अंकों के साथ द्वितीय तथा नाइबा दिल्नज 90% अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रही। कुल 215 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया तथा सभी ने शानदार सफलता प्राप्त की। 20 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किये। 110 विद्यार्थियों ने डिस्टिंशन प्राप्त किए तथा 215 विद्यार्थियों ने 60% से अधिक अंक प्राप्त करके विद्यालय का नाम रोशन किया।प्राचार्य डॉ तापस घोष ने परीक्षा के उत्कृष्ट परिणाम पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई दी तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, प्राचार्य और शिक्षकों को दिया।
जेपीएससी रिजल्ट की देरी पर फूटा छात्रों का गुस्सा; सड़कों पर विरोध, भाजपा ने सरकार को घेराटीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। दरअसल, 11वीं जेपीएससी की मुख्य परीक्षा को हुए 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आयोग ने रिजल्ट घोषित नहीं किया है। इस देरी से अभ्यर्थी बेहद नाराज हैं। रांची में जेपीएससी कार्यालय के बाहर झारखंड स्टेट स्टूडेंट एसोसिएशन के बैनर तले छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।आज बड़ी संख्या में छात्र वहां जुटे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि आयोग बार-बार युवाओं के साथ धोखा कर रहा है। परीक्षा खत्म हुए लंबा वक्त हो गया, लेकिन अब तक रिजल्ट नहीं आया। पहले कहा गया कि जेपीएससी अध्यक्ष नहीं हैं, इसलिए रिजल्ट नहीं आ रहा। लेकिन अब जब नये अध्यक्ष एल खियांग्ते ने पद संभाल लिया है, तब भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह साफ तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। छात्रों ने साफ कहा है कि जब तक रिजल्ट जारी नहीं किया जायेगा, धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। कुछ छात्रों ने नाराजगी में कहा, अगर रिजल्ट नहीं तो फांसी ही मंजूर। यह मामला अब राज्यभर में बड़ा छात्र आंदोलन बनता जा रहा है। जेपीएससी मेंस परीक्षा के रिजल्ट में देरी को लेकर चल रहे विवाद में अब भाजपा भी कूद गयी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए झारखंड सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाये। अजय शाह ने कहा कि राज्य सरकार के पास छात्रों के भविष्य और विकास को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है, इसी वजह से जेपीएससी मेंस का रिजल्ट 10 महीने से अटका पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार को प्रतियोगी परीक्षाओं की गंभीरता का अंदाजा ही नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि झारखंड के नेता कभी मध्य प्रदेश, बिहार या पश्चिम बंगाल जाकर देखें, जहां परीक्षाओं के रिजल्ट समय पर और तय प्रक्रिया के तहत घोषित होते हैं। वहां पर टाइम बॉन्ड सिस्टम अपनाया जाता है। अजय शाह ने आगे कहा कि जेपीएससी की मेंस परीक्षा ही नहीं, झारखंड में लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों को किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है। कभी परीक्षा की तारीख तय करने में देर होती है, तो कभी कोर्ट के आदेश या छात्रों के आंदोलन के बाद ही सरकार जागती है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी का पूरा सिस्टम संकट से गुजर रहा है और सरकार की लापरवाही की वजह से छात्रों का भविष्य दांव पर है। जेपीएससी कार्यालय के बाहर तेज धूप में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की हालत बिगड़ने लगी है। करीब 8 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे छात्र आज भी कड़कड़ाती धूप में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते नजर आये। छात्रों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया है। आज प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी बेहोश हो गया, जिसके बाद बाकी छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए झारखंड सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सरकार को छात्रों की सेहत और भविष्य दोनों की कोई परवाह नहीं है।
सीबीएसई बोर्ड 12वीं के नतीजे जारी, 88.39 प्रतिशत छात्र पासएबीएन कैरियर डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आज 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष 12वीं के परिणाम में 88.39% छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। यह परिणाम छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि सीबीएसई 12वीं के नतीजे विद्यार्थियों के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर होते हैं। बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या results.cbse.nic.in पर जाकर चेक करें। इसके लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
एसडीओ ने परीक्षा केंद्रों पर घोषित की निषेधाज्ञा एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। बीएड/ एमएड/ बीपीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2025 परीक्षा 11 मई 2025 (रविवार) को पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 12:30 बजे तक होगी। परीक्षा को लेकर मेदिनीनगर सदर क्षेत्र में 7 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं। इन परीक्षा केंद्रों में एमके डीएवी पब्लिक स्कूल, राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय जिला स्कूल, विमला पांडेय मेमोरियल ज्ञान निकेतन, आरके गिरीवर प्लस टू उच्च विद्यालय, ब्राइट लैंड स्कूल, बीसीसी मिशन बालिका उच्च विद्यालय एवं आरके ब्राह्मण प्लस टू उच्च विद्यालय शामिल हैं। परीक्षा आयोजन को लेकर परीक्षा केंद्रों पर निषेधाज्ञा घोषित किया गया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रदत शक्तियों का उपयोग करते हुए परीक्षा केन्द्रों के 100 मीटर की परिधि में परीक्षा की तिथि को परीक्षा के दौरान बीएनएसएस के अंतर्गत निषेधाज्ञा घोषित की है। यह निषेधाज्ञा परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित तिथि को ही लागू होगा। निषेधाज्ञा घोषित होने से परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर की परिधि के अंदर कोई भी व्यक्ति घातक हथियार लाठी (बूढ़ा एवं अपंग) को छोड़कर भाला, गड़ासा, छूरा, अग्नेयास्त्र लेकर नहीं चलेगा। वहीं दाह-संस्कार, धार्मिक एवं शादी-विवाह के जुलूस को छोड़कर पांच अथवा पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ मजमा बनाकर नहीं चलेगा। कोई भी संस्था/व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का प्रयोग वर्जित होगा। परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्रों पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारी/वीक्षक/परीक्षार्थी/पुलिस बल को छोड़कर कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रों के 100 मीटर की परिधि में नहीं जायेगा। कोई भी व्यक्ति मटरगश्ती नहीं करेगा या चिट-पुर्जा, प्रश्नपत्र वितरित नहीं करेगा। परीक्षा केन्द्र के 100 मीटर की परिधि के अंदर सभी फोटो स्टेट (फोटो कॉपी) के दुकान में परीक्षा संबंधी कोई भी अनुचित कार्य नहीं होंगे।
नर्सिंग कॉलेज के मामले में हिंदी पट्टी के राज्यों का दबदबा, टॉप 5 में उत्तर के 3 बड़े राज्य, झारखंड पिछड़ा टीम एबीएन, रांची। नर्सिंग स्टाफ किसी भी हेल्थ सिस्टम की रीढ़ हैं, मेडिकल टूरिज्म एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जहां रोजगार के बेइंतहा अवसर तैयार हो सकते हैं लेकिन इन्हें तैयार करने के कॉलेजों के मामले में अभी कॉफी कुछ करना बाकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नर्सिंग कॉलेज मामलों में टॉप पर कौन से राज्य हैं और किन केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी कॉलेज नहीं हैं। भारत में नर्सिंग कॉलेज नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ और नर्सिंग सेवाओं का विस्तार नर्सिंग शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए छात्र-रोगी अनुपात को 1:5 से शिथिल करके 1:3 किया गया है। केंद्र सरकार के आंकड़े के अनुसार देशभर में 31 दिसंबर 2024 तक 2520 नर्सिंग कॉलेज थे और सैकड़ों की संख्या में नये नर्सिंग कॉलेज खुलने की प्रक्रिया में हैं। बहरहाल आइये जानते हैं कि सबसे अधिक नर्सिंग मेडकल कॉलेज के मामले में अग्रणी राज्य कौन हैं। नर्सिंग कॉलेजों की दृष्टि से अग्रणी पांच राज्यों की सूची राज्य-कॉलेज संख्या कर्नाटक-391 तमिलनाडु-221 उत्तरप्रदेश-194 राजस्थान-180 मध्यप्रदेश-167 टॉप पर कर्नाटक, इन राज्यों में एक कॉलेज भी नहीं नर्सिंग कॉलेज के मामले में 391 कॉलेजों के साथ कर्नाटक देश का पहला राज्य है और तमिलनाडु 221 कॉलेज के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं इस सूची में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। जबकि दक्षिण के राज्यों की बात करें तो आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में क्रमश: 144 और 103 कॉलेज हैं। इस मामले में पिछड़े राज्यों की बात करें तो केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लद्दाख में एक भी नर्सिंग कॉलेज नहीं है। इस दृष्टि से पूर्वोत्तर भी काफी पिछड़ा है जहां कॉलेजों की संख्या पांच से भी कम है। पश्चिम बंगाल बढ़ा रहा कदम आंकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल में दिसंबर 2024 तक 121 बीएससी नर्सिंग कॉलेज कार्यरत हैं। जबकि 2022 से 2024 के बीच ही पश्चिम बंगाल के लिए 72 कॉलेजों की अनुमति दी गई है। इनके तैयार होने के बाद पश्चिम बंगाल में भी स्थिति में बड़ा बदलाव आयेगा। पिछले तीन सालों की बात करें तो पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक नर्सिंग कॉलेज खुले हैं। केंद्र सरकार के अनुसार देशभर में 31 दिसंबर 2024 तक 2520 नर्सिंग कॉलेज थे जिनमें से अकेले तमिलनाडु में 221 कॉलेज हैं। वहीं तमिलनाडु में पिछले तीन सालों में दस नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी दी गयी। इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अनुसार तमिलनाडु में जीएनएम पाठ्यक्रम चलाने वाली 194 और बीएससी (नर्सिंग) पढ़ाने वाले 221 नर्सिंग कॉलेज हैं। देश में खुल रहे 157 नये नर्सिंग कॉलेज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने तमिलनाडु के लोकसभा सांसद सीएन अन्नादुरै को दिए जवाब में कहा, केंद्रीय प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तहत तमिलनाडु में ग्यारह (11) कॉलेजों सहित देश में 157 नर्सिंग कॉलेज स्वीकृत किये गये हैं। नर्सिंग सेवाओं का विकास के तहत नर्सिंग स्कूलों का नर्सिंग कॉलेजों के रूप में उन्नयन करने के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में नर्सिंग शिक्षा संस्थाओं के बीच की दूरी को 10 किमी से घटाकर 5 किमी किया गया है। झारखंड में नर्सिंग स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं है।
एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025 की घोषणा इस सप्ताह होने की संभावना है। लाखों छात्रों के लिए यह घड़ी बेहद अहम है और वे अब बेसब्री से अपनी मेहनत का फल जानने के लिए तैयार हैं। रिजल्ट घोषित होने के बाद, छात्र अपने एग्जाम रोल नंबर और जन्म तिथि का उपयोग कर उइरए की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। क्या है रिजल्ट की तिथि? सीबीएसई द्वारा पिछले साल कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम 13 मई को घोषित किये गये थे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड इस बार भी अगले दो-तीन दिनों के भीतर रिजल्ट जारी कर सकता है। छात्रों से अनुरोध है कि वे अपना एडमिट कार्ड तैयार रखें क्योंकि यह रिजल्ट डाउनलोड करने में सहायक होगा।
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