टीम एबीएन, रांची। बीआईटी मेसरा, एनआरएससी हैदराबाद और झारखंड वन विभाग ने वन फेनोलॉजी निगरानी के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। मंगलवार को राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), इसरो, हैदराबाद, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा और झारखंड वन विभाग के बीच फेनोकैम-आधारित वन फेनोलॉजी निगरानी कार्यक्रम शुरू करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। इस सहयोग का उद्देश्य उपग्रह सुदूर संवेदन डेटा और भू-आधारित फेनोकैम अवलोकनों के संयोजन का उपयोग करके वन पारिस्थितिकी तंत्र में मौसमी परिवर्तनों की निगरानी करना है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह बीआईटी मेसरा में हुआ और इसकी शुरुआत रिमोट सेंसिंग और जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग के प्रमुख डॉ वीएस राठौर के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने पर्यावरण निगरानी में उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देने में शैक्षणिक-सरकारी भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद एनआरएससी कोलकाता के वैज्ञानिक डॉ नीरज प्रियदर्शी ने परियोजना का विस्तार से परिचय दिया। उन्होंने बताया कि फेनोकैम सेंसर और उपग्रह डेटा के एकीकरण से झारखंड में वन फेनोलॉजी का निरंतर और सटीक अवलोकन कैसे संभव होगा। इसरो मुख्यालय, बेंगलुरु के वैज्ञानिक डॉ गिरीश पुजार ने फेनोकैम परियोजना के महत्व और प्रासंगिकता के बारे में बताया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। बीआईटी मेसरा के कुलपति प्रो इंद्रनील मन्ना ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान आधारित सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। एनआरएससी, हैदराबाद के निदेशक डॉ प्रकाश चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रति वनस्पति की प्रतिक्रिया को समझने के लिए फेनोलॉजिकल निगरानी आवश्यक है। झारखंड सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) परितोष उपाध्याय ने वन प्रबंधन में सुधार के लिए वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। इसरो के क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक डॉ एसके श्रीवास्तव ने स्थानीय और क्षेत्रीय वन नियोजन के लिए उपग्रह डेटा के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर बात की। हजारीबाग के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) सूरज सिंह, एनआरएससी के वैज्ञानिकों और बीआईटी मेसरा के रजिस्ट्रार डॉ सुदीप दास के बीच औपचारिक रूप से समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में सुदूर संवेदन और भू-सूचना विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और सरला बिरला विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति डॉ सी जगनाथन, झारखंड के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक रवि रंजन, झारखंड के मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एस आर नटेश, शिक्षाविदों और वन विभाग के अन्य सदस्यों के अलावा डीन और संकाय सदस्यों सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। फेनोकैम वन क्षेत्रों में निश्चित बिंदुओं पर लगाए गए स्थिर डिजिटल कैमरे हैं जो वनस्पति की निरंतर छवियों को कैप्चर करते हैं। ये चित्र पत्ती के उभरने, फूल आने और जीर्णता जैसे परिवर्तनों को रिकॉर्ड करते हैं, जो मौसमी और जलवायु कारकों के प्रति पौधों की प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उपग्रह रिमोट सेंसिंग के साथ उपयोग किए जाने पर, फेनोकैम डेटा वन स्वास्थ्य की अधिक परिष्कृत समझ प्रदान करता है, उपग्रह अवलोकनों की जमीनी मान्यता का समर्थन करता है और पर्यावरणीय तनाव के शुरूआती संकेतों की पहचान करने में मदद करता है। भू-आधारित और उपग्रह प्रौद्योगिकियों के संयोजन से, यह पहल वन फेनोलॉजी को ट्रैक करने, जलवायु अनुसंधान का समर्थन करने, कार्बन निगरानी को बढ़ाने और झारखंड में जैव विविधता संरक्षण प्रयासों में सुधार करने के लिए मूल्यवान डेटासेट प्रदान करेगी। यह कार्यक्रम पारिस्थितिक स्थिरता के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
टीम एबीएन, रांची। टाना भगत स्टेडियम, खेलगांव, रांची में प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य एवं गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। यह समारोह उन विद्यार्थियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने विद्यालयों और अभिभावकों का गौरव बढ़ाया।इस अवसर पर YBN Public School के कई विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि हमारे विद्यालय के शिक्षकों की लगन, निष्ठा, और निरंतर मार्गदर्शन का प्रतिफल है, जिनकी मेहनत से आज हमारे छात्र लगातार सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं।इस समारोह की विशेष बात यह रही कि YBN Public School की प्राचार्या डॉ. चांदनी नाथ को भी उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, अनुशासनात्मक कार्यशैली, और शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान केवल उनके कार्यों की सराहना नहीं, बल्कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व की सार्वजनिक स्वीकार्यता का प्रतीक है।डॉ. चांदनी नाथ एक ऐसी शिक्षाविद् हैं, जिनकी सोच में दृढ़ता, कार्यों में पारदर्शिता और व्यक्तित्व में गरिमा है। उन्होंने YBN Public School को एक साधारण विद्यालय से एक गौरवशाली शिक्षण संस्था में परिवर्तित कर दिया है। उनके नेतृत्व में विद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर है और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है।प्रतिभा सम्मान समारोह न केवल विद्यार्थियों के उत्साह औरउपलब्धियों का उत्सव था,बल्कि यह शिक्षकों, अभिभावकों और नेतृत्वकर्ताओं की सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक था। यह आयोजन हम सभी के लिए प्रेरणा, उत्साह और एक नई ऊर्जा का स्रोत बना रहेगा। उक्त जानकारी रिंकू सिंह ने दी।
टीम एबीएन, रांची। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बी आई टी मेसरा लालपुर यूनिट के तत्वावधान में संस्थान के प्रभारी डॉ प्रणव कुमार के नेतृत्व में सहायक कुलसचिव मनोज गिरी के निर्देशन में सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को योग कराया गया। साथ ही योग और उसकी शरीर में होने वाले रोगों के बारे में बताया गया। इस कार्यक्रम के उपरांत वृक्षारोपण कर प्रभारी डॉ प्रणव कुमार ने समाज को इस प्रकार के आयोजन पर बताया कि इस प्रकार के आयोजन को हम अपने कार्यालय के आलावे मुहल्ले और सोसाइटी में भी करे जिससे युवाओं में योग और उसके होने वाले फायदे को समझ सके। योग एक पूजा है और पूजा जिस तरह प्रत्येक घर परिवार में किया जाता है ठीक उसी प्रकार हमे भी इससे अपने जीवन के प्रथम पहर में इससे करने की आदत बनाने की आवश्यकता है। आज के इस योग दिवस में संस्थान के जो वरिष्ठ शिक्षक और अधिकारियों ने भाग लिया डॉ अमृता प्रियम, डॉ सोमनाथ मुखर्जी, डॉ नागेंद्र प्रसाद तिवारी, शांतनु सिन्हा, मनोज कुमार, राणा प्रताप मिश्रा, सुभाशीष रॉय, डॉ संजय कुमार, डॉ देवेश उपाध्याय, अजय कुमार, डॉ संदीप डॉ पार्थो विष्णु, बासुदेव सिंह, विनोद कुमार, सहित शिक्षक और कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों ने भाग लिया योग के बाद प्रांगण में बरगद का वृक्ष लगाया गया जो प्रकृति के लिए प्रेम का परिचायक होने का प्रमाण है।
सफलता के लिए स्किल डेवलपमेंट जरूरी : डॉ अशोक कुमार टीम एबीएन, रांची। किसी भी करियर में निरंतर प्रगति और व्यक्तिगत रूप से सफल होने के लिए लगातार सीखते रहना होगा। पहले बुनियादी कौशल अर्जित करें, फिर समय के साथ उन्हें अपग्रेड करने और नयी चुनौतियों के लिए स्वयं को उसमें ढालने की आवश्यकता है। उक्त बातें एमिटी यूनिवर्सिटी रांची के कुलपति डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम, रांची में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम का आयोजन उषा मार्टिन फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित व्यूटीशियन और मोटरसाइकिल रिपेयर एंड मेंटेनेंस कोर्स के 30 सफल प्रतिभागियों के बीच प्रमाणपत्र वितरण के लिए किया गया। इस अवसर पर टूल रूम के प्राचार्य महेश कुमार गुप्ता ने संस्थान में संचालित कोर्स प्रशिक्षण कार्यक्रमों और छात्रों की उपलब्धियों की जानकारी दी और सभी उत्तीर्ण छात्रों को बधाई दी। डॉ मयंक मुरारी ने उषा मार्टिन फाउंडेशन ने सीएसआर के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी और छात्रों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए शुभकामनाएं दीं। आरके दत्ता ने टूल रूम द्वारा संचालित कोर्सेज को आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन मंगल टोप्पो (ट्रेनिंग इंचार्ज) जबकि समापन भाषण टूल रूम के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में में थी पूर्णेंदु पंकज कृष्णा कुमार एवं सूची रुबी सहित टूल रूम की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के लालपुर हरिओम टावर स्थित ऐम एंट्रेंस इंस्टीट्यूट 2016 से लगातार नीट एवं आईटी-जी में शानदार रिजल्ट दे रही है। संस्थान ने नीट 2025 के घोषित रिजल्ट में भी एक बार फिर से पुराने प्रदर्शन को न केवल हासिल किया है बल्कि रिजल्ट मे सुधार भी किया है। ऐम एंट्रेंस संस्थान के साबिर अंसारी 627 नंबर के साथ ऑल इंडिया रैंक 79(ओबीसी) और झारखंड रैंक – 3 में शामिल होकर संस्थान को गौरवान्वित किया है। इनके साथ शुभम झा 579 मार्क्स के साथ रैंक 542 , अभय कुमार 563 मार्क्स , रौशन 560, नवीन 556,योगेंद्र 553 भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इनके अलावा लगभग 45 से अधिक बच्चों ने 530 से अधिक नंबर प्राप्त किया है। परीक्षा मे बेहतर रिजल्ट लाने की खुशी में सोमवार को उत्साहित छात्र छात्राओं के साथ संस्थान के तमाम शिक्षकों ने उत्साह यात्रा निकाला। यह यात्रा हरिओम टावर से जेल मोड़ चौक होते हुए वापस हरिओम टावर पहुंचा। इसमें शामिल स्टूडेंट का उत्साह देखते बन रहा था। संस्थान के निदेशक रविशंकर सिंह ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारे संस्थान का मुख्य उद्देश्य होता है। इस संस्थान के सभी शिक्षक और मार्गदर्शक आईआईटीआईयनस और डॉक्टर्स हैं और उन्ही के देखरेख में बच्चे इतना अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार हमारे संस्थान से नीट परीक्षा में 106 स्टूडेंट बैठे थे। इसमें 31स्टूडेंट ऑल इंडिया रैंक में सफल हुए हैं। निदेशक रविशंकर सिंह ने नीट परीक्षा में पास हुए स्टूडेंट के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वेतन 1,12,400 तक; 18 जून से शुरू होगा पंजीकरणटीम एबीएन, रांची। झारखंड के कर्मचारी चयन आयोग ने 1373 सेकेंडरी टीचर पदों पर भर्ती अधिसूचित की है। आयोग ने इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवारों से इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 18 जून 2025 से शुरू होने वाली है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट https://jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई 2025 तय की गई है। परीक्षा शुल्क का भुगतान 19 जुलाई 2025 की मध्य रात्रि तक किया जा सकेगा। फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड कर आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेने के लिए 21 जुलाई 2025 की मध्य रात्रि तक लिंक उपलब्ध रहेगा। उम्मीदवारों के लिए 23 जुलाई 2025 से 25 जुलाई 2025 के मध्य रात्रि तक आनलाईन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी का नाम, जन्म तिथि, ई-मेल आईडी एवं मोबाईल नंबर को छोड़कर किसी भी गलत जानकारी को संशोधित करने के लिए करेक्शन विंडो लिंक उपलब्ध कराया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। दिनाँक 15/06/2025 रविवार को दिगम्बर जैन समाज के द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 28 ऐसी प्रतिभाओं का सम्मान किया गया जिन्होंने 10 वी, 12वी,C.A, एवम् इंजीनियरिंग में सर्वोच्च उतीर्ण अंक प्राप्त कर अपना भविष्य सुनिश्चित किया है, जैन समाज के ऐसे प्रतिभाओं का सम्मान करना एक गौरव की बात है। समारोह की शुरुआत हेमन्त सेठी ने मंगलाचरण कर की। इस समारोह में समाज की कई विशिष्ट हस्तियाँ मौजूद थी जिन्होंने प्रशासनिक स्तर पर या अन्य जगहों पर अपना पूर्ण योगदान देकर जैन समाज का गौरव बढ़ाया है। सभा का संचालन श्री कमल सेठी ने किया, कार्यक्रम के मुख्य संयोजक कमल सेठी ने भी अपने उदगार व्यक्त किए,अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल जी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा प्रतिभा सम्मान समारोह दिगम्बर जैन समाज के द्वारा काफी लंबे समय से किया जा रहा है। आज से लगभग 20 वर्ष पहले इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी उस समय में यह कार्यक्रम बहुत व्यापक पैमाने पर किया जाता था।पुर्व रिटायर आईएएस ऑफिसर श्री एम० पी० अजमेरा जी की परिकल्पना और अनुरोध के आधार पर यह कार्यक्रम शुरु किया गया था। शुरु में हम राँची के सभी स्कूल, चाहे वो आईसीएससी बोर्ड हो, सीबीएससी बोर्ड हो या झारखण्ड बोर्ड हो। उनमें जो भी बच्चे उत्तीर्ण होते थे तीन बच्चों को हम सेलेक्ट करते थे परसेंटेज के अधार पर, अनुभव परफॉर्मेंस के आधार पर और चाहे वो किसी भी समुदाय के हो और किसी भी धर्म को मानने वाले हो, उनको हम यहाँ पर पुरस्कृत करते थे , अलग अलग जगहों पर यह कार्यक्रम हुआ। उसमें गुरुनानक स्कूल में भी यह कार्यक्रम हुआ था, डीएवी हेहल में भी कार्यक्रम हुआ था और यही नहीं साथ में झारखण्ड में जो भी टॉपर्स होते थे, उनको भी हम समाज में सम्मानित करते थे।यह भी हम लोगों ने महसूस किया कि अन्य समाज और अन्य संगठन भी इसको फॉलो करने लगे और वे अपने स्तर से इस तरह के कार्यक्रम करने लगे हैं। हमें लगा कि हमारा जो मकसद था वो सॉल्व होता नजर आ रहा है। हमारी कल्पना यह थी कि बच्चों को पुरस्कृत किया जाये, उनको प्रोत्साहित किया जाये, उनका मार्गदर्शन किया जाये।जब सब समाज लोग इस तरह के कार्यक्रम करने लगे, तो हम लोगों ने समझा कि यह विभाग बाकी लोगों को करने दिया जाय, लेकिन पिछले कुछ 4-5 वर्षों से हमारी कार्यकारिणी ने महसूस किया कि समाज के बच्चों के लिए एक अलग से कार्यक्रम करना चाहिए और हम कुछ 4-5 वर्ष से इसे समाज के बच्चों के लिए करते हैं। किसमें 10th और 12th चाहे वो किसी भी विषय से हो, साइंस कॉमर्स आर्ट्स या किसी भी बोर्ड के हैं, उनके बच्चों को आमंत्रित करते हैं। साथ ही ऐसे प्रतिभावान, जो किसी भी तरह की परिक्षा पास कर जाते है उनका भी हम सम्मान करते हैं अभिनंदन करते हैं। सभा के मुख्य अतिथि शिक्षाविद् सरला बिड़ला पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती परमजीत कौर एवं पूर्व अध्यक्षगणों ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रतिभावान छात्रों के परिजन भी सभा में उपस्थित थे। समाज के मंत्री जितेन्द्र छाबड़ा ने सभी के बीच अपनी बात रखते हुए कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत ही गौरव का विषय है कि आज हम उन विद्यार्थियों को सम्मानित कर रहे हैं जिन्होंने 10th 12th प्रोफेशनल या विशिष्ट क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और समाज और परिवार का नाम रोशन किया है। प्रतिभा सम्मान सिर्फ पुरस्कार वितरण नहीं यह प्रेरणा है आने वाली पीढियां के लिए की कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास से सब कुछ हासिल हो सकता है।आज हमारे विद्यार्थी डॉक्टर, CA ,इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी बन रहे हैं जो हमारे लिए संतोष की बात है। इस मंच से उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई दिया और विद्यार्थियों के माता-पिता और गुरुजनों का भी आभार व्यक्त किया जिनके मार्गदर्शन में बच्चों ने सफलता पाई। उन्होंने बच्चों को कहा की न केवल आपको पढ़ाई में अव्वल लाना है बल्कि जैन सिद्धांतों को जीवन में उतारकर एक अच्छा नागरिक भी बनना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान आपके प्रयासों की पहली सीढ़ी है मंजिले अभी और भी है राहे लंबी है मगर विश्वास रखें कि आप सक्षम हैं। उन्होंने चीफ गेस्ट परमजीत कौर के उपलब्धियां के बारे में भी बताया जो वर्तमान में सरला बिरला पब्लिक स्कूल की प्राचार्या है।मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में बच्चों के साथ कई तरह की बातें साझा की और परिजनों को भी कई तरह की सलाह दी। मुख्य अतिथि का समाज के अध्यक्ष श्री प्रदीप बाकलीवाल ने प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया। वर्ग 10 के कुल 11 बच्चो ने,वर्ग 12 के कुल 17 बच्चो ने और 3 बच्चे ने इंजीनियरिंग एवम् अन्य क्षेत्रों में अव्वल स्थान प्राप्त किया है, JITO के अध्यक्ष विशाल जैन ने बच्चो का मार्गदर्शन किया और बच्चो को कहा कि जिन्हें भी कोई कठिनाई हो चाहे आर्थिक या अन्य इसके लिए जो भी सहयोग चाहिए JITO के स्तर से उसके लिए वो सदैव तत्पर हैं, समाज में ऐसे अभिभावक जो अपने बच्चो को उच्चतम शिक्षा हेतू आर्थिक रूप से असमर्थ हो तो समाज उन अभिभावकों को मार्गदर्शन कर सहायता प्रदान करता हैं। प्रतिभावान विद्यार्थियों की विस्तृत सूचि संलग्न हैं। इस अवसर पर समाज के गणमान्यों के अलावा पूरा सभागार भरा था ।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के लिए यह गर्व का क्षण है कि राज्य के प्रतिभावान युवा खिलाड़ी विकाश कुमार गोप का चयन रूस के मास्को क्षेत्र के क्रास्नोगोर्स्क में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए हुआ है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक्रोबैटिक रॉक एंड रोल विधा में 30 जून से 13 जुलाई 2025 तक आयोजित होगा, जिसमें चयनित प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।यह चयन एनएफएडीआई (NFADI) द्वारा डब्ल्यूएफएडीएस (WFADS) के सहयोग से 31 मई से 5 जून 2025 तक आयोजित भारत के पहले एक्रोबैटिक स्विंग एवं एक्रोबैटिक रॉक एंड रोल कोच प्रमाणन कार्यक्रम के पश्चात किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में रूस के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों — दिमित्री और डारिया (रॉक एंड रोल), तथा एलेक्सी और स्वेतलाना (एक्रो स्विंग) — ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।विकाश कुमार गोप को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत उन्हें आंशिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उनके जोड़ीदार रिया (जम्मू) हैं। यह उपलब्धि न केवल विकाश के व्यक्तिगत परिश्रम और समर्पण का परिणाम है, बल्कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की प्रबल उपस्थिति का भी प्रमाण है।यह जानकारी झारखंड जिम्नास्टिक संघ के एडमिन सेक्रेटरी डॉ. दीपक कुमार साहू द्वारा दी गई है। इस अवसर पर झारखंड , जिम्नास्टिक संघ एवं समस्त राज्यवासी विकाश को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है । राज्य को विश्वास है कि विकाश अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और झारखंड का नाम रोशन करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल,बरियातु राॅंची में दूसरी से नौवी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आयोजित समर कैंप का समापन आज 14 जून को एक रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ। विद्यालय में आयोजित इस ग्रीष्मकालीन शिविर का उद्देश्य बच्चों को सामाजिक रूप से विकसित करना तथा उन्हें एक सुरक्षित और सहायक वातावरण प्रदान करना था। इस शिविर ने बच्चों को नए कौशल सीखने,उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देने, टीमवर्क में महारत हासिल करने, और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान किए। बच्चों के लिए योगाभ्यास, मेडिटेशन, वैदिक मंत्र , स्टेंसिल कट आउट और प्रिंट मेकिंग गतिविधियों का आयोजन किया गया। खेल , संगीत और कला संकाय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़ - चढ़कर हिस्सा लिया। प्राचार्य संजय कुमार मिश्रा ने इस समर कैम्प के समापन पर कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर इस ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया गया था, वह बिलकुल सफल रहा।
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