एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री राहत कोष से 3 पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता स्वीकृत की गयी है। भूखईन उरांव पतिजागीर उरांव, ग्राम सिंदूरटोली, सिंदूर, पेशरार लोहरदगा को 1,91,250 रुपये, सुकरा भगत, पिता जागीर भगत, ग्राम सिंदूर, पेशरार लोहरदगा को 300000 रुपये तथा आसिफा तबस्सुम पति मोहम्मद जुबैर, ग्राम पंडरी, प्रखंड चान्हो, जिला रांची को 50,000 रुपये की सहायता दी गयी है।
राशि स्वीकृत होने पर लाभुक परिवारों ने सांसद सुखदेव भगत का आभार व्यक्त किया और कहा कि कठिन समय में सांसद महोदय के सहयोग से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मौके पर श्री भगत ने कहा कि जनता की सेवा ही मेरा धर्म है। किसी भी परिवार पर विपत्ति आती है तो हम उनके साथ खड़े हैं।
केंद्र सरकार और पीएम राहत कोष के सहयोग से जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आगे भी लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा। इससे पूर्व भी सांसद ने दर्जनों मरीजों को प्रधानमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहयोग दिलवाये हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, एडिशनल एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण के इन्यूमरेशन फेज के समापन उपरांत 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा-आपत्ति प्रक्रिया संबंधित पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
के. रवि कुमार ने कहा कि दावा-आपत्ति के दौरान प्राप्त प्रपत्रों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। मतदाता की पहचान, जन्मतिथि, सामान्य निवास स्थान तथा घोषणा-पत्र का सत्यापन उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में अन-मैप्ड अथवा अन्य तार्किक विसंगतियां पाई जाएंगी, उनमें संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे एवं संबंधित ईआरओ एवं एईआरओ के द्वारा तार्किक आदेश प्राप्त की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 5 अगस्त को मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के उपरांत नए मतदाताओं एवं ड्राफ्ट मतदाता सूची में राज्य के वैसे पात्र भारतीय नागरिक जो शामिल नहीं है, उनसे फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भी लिये जाएंगे।
इसके साथ-साथ वैसे मतदाता जो झारखंड के सामान्य निवासी है, लेकिन किसी कारण से वे किसी अन्य राज्य के मतदाता सूची में सूचीबद्ध है, वे फॉर्म 8 के साथ घोषणा पत्र भरकर झारखण्ड में स्थानांतरित कर सकते है। इन सभी प्राप्त आवेदनों का भी ईआरओ/एईआरओ स्तर से सत्यापन करते हुए, राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदात सूची में शामिल करना सुनिश्चित करें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देश दिया कि दावा-आपत्ति का निस्तारण पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा कोई भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में सम्मिलित न हो।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, लोहरदगा संजय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी, धनबाद कालिदास मुंडा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित राज्य के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान झारखंड के 14,02,262 वोटर अनमैप्ड रह गये। जिस वजह से इनका नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो जायेगा। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत में 23 मई 2026 को 70,62,319 अनमैप्ड मतदाता थे।
30 जून से 29 जुलाई तक चले इन्यूमरेशन फेज के दौरान प्रारंभ में कुल 47,42,505 मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में थे, जो घटकर वर्तमान में 5.3% अर्थात कुल 14,02,262 मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में बच गये हैं। जो मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में हैं, उनका नाम 5 अगस्त को जारी हो रहे ड्राफ्ट रोल में नहीं होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा विगत एसआईआर के मतदाता सूची को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है। ड्राफ्ट पब्लिकेशन में जिन मतदाताओं की विगत एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग सही पायी गयी है और तार्किक विसंगति नहीं प्राप्त होती है, वैसे सभी मतदाताओं को ड्राफ्ट पब्लिकेशन के उपरांत अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा।
अनमैप्ड मतदाताओं के संबंध में ईआरओ स्तर से सत्यापन के उपरांत उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा। 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिकेशन किया जाना है। इस वोटर लिस्ट में जिनका नाम नहीं होगा वे फिर से नाम जुड़वाने के लिए पहल कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि के अनुसार, राज्य में वैसे सभी पात्र भारतीय नागरिक जो मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में शामिल नहीं हुए हैं।
नये मतदाता एवं पात्र भारतीय नागरिक जो किसी कारण से 2026 के वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं होने वाले सभी मतदाता, फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर अन्तिम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विगत एसआईआर से मैपिंग एक सुपीरियर डॉक्यूमेंट है, ऐसे सभी मतदाता, 5 अगस्त के बाद फॉर्म 6 भरते समय इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएमएचआईडीपीसीएल) के निदेशक मंडल की 19वीं बैठक गुरुवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में कुल 32 एजेंडों पर चर्चा की गयी।
बैठक का प्रमुख निर्णय पीपीपी मोड पर संचालित पैथोलॉजी सेवाओं को लेकर रहा। बोर्ड ने निर्णय लिया कि जिन जिलों के सदर अस्पतालों में जांच की पर्याप्त सरकारी सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां पीपीपी मोड पर कार्यरत पैथोलॉजी एजेंसियों की सेवाएं समाप्त की जायेंगी।
बैठक में सहिया कार्यकर्ताओं के लिए टैब तथा स्वास्थ्य विभाग के लिए लैपटॉप खरीदने के प्रस्ताव पर भी बात की गयी। इसकी संचिका कैबिनेट को भेजा जायेगा। इसके अलावा सहिया कार्यकर्ताओं के लिए स्कूटी और वर्दी (बंडी) उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि निर्धारित मापदंडों एवं नियमों के तहत ही स्कूटी सहित अन्य सामग्री की खरीद की जाये तथा जहां आवश्यक हो, वहां आवश्यक खर्च किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन जिलों में कंप्यूटर की आवश्यकता हो वहां खरीदी जाये और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका समय पर संस्थापन और उपयोग हो।
बैठक में बोर्ड के पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बोर्ड ने इसे मजबूत बनाने के लिए 20 पदों के सृजन की अनुशंसा की। साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर आॅपरेटरों की सेवाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
कहा गया कि जहां उनकी आवश्यकता नहीं है, वहां संबंधित कर्मियों को एजेंसी को वापस कर दिया जाये। बैठक में एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, उप सचिव ध्रुव प्रसाद तथा संयुक्त निदेशक रीतु सहाय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। भगवान भोलेनाथ की आराधना के पवित्र माह सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सुरक्षा, दर्शन, पेयजल, साफ-सफाई और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किये गये हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को होगा, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
पहाड़ी मंदिर विकास समिति के संस्थापक दयाशंकर शर्मा ने बताया कि इस बार जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गयी हैं। सुरक्षा से लेकर पेयजल, बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। उन्होंने कहा कि समिति और प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु सुगमता और सुरक्षित वातावरण में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक और दर्शन कर सकें।
सावन माह में मंदिर का पट प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे खुलेगा और दोपहर 1 बजे तक दर्शन होंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे पुन: पट खुल जायेगा और रात 9 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। प्रतिदिन शाम 7:30 बजे संध्या आरती होगी। सावन के सभी रविवार और सोमवार को दिन में मंदिर का पट बंद नहीं किया जायेगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किये गये हैं। पूरे पहाड़ी मंदिर परिसर की निगरानी 60 सीसीटीवी कैमरों से की जायेगी। नेटवर्क बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए वॉकी-टॉकी की व्यवस्था भी की गयी है। प्रत्येक सोमवार को करीब 400 पुलिसकर्मी, दंडाधिकारी और अन्य प्रशासनिक कर्मी मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के झरिया क्षेत्र में ईडी की छापेमारी 06 स्थानों पर समाप्त हो गया है। हालांकि, चासनाला निवासी इंतियाज अली के आवास पर एऊ की कार्रवाई अब भी जारी है।
ईडी ने झरिया के लोदना हुचूकटांड़ में गणेश यादव, शिमला बहाल में रंजीत सिंह, ओम प्रकाश सिंह और बिजय पासवान, जबकि चौथाई कुल्ली में शुभम साव के ठिकानों पर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली है।
ईडी की टीम गणेश यादव और शुभम साव के ठिकानों से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई अहम दस्तावेज अपने साथ लेकर गयी है।
टीम एबीएन, रांची। सावन में एक महीने बाबा बैद्यनाथ की धरती देवघर में शराब नहीं बिकेगी। इसको लेकर देवघर उपायुक्त ने चिट्ठी लिखी थी, जिसके आलोक में उत्पाद विभाग ने यह आदेश दिया है।
पूरे श्रावणी मेला क्षेत्र में पूरे 1 महीने शराब की बिक्री पर रोक रहेगा। विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि सावन के दौरान शराब बंदी की परिपाटी पूर्व से रही है। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची स्थित होटल रेडिसन ब्लू में न्यूज़ मैगज़ीन के तत्वावधान में आयोजित "पुलिस–पब्लिक–रिपोर्टर" कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए पुलिस, पत्रकारिता और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पत्रकार, समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने अपने संबोधन में कहा कि "लोकतंत्र में पुलिस, पत्रकार और जनता तीनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जब इन तीनों के बीच विश्वास, संवाद और पारदर्शिता बनी रहती है, तभी समाज में कानून का राज, सामाजिक सौहार्द और विकास का वातावरण मजबूत होता है। पत्रकार समाज का सजग प्रहरी है, जबकि पुलिस कानून व्यवस्था की रीढ़ है। दोनों का उद्देश्य जनता की सेवा और न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के समक्ष अनेक नई चुनौतियाँ हैं, जिनका समाधान केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं बल्कि जनसहभागिता और सकारात्मक संवाद से संभव है। पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास का वातावरण बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने पत्रकारों से भी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
धीरज प्रसाद साहू ने झारखंड पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण तथा उग्रवाद जैसी चुनौतियों से निपटने में पुलिस लगातार सराहनीय प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने वाले ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने भी पुलिस और मीडिया की जिम्मेदारियों, सामाजिक समरसता, कानून व्यवस्था तथा जनविश्वास को मजबूत करने जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे पुलिस, मीडिया और समाज के बीच आपसी सहयोग और विश्वास को और अधिक मजबूती मिल सके।
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