टीम एबीएन, कोडरमा। राज्य भर की 38 हज़ार आंगनबाड़ी केंद्रों की लगभग 76 हज़ार सेविका सहायिकाओं को केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला मानदेय 8 माह से बकाया है। इसमें जिले की लगभग 15 सौ सेविका सहायिका प्रभावित है। ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार के द्वारा सेविका को साढ़े चार हज़ार मानदेय निर्धारित है। जिसका 60 प्रतिशत यानी 2700 रुपये केन्द्र और 40 प्रतिशत यानी 1800 रुपये राज्य तथा सहायिका को 2250 रूपये मे से केन्द्र 1350 रुपये और राज्य सरकार 900 रुपये देती है। इसके अलावा राज्य सरकार अतिरिक्त मानदेय के रूप मे सेविका को 1900 और सहायिका को 950 रूपये देती है। इस संबंध में सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि सभी राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा मानदेय भुगतान हो गया है, लेकिन झारखंड में नहीं होना सवाल खड़ा करता है। 23 सितंबर को सेविका सहायिका के द्वारा आयोजित आभार यात्रा के दौरान रांची स्थित अपने आवास में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आंगनबाड़ी यूनियन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया था कि दुर्गा पूजा के पूर्व सेविका सहायिका का सभी प्रकार के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जायेगा। अब जबकि नवरात्री चल रहा है, तीन दिन बाद दशहरा है। अभी तक मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के परिवारों का दुर्गा पूजा फीका हो जायेगा। राज्य समाज कल्याण विभाग रांची से जानकारी प्राप्त हुआ है कि गुरूवार को जिलों में आवंटन भेज दिया गया है। सीटू जिला प्रशासन से मांग करता है कि सेविका सहायिका का बकाया मानदेय भुगतान दुर्गा पूजा के पहले किया जाये।