टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में किसानों को अनवरत किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिया जा रहा है। इसका प्रतिफल है कि 15 सितंबर 2022 तक 19,18,511 केसीसी धारक हो गये हैं। जबकि सितंबर 2021 के बाद 5,34,331 नए केसीसी को स्वीकृति दी गई है। यह किसान क्रेडिट काड राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है। केसीसी के माध्यम से किसानों को खेती के लिए आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जहां किसानों को खेती में सहायता मिल रही है। वहीं, उन्हें साहूकारों के चंगुल से भी मुक्ति मिल रही है। वर्तमान सरकार के प्रयास से कृषि ऋण में लगातार सुधार हो रहा है। यही वजह है कि राज्य गठन के बाद से दिसंबर 2019 तक मात्र 409 करोड़ रुपए किसानों के बीच वितरित किये गये। जबकि वर्तमान सरकार द्वारा 900 करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत किया गया।
केसीसी के लिए राज्य सरकार के सतत बढ़ते कदम : केसीसी के तहत जून 2021 में 420.74 करोड़ए अगस्त 2021 में 581.53 करोड़, अक्टूबर 2021 में 685.16 करोड़, दिसंबर 2021 में 914.2 करोड़ एवं अप्रैल 2022 में 1313.36 करोड़ की राशि बैंक द्वारा स्वीकृत की गई है। वहीं, अप्रैल 2022 में 17.76 लाख, सितंबर 2022 में 19.50 लाख किसानों को केसीसी प्रदान किया गया। दिसंबर 2022 तक 22.50 लाख एवं मार्च 2023 तक 25.50 लाख किसानों को केसीसी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
क्या है केसीसी : किसान क्रेडिट कार्ड ऋण किसानों को 7 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध होता है। जिसे समय सीमा के अंदर वापस करने पर 3 प्रतिशत ब्याज भारत सरकार द्वारा माफ किया जाता है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा यहां के किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज में मदद की जा रही है। इस प्रकार समय सीमा के अंदर किसान द्वारा ऋण वापस किये जाने पर किसान को मात्र 1 प्रतिशत ब्याज का बोझ पड़ता है। अबतक राज्य सरकार के प्रयास से 8,96,108 किसानों का केसीसी आवेदन पत्र पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर अभियान स्वरूप सृजित किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया जायेगा। इसके तहत छुटे हुए किसानों को केसीसी का लाभ दिया जायेगा। फिलहाल घर-घर अभियान चलाकर एवं केसीसी शिविर लगाकर केसीसी से वंचित किसानों को आच्छादित करने की प्रक्रिया चल रही है। मालूम हो कि 23 जून 2022 को राज्य के सभी प्रखंडों में मेगा किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कैंप का आयोजन किया गया। कृषक मित्र, एटीएम, बीटीएम एवं वीएलडब्लू टोला-टोला घूम कर किसानों से केसीसी फॉर्म भरवा रहे हैं।