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मेदांता रांची की अपील : सिर्फ जीने के लिए ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए भी...

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मेदांता रांची की अपील : सिर्फ जीने के लिए ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए भी...
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टीम एबीएन, रांची। मेदांता रांची ने हम सब को नया जीवन दिया है। यह कहना था उन सब ट्रामा सरवाइवर का, जिन्हें मेदांता रांची ने आमंत्रित किया था। इस कार्यक्रम को मेदांता रांची में आयोजित किया गया था। दरअसल, मेदांता रांची ने एक यूनिक पहल करते हुए 50 से ज्यादा वैसे पेशेंट्स को उनके परिजनों के साथ आमंत्रित किया था, जिनका इलाज मेदांता रांची में तब किया गया था, जब उन्हें इलाज की सख्त जरूरत थी। अपने तरह के इस अनूठे और पहले कार्यक्रम को पहली बार आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में आमंत्रित ट्रामा सरवाइवर ने अपने साथ घटी घटना और उसके बाद मेदांता रांची में हुए इलाज के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह यहां इलाज होने के दौरान मेदांता रांची के डॉक्टर, केयर टीम और सपोर्ट टीम ने उनका ख्याल रखा। इन सभी ने मेदान्ता रांची की दिल खोलकर प्रशंसा की। आयोजन में कंसल्टेंट और केयर टीम ने उन सभी सवालों के जवाब और सुझाव भी दिए, जो मौके पर मरीज एवं मरीज के परिजनों द्वारा पूछे गये। इस मौके पर मेदांता रांची के न्यूरो सर्जन कंसल्टेंट डॉ आनंद कुमार झा ने कहा कि हम केवल ट्रामा पेशेंट के जीवन को बचाने ही नहीं चाहते बल्कि हमारी कोशिश इंज्यूरी के बाद के दिनों में भी ऐसे पेशेंट्स को साथ देने की होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इंडियन ट्रॉमेटिक ब्रेन इंज्यूरी इनिसिएटिव ने कंप्रेहेंसिव अप्रोच के लिए चार स्टेप में गाइडलाइंस को भी जारी किया है। इससे बहुत लोगों के जीवन को बचाने में मदद मिलेगी। हम अपने वादे के अनुसार प्री हॉस्पिटल केयर ट्रेनिंग के साथ जागरूकता और प्रवेंशन कंपेन को भी आयोजित कर रहे हैं। मेदांता रांची के कंसलटेंट आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर निलेश मिश्रा कहते हैं, दरअसल ज्यादातर पॉली ट्रॉमा पेशेंट ऐसे होते हैं, जिनपर उनका पुरा परिवार आश्रित होता है। ऐसे पेशेंट्स का ट्रीटमेंट केवल अस्पताल में ही खत्म नहीं होता। इसलिए हमारा फोकस उनके फिजियोलॉजिकल, वोकेशनल और रिहैबलिटेशन पर भी रहता है। कोशिश यही रहती है कि पेशेंट नॉर्मल स्टेटस पर आ जाए। वह कहते हैं हमारा प्रयास उनके ठीक होने की राह में आने वाली बाधाओं को समझना और उसके अनुसार उसको ठीक करना है ताकि हम अपने पॉलीट्रॉमा पीड़ितों को एक समग्र उपचार दे सकें। मेदांता रांची के क्रिटिकल केयर हेड डॉ तापस साहू और न्यूरो इनटेंसिविस्ट कंसल्टेंट डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि ये आयोजन हमारे लिए खास है क्योंकि ये हमारे हार्ड वर्क और एफर्ट को दर्शाता है। वहीं मेदान्ता रांची के हॉस्पिटल डायरेक्टर विश्वजीत कुमार ने कहा कि न्यूरो- ऑर्थो ट्रामा सर्विस के साथ हम अफोर्डेबल प्राइस में विश्व स्तर की सुपर स्पेशियलिटी सर्विस देने के लिए कटिबद्ध हैं। हमारा ये आयोजन मेदान्ता रांची के मेदांता पेशेंट कनेक्ट प्रोग्राम के तहत किया गया था। इस तरह के आयोजन हमारे मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराती है। आयोजन में कंसल्टेंट न्यूरो सर्जरी डॉ आनंद कुमार झा, कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी डॉक्टर विनय आनंद, कंसल्टेंट न्यूरो इनटेंसिविस्ट डॉ मनोज कुमार, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉक्टर नीलेश मिश्रा, कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रामा डॉ उज्ज्वल सिन्हा और क्रिटिकल केयर हेड डॉ तापस साहू के अलावा मेडिकल सुपरिडेंट, नर्सिंग हेड और फिजियोथेरेपी टीम पेशेंट्स और उनकी फैमिली से रूबरू हुए, जिनका इलाज मेदान्ता रांची में हो चुका था। अगले महीने 17 अक्टूबर को वर्ल्ड ट्रॉमा डे है। मेदांत अस्पताल रांची ने एक महीने पहले से ट्रॉमा पे कैम्पेन चलाना शुरू किया है ताकि ज्यादा लोगों को जागरुक किया जा सके और लोगों की जान बचायी का सके। जागरूकता कार्यक्रम के तहत विभिन्न संस्थानों के साथ बीएलएस, फर्स्ट ऐड की ट्रेनिंग और ट्राॅमा प्रिेवेंशन अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किये जायेंगे।
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