टीम एबीएन, हजारीबाग/रांची। झारखंड पुलिस ने हजारीबाग जिले में वसूली एजेंट द्वारा एक गर्भवती महिला को उसके पिता के ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतारने के मामले में सोमवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिले के बरियाथ गांव में 15 सितंबर को हुई इस घटना के सिलसिले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने बताया, हमने 16 सितंबर के इचक थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 172/22 के संबंध में आईपीसी की धारा 302/34 के तहत हजारीबाग जिले के पुनाई गांव के 26 वर्षीय निवासी रोशन सिह उर्फ रोशन कुमार देव को गिरफ्तार किया है। चोथे ने कहा कि रोशन तीसरे पक्ष द्वारा नियुक्त एक वित्त कंपनी का कर्मचारी है। रोशन टीम लीज नामक कंपनी का कर्मचारी है, जिसकी महिंद्रा फाइनेंस सेवाएं लेती है।
पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने कहा कि प्राथमिकी में नामजद अन्य तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इचाक थाने के प्रभारी अधिकारी धनंजय सिंह ने कहा, हमने एक आरोपी रोशन कुमार देव को गिरफ्तार किया है, जो मोनिका देवी की हत्या किये जाने के बाद दर्ज प्राथमिकी में नामजद चार लोगों में से एक है। चोथे ने थाने में हत्या का मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया है। महिला के परिवार के सदस्य नारायण प्रसाद मेहता ने कहा कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक और वसूली एजेंट ने डेढ़ लाख रुपये के कर्ज का भुगतान करने के लिए उसके पिता मिथिलेश मेहता को फोन पर संदेश भेजा, तो मेहता ने उनसे पहचान का प्रमाण दिखाने के लिए कहा, जिससे वे आक्रोशित हो गये। नारायण के अनुसार कर्मियों ने मिथिलेश मेहता से जोर देकर कहा कि वह पूरी राशि का भुगतान करे वरना वे पास के एक पेट्रोल पंप के सामने खड़े ट्रैक्टर को ले जायेंगे। हालांकि मिथिलेश मेहता ने तुरंत 1.20 लाख रुपये भुगतान की पेशकश कर दी थी, लेकिन जब परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे तो वसूली एजेंट ट्रैक्टर को जबरन वहां से ले जाने लगे थे। तीन महीने की गर्भवती मोनिका देवी वसूली एजेंटों को ट्रैक्टर ले जाने से रोकने के लिए अपने दिव्यांग पिता के साथ मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर के पहियों के नीचे आकर कुचली गई। वसूली एजेंट और फाइनेंस कंपनी मैनेजर तुरंत अपनी कार में सवार होकर वहां से फरार हो गये।