टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर अनेक गतिविधियां आयोजित की गईं। वर्तमान में चल रहीं अर्द्ध वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनजर कहानी लेखन, कविता पाठ,कविता वाचन, वाद-विवाद सरीखी प्रतियोगिताएं पूर्व में ही आयोजित करवा ली गईं थीं।
हिंदी दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में रांची विश्व विद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी तथा संस्कृत के प्रकांड विद्वान, साहित्य सेवी डॉ जंग बहादुर पांडेय जी उपस्थित थे। प्राचार्य संजय कुमार मिश्रा ने मुख्य अतिथि का स्वागत पौधा देकर तथा अंग वस्त्र प्रदान करके किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण मुख्य अतिथि महोदय को शिक्षक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे विद्वजन समाज की विभूति होते हैं,जो समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।ऐसे आचार्य ही अपना ज्ञान नि:स्वार्थ रूप से विद्यार्थियों के भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए लुटाते हैं।उन्होंने अपनी अनुभूति तथा अभिव्यक्ति के सामंजस्य से आदर्श शिक्षक की परिकल्पना साकार की। विद्यालय की संगीत मंडली ने सुमधुर संगीत की प्रस्तुति से सबको भाव विभोर कर दिया।शोधार्थी श्रीअशोक कुमार प्रमाणिक तथा मीनू पाठक ने कविता पाठ किया।सरिता कुमारी ने हिंदी भाषा के बढ़ते चरण विषय पर अपना वक्तव्य रखा। मुख्य अतिथि डॉ जंग बहादुर पांडेयजी ने अपने उद्बोान में आदर्श शिक्षक बनने के गुर सिखाये। उन्होंने गोस्वामी तुलसी दास, काली दास, कबीर दास जैसे महान साहित्य कारों की रचनाओं से उदाहरण देते हुए जीवनोपयोगी शिक्षा की वकालत की। उन्होंने शिक्षक समुदाय को सलाह दिया कि पठन-मनन-चिंतन से ही सफलता की राह खुलती है,अत: अपना ज्ञान बढ़ाना तथा बांटना दोनों आवश्यक है। उन्होंने रामचरितमानस के अंशों के पाठ से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।शांति पाठ तथा राष्ट्र गान के साथ सभा समाप्त हुई।