टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिलदेव विद्यालय में आज हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य एमके सिन्हा ने सबको बधाई देते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा, अपने देश, अपने राज्य, अपने माता-पिता, सब पर गर्व करना चाहिए और कभी भी उन्हें हीन नहीं समझना चाहिए जो अपनी भाषा का सम्मान नहीं कर सकता वह दूसरे का सम्मान भी नहीं कर सकता। श्री सिन्हा ने कहा कि जब जापान, रूस, जर्मनी, फ्रांस के लोग अपनी भाषा के माध्यम से विकास कर सकते हैं तो भारत के लोग हिंदी के माध्यम से क्यों नहीं विकसित हो सकते। उन्होंने इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी किताबों का हिंदी में अनुवाद किये पर जोर दिया तथा कहा कि इन पुस्तकों के हिंदी में आ जाने पर हिंदी का विकास और तेजी से हो सकेगा। श्री सिन्हा ने लॉर्ड मैकाले के उदाहरण के माध्यम से बतलाया कि भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन भारत की भाषा और संस्कृति इतनी मजबूत है कि उसे समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने गुरुकुल के उदाहरण भी दिए। मौके पर बच्चों ने भी कविता और भाषण के माध्यम से रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। आज जिन बच्चों ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किये। उनमें रितिका, गीतिका, श्री राधा, आर्यन, रुद्रांश, मयंक काव्या चौहान, पल्लवी सरकार और माही सिंह शामिल हैं। सभा का संचालन आलोक क इंद्र गुरु ने किया। धन्यवाद ज्ञापन साधना शर्मा ने किया। मौके पर विद्यालय में हिंदी पढ़ाने वाले सभी शिक्षक शिक्षिकाएं समेत अशोक कुमार सिंह, त्रिपुरारी कुमार मिश्र, विजय कुमार सिंह पशुपति नाथ झा समेत अन्य शिक्षक भी मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के मीडिया प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।