टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सत्ता संकट के बीच आजसू पार्टी सत्ताधारी दल पर हमलावर हो गयी है। हर पल बदलती राजनीति पर उसकी (आजसू) पैनी नजर है। आजसू ने आज एक प्रेस वार्ता कर हेमंत सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी ने राज्य में बिगड़ती विधि व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार को घेरने की कोशिश की। इसके लिए बकायदा पिछले 29 महीनों में अपराध से जुड़े आंकड़ों को पार्टी ने साझा किया, जो आंकड़े पेश किए गए उसके मुताबिक 29 महीने के अंदर राज्य भर में हत्या के 4425, दुष्कर्म के 4079 और लूट और डकैती के 1995 वारदात अंजाम दिए गए हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि इन घटनाओं पर राजभवन ने चिंता जताई है। साथ ही हाईकोर्ट ने भी गंभीर टिप्पणी की है।
देवशरण भगत ने पुलिस फाइलों का हवाला देते हुए बताया कि 2022 में जनवरी से मई तक सिर्फ पांच महीनों में ही हत्या की 705 और बलात्कार की 666 घटनाएं दर्ज की गयी हैं। इसके अलावा पांच महीनों में अपहरण की 694, डकैती की 44, लूट और छिनतई की 270 मामले दर्ज किए गये हैं। इन पांच महीनों में पूरे राज्य में 25,765 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गये हैं। आजसू ने कहा- सबसे ज्यादा दंगे झारखंड में हुए आजसू के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर जनता का सरकार से भरोसा उठ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2021 की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि देशभर में सबसे ज्यादा दंगे झारखंड में हुए। उन्होंने बताया दुमका की बेटी पर जिस तरह से पेट्रोल फेंककर जलाकर हत्या की गयी। उससे शासन का इकबाल खत्म होता नजर आ रहा है। उसके बात चतरा में एसिड अटैक बच्ची पर भी सवाल उठाये गये।
प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी ने हेमंत कैबिनेट में पास ओल्ड पेंशन स्कीम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार इसके लिए फंड कहां से जुटायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इससे संबंधित फाइल पर मुख्य सचिव ने जो टिप्पणी की थी। उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।