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बड़ी खबर : एडीजे उत्तम आनंद डेथ केस में सीबीआई ने दर्ज किया केस, जांच शुरू

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बड़ी खबर : एडीजे उत्तम आनंद डेथ केस में सीबीआई ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
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रांची। धनबाद के एडीजी उत्तम आनंद की मौत के मामले में सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। झारखंड सरकार ने बीते एक अगस्त को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्र द्वारा नोटिफिकेशन जारी किये जाने के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है। तीन अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके पहले तक मामले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा गठित एसआईटी कर रही थी। बता दें कि गत 28 जुलाई को धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्ककक उत्तम आनंद को एक आटो ने उस वक्त अपनी चपेट में ले लिया था, जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। घटना के कुछ घंटे बाद जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो यह साफ तौर पर दिखा कि सड़क के बिल्कुल बायें किनारे में जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को आॅटो ने जान बूझकर धक्का मार दिया। वह सड़क के किनारे गिर पड़े और उन्हें धक्का मारने के बाद आॅटो बगैर रुके आगे बढ़ गया। दूसरे दिन पुलिस ने एडीजे को टक्कर मारने वाले आॅटो को गिरिडीह से जब्त किया था। पुलिस ने आॅटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ चल रही है। एडीजे की पत्नी ने शुरूआत में ही इस मामले को हत्या बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। एडीजे के पिता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके सिर पर रॉडनुमा किसी वस्तु से प्रहार किया गया था। पोस्टमार्टम में भी बताया गया है कि एडीजे की मौत की सिर पर चोट लगने की वजह से हुई है। उन शरीर पर तीन बाहरी और सात अंदरूनी चोट लगी थी। उनके जबड़े की भी कई हडिड्यां टूटने की बात पोस्टमार्टम में कही गयी थी। बता दें कि एडीजे उत्तम आनंद की मौत के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। बीते गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में भी इस मसले पर सुनवाई हुई थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में झारखंड के डीजीपी और धनबाद के एसपी से भी जवाब तलब किया था। धनबाद पुलिस ने जज की मौत मामले में आॅटो चालक लखन वर्मा एवं उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया है और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। आरोपियों की रजामंदी लेकर न्यायालय ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट की मंजूरी दे दी। सीजेएम ने दोनों आरोपियों से बारी-बारी से उनका पक्ष जाना। दोनों को ब्रेन मैपिंग टेस्ट के बारे में जानकारी दी गई। आरोपी कोर्ट के समक्ष ब्रेन मैपिंग कराने के लिए तैयार हो गए।
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