टीम एबीएन, रांची। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता रद्द होने की निर्वाचन आयोग की अनुशंसा के कयासों के बीच UPA अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने की तमाम कोशिशें कर रहा है। सुबह में विधायक दल की बैठक के नाम पर तो रात में डिनर डिप्लोमेसी के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद के मंत्री और विधायकों को मुख्यमंत्री आवास बुलाया जा रहा है। हर दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी मुख्यमंत्री आवास पहुंच रहे हैं और अपने सभी विधायकों की हर एक्टिविटी पर नजदीकी नजर बनाए हुए हैं। आज भी सभी विधायकों को मुख्यमंत्री आवास 11 बजे के लगभग में बुलाया गया है हालांकि इसकी कोई जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं दी गयी है।
बता दें कि एक विधायक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हम लोगों को पहले से कोई जानकारी नहीं होती है, सिर्फ मुख्यमंत्री आवास पहुंचने का आदेश मिलता है। आज फिर 11 बजे बुलाया गया है। उसके बाद पता चलेगा कि सिर्फ बैठक होगी या आज भी सैटरडे वीकेंड टूर की तरह कोई प्लान घूमने फिरने का है।
रांची के अनगड़ा में माइंस खनन लीज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम होने को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बताते हुए रघुवर दास ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस से शिकायत की थी, कागजों की जांच के बाद राज्यपाल ने रघुवर दास की शिकायत को भारत निर्वाचन आयोग को भेजा था। जहां सुनवाई के बाद आयोग ने अपनी अनुशंसा राजभवन को बंद लिफाफे में भेजी है, जिसको लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी जाने की अनुशंसा है। तब से ही राज्य में सियासी संकट है और हर दिन सुबह शाम UPA विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर हाजिरी लग रही है।