टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राजनीतिक झंझावात के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आवास पर महागठबंधन विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें भाग लेने के लिए विधायकों का मुख्यमंत्री आवास पहुंचना शुरू हो गया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक रामदास सोरेन मुख्यमंत्री आवास जाने से पहले कहा कि हेमंत सोरेन है सरकार के मुखिया होंगे और झारखंड मुक्ति मोर्चा किसी भी तरह की राजनीतिक तानाशाही से डरने वाला नहीं है। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतंत्र और सरकार जन समर्थन और आखिरी से चलता है और 50 विधायकों का समर्थन हेमंत सोरेन के साथ है। ऐसे में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने निशिकांत दुबे पर भी तंज कसते हुए कहा कि फ्लाइट का टिकट पाने वाला आदमी विधायकों की संख्या कैसे गिन सकता है। वहीं शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक हालात में कहीं कोई दिक्कत नहीं है और सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है विकल्प के सवाल पर उन्होंने कहा कि बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं। सीएम और बसंत सोरेन को मिलाकर कुल 41 विधायक हो चुके हैं। ममता देवी, प्रदीप यादव नहीं पहुंचे हैं। ममता देवी मां बनी हैं और प्रदीप यादव की तबीयत खराब है। दिनेश विलियम मरांडी और सविता महतो नहीं पहुंची हैं। इसके अलावा कांग्रेस के तीन विधायक इरफान, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप कोलकाता में हैं। इन तीनों को जोड़ने पर कुल विधायकों की संख्या 48 होती है। इसके अलावा एक स्पीकर हैं जो बैठक में नहीं आ सकते हैं। इस लिहाज से झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद के 1 विधायक की संख्या जोड़ने पर पूरा हिसाब किताब क्लियर हैमुख्यमंत्री आवास पर सत्ताधारी दल के विधायकों की बैठक खत्म। आज शाम फिर मुख्यमंत्री आवास में होगी बैठक। शाम 7 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी डिनर डिप्लोमेसी।