टीम एबीएन, रांची। वर्दी फाड़ने के मामले में बाघमारा के भाजपा विधायक ढुलू महतो की सजा बहाल होने से पूर्व तीन अन्य मामलों में उन्हें निचली अदालत से सजा हो चुकी है। इन मामलों में उन्हें एक-एक साल की सजा हुई थी। इनमें से एक मामले में अपील के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से सजा बहाल रखी गई, जबकि बाकी दोनों मामलों में सेशन कोर्ट ने विधायक को बरी कर दिया था। तीनों ही मामले सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और पुलिस से उलझने से संबंधित थे। बुधवार को जिस केस में सजा बहाल हुई, वह केस 12 मई 2013 को बरोरा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी रामनारायण चौधरी के लिखित आवेदन पर कतरास थाने में दर्ज हुई थी। आरोप था कि बरोरा पुलिस एक मामले में वारंटी राजेश गुप्ता को पकड़ने उसके घर कतरस पहुंची थी। इस बीच बाघमारा विधायक ढुलू अपने अन्य समर्थकों के साथ पहुंचे और पुलिस पार्टी को घेर लिया।
पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। वारंटी राजेश गुप्ता को पुलिस हिरासत से छुड़ाया और पुलिस की वर्दी फाड़ी। इस मामले में भाजपा विधायक ढुलू समेत पांच लोगों की अपील बुधवार को एमपी-एमएलए के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने खारिज कर दी। इस फैसले के बाद ढुलू का जेल जाना तय माना जा रहा है।