टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू में आज अंग्रेजी भाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया इस सम्मेलन में शहर के प्रसिद्ध विद्वानों ने भाग लिया। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य श्री एम के सिन्हा ने कहा कि साहित्य का महत्व दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है और इस तरह के आयोजन झारखंड में सृजनात्मक अभिव्यक्ति को विकसित करते हैं। सम्मेलन के मुख्य अतिथि रांची यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष गौरी शंकर झा ने कहा कि अंग्रेजी भाषा सीखने के लिए लोगों को साधारण सरल वाक्यों से शुरुआत करनी चाहिए। लेखन क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे पहले डायरी लिखने से शुरुआत की जा सकती है। उन्होंने पढ़ने की आदत विकसित करने को कहा। गोस्सनर कॉलेज की मीना सिन्हा ने कहा कि बच्चों को पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। साहित्य के क्षेत्र में बहुत सारी संभावनाएं हैं। उनके अनुसार धन अर्जन तथा पेशेवर संतुष्टि के लिए भी साहित्य का बड़ा महत्व है। तीसरे वक्ता के रूप में प्रोफेसर भावेश झा ने बच्चों को धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलने के लिए प्रेरित किया ।उनके अनुसार जोर-जोर से बोल कर पढ़ना, बोलने की क्षमता को बढ़ाता है। इसके बाद विद्वानों ने बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब सम्मिलित रूप से दिए।
सम्मेलन में प्रोफेसर गौरी शंकर झा (एचओडी, रांची यूनिवर्सिटी इंग्लिश डिपार्टमेंट), भवेश झा राम लखन सिंह यादव, अवकाश प्राप्त प्राध्यापक (अंग्रेजी विभाग), मीना सिन्हा, एसोसिएट प्रोफेसर, मास कम्युनिकेशन, (गोस्सनर कॉलेज) विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक पशुपतिनाथ झा, गौतम कुमार पाठक, त्रिपुरारी कुमार मिश्रा के अलावा विद्यालय के 11वीं और 12वीं के बच्चे मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिल देव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के प्रेस प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।