टीम एबीएन, खूंटी/रांची। खूंटी के इकलौते महाविद्यालय बिरसा कॉलेज में विगत वर्ष भर से रिजल्ट पेंडिंग को लेकर आज विद्यार्थी परिषद् ने भुक्तभोगी छात्र छात्राओं के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की विगत वर्ष भर से महाविद्यालय के छात्र छात्राओं का रिजल्ट पेंडिंग रहने से उनका भविष्य अधर में अटका दिखाई दे रहा है। कई बार महाविद्यालय प्रबंधन से पेंडिंग रिजल्ट को लेकर वार्तालाप भी की गई लेकिन हमेशा ही महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र-छात्राओं की बातों को अनसुना किया गया।
विद्यार्थी परिषद के नगर सह मंत्री अशोक टूटी ने बताया कि महाविद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों की पेंडिंग रिजल्ट को लेकर परेशान कर रही है। उन्होंने बताया कि ना तो महाविद्यालय में समय से शिक्षक-शिक्षिकाएं आते हैं और ना ही पढ़ाई ही होती है। पूजा कुमारी ने बताया कि उसने कई बार परीक्षा के लिए फॉर्म भरा और हर बार रिजल्ट पेंडिंग आया, जिससे उसकी पढ़ाई में परेशानी होने लगी है। उसने बताया कि पूछने पर प्राचार्य द्वारा डांटकर भगा दिया जाता है और कहा जाता है कि अपना काम स्वयं कर लो, मेरा समय बर्बाद मत करो। महाविद्यालय में काफी अनियमितताएं हैं। बाहर के लोग और एक्स स्टूडेंट्स आकर महाविद्यालय में घुस जाते हैं। निशा कुमारी ने बताया कि जो कॉलेज के विद्यार्थी नहीं रहते हैं वह अपनी मनमानी करते हैं। हमेशा ही कॉलेज प्रबंधन पर परीक्षा और परीक्षाफल को लेकर सवाल उठता रहा है।
महाविद्यालय की प्राचार्य जे किड़ो ने बताया कि जबसे सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ है तब से स्टूडेंट परेशान हैं। बच्चों ने समय पर फीस जमा करा दिया फिर भी आज उनका रिजल्ट पेंडिंग होने से परेशान हो रहे हैं। यह विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग की समस्या है, जिससे महाविद्यालय भी परेशान है। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और रांची विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग में जाकर इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए विश्वविद्यालय जाने की बात कही। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सह मंत्री निशा कुमारी ने बताया कि बाहर के स्टूडेंट्स की बात सुनी जाती है और वह लोग महाविद्यालय प्रबंधन से मिलकर सब काम करते हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ एस एन हैदर से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि महाविद्यालय उनकी समस्याएं जल्द सुलझायी जायेंगी। परीक्षा में अनियमितता वाली बात पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है लेकिन कहीं ना कहीं समस्याएं तो है ही।