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शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो पूरी तरह स्वस्थ, अब घर से बाहर भी जाकर कर सकते हैं काम : डॉ सौमित्र

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शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो पूरी तरह स्वस्थ, अब घर से बाहर भी जाकर कर सकते हैं काम : डॉ सौमित्र
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जमशेदपुर। शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को लंग्स ट्रांसप्लांट के जरिए नवजीवन देने वाले एमजीएम हेल्थकेयर, चेन्नई के नामी इंटरवेंशनल एंड ट्रांसप्लांट पल्मोनोलॉजिस्ट एंड क्लीनिकल लीड डॉ सौमित्र सिन्हा रॉय ने कहा है कि शिक्षा मंत्री अब घर से बाहर भी सामान्य ढंग से कामकाज कर सकते हैं। वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। दूसरी ओर, डॉ सौमित्र ने जमशेदपुर आने से पूर्व गुरुवार को कुछ घंटे रांची में झारखंड के शिक्षा मंत्री के आवास पर बिताया। शिक्षा मंत्री ने नया जीवन देने के लिए डॉ रॉय एंड टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता जतायी। डॉ सौमित्र ने जमशेदपुर में खबर मन्त्र से कहा, हमें खुशी है कि झारखंड के शिक्षा मंत्री जी ने हमें अपने आवास पर बुलाया। उनके स्वागत से मैं अभिभूत हूं। मंत्री जी ने डिनर कराने के बाद ही मुझे जमशेदपुर आने दिया। मंत्री जगन्नाथ महतो के स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनका स्वाथ्य बहुत अच्छा है और वे अबतक अपने कमरे में बने विशेष सुविधा वाले कमरे में रह रहे थे किंतु अब वे सामान्य ढंग से सांस ले पा रहे हैं। मैंने उनकी जांच के बाद कहा कि अब घर से बाहर भी काम कर सकते हैं। आप बिल्कुल स्वस्थ हैं। लंग्स ट्रांसप्लांट के बारे में डॉ सौमित्र ने कहा कि एमजीएम हेल्थ केयर, चेन्नई में दुनिया की अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण, दक्ष सर्जन एंड अनुभवी टीम है। मैंने खुद तीन साल तक कनाड़ा के टोरंटो में काम करने वाले दुनिया के सबसे बड़े लंग्स ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल में प्रशिक्षित हूं। ऐसे में एमजीएम के परिणाम शानदार हैं। पोस्ट कोविड के बाद डैमेज लंग्स के साथ आये 9 लोगों में एमजीएम ने लंग ट्रांसप्लांट किया और सभी मरीज स्वस्थ हैं। वैसे लंग्स ट्रांसप्लांट पर न्यूनतम 30 लाख रुपये का खर्च आता है किंतु इसके साथ अन्य खर्चे भी आते हैं। उदाहरणस्वरूप शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को ही लिया जाय जिनके इलाज पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आया। डॉ सौमित्र ने कहा कि झारखंड के मंत्री समेत अन्य सभी रोगियों को अंगदान के तहत बे्रन डेड मरीजों से मिले लंग्स को ही ट्रांसप्लांट किया गया। अगर भारत में भी कनाडा की तर्ज पर हेल्थ कार्ड लेने के लिए अंगदान की सहमति देना अनिवार्य कर दिया जाय तो लंग्स, हार्ट, किडनी, लीवर आदि का ट्रांसप्लांट ज्यादा से ज्यादा हो सकेगा और इससे देश में हर वर्ष हजारों लांगों की जान बचायी जा सकती है।
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