झारखंड
झारखंड : दो दिनों की अच्छी बारिश से धान की रोपाई में आई तेजी
ABN Bureau
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12 Aug, 2022
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टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कम बारिश होने के कारण परेशान किसानों के चेहरे पर हल्की खुशहाली दिखाई दे रही है; क्योंकि बंगाल की खाड़ी से झारखंड के किसानों के लिए राहत की बारिश हुई है। धान रोपाई की उम्मीद छोड़ चुके किसानों अब खेत में रोपाई कर रहे हैं। क्योंकि झारखंड के कई जिलों में बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अच्छी बारिश हुई है। 9, 10 और 11 अगस्त को रांची समेत आसपास के जिलों में अच्छी बारिश हुई। इसके बाद किसानों ने यहां पर धान की रोपाई शुरू कर दी है। राज्य में सही समय पर बारिश नहीं होने के कारण इस बार किसान धान की बुआई की उम्मीद छोड़ चुके थे। हालांकि किसान यह उम्मीद जता रहे थे कि अगर 15 अगस्त तक भी बारिश होती है, तो किसान धान की रोपाई कर देंगे। इस सप्ताह के अंत में हुई जोरदार बारिश के बाद अब किसान धान की रोपाई कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि 15 अगस्त से 20 अगस्त तक किसान धान की रोपाई कम से कम कर देंगे। धान की रोपाई में जुटे किसान सुखदेव उरांव ने बताया की देरी से धान की रोपाई करने पर बहुत अच्छी पैदावार तो नहीं होगी, पर जितनी पूंजी लगी है उसकी भारपाई हो जायेगी।
मौसम विभाग द्वारा जारी इन 48 घंटों की बारिश के बाद राज्य में बारिश की कमी में चार फीसदी और कमी आई है। रांची में हुई तेज बारिश के कारण शहर के निचले हिस्से में स्थित कई घरों में बारिश का पानी घुस गया था। इस दौरान रांची से सटे रामगढ़ जिले में 161.8 मिमी बारिश हुई जबकि जबकि रांची में इसी अवधि के दौरान 62.4 मिमी बारिश हुई। झारखंड में सामान्य मॉनसून होने पर एक जून से लेकर 11 अगस्त तक 616.5 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार इस अवधि के दौरान 348 मिमी बारिश हुई है।
सूखा आकलन का कार्य पूरा :
उल्लेखनीय है कि कम बारिश के कारण इस बार झारखंड में सूखे जैसी स्थिति हो गई है। इस बार राज्य में सामान्य से 44 फीसदी कम बारिश हुई है। चार फीसदी बारिश पिछले दो दिनों में हुई है। कम बारिश के चलते किसान इस बार धान की रोपाई नहीं कर पाए हैं। खरीफ फसलों की खेती प्रभावित हुई है, किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा झारखंड फसल राहत योजना चलायी जा रही है। इसके तहत सभी जिलों के प्रखडों में जाकर सूखे और फसल नुकसान का आकलन किया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलों में सूखे का आलकन किया जायेगा और केंद्र से राहत की मांग की जायेगी।
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