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पलामू प्रमंडल में कम बारिश के मद्देनजर कृषि और जल संचयन की गतिविधि तेज करें : पलामू आयुक्त

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पलामू प्रमंडल में कम बारिश के मद्देनजर कृषि और जल संचयन की गतिविधि तेज करें : पलामू आयुक्त
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मेदिनीनगर। प्रमंडलीय आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने पलामू प्रमंडल के पलामू, लातेहार एवं गढ़वा जिले में वर्षा कम होने से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। पलामू के समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने वर्षापात की स्थिति के मद्देनजर पानी, जल संचयन एवं कृषि कार्य पर विशेष फोकस करते हुए प्राथमिकता के तहत विशेष कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कार्य कर रहे विभाग एवं कृषि के क्षेत्र में जो विभाग कार्य कर सकते हैं, उन्हें कृषि और जल संचयन की दिशा में गतिविधियां तेज करने का निदेश दिया। उन्होंने वर्षा की माप के लिए प्रमंडल क्षेत्र के सभी प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र को क्रियाशील करने, जिन प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र नहीं है वहां शीघ्र इसे अधिष्ठापित करने एवं वर्षा की स्थिति में सही से उसका मापन करने का निदेश दिया। उन्होंने जिलों के उप विकास आयुक्त एवं जिला कृषि पदाधिकारी को औचक निरीक्षण कर वर्षा मापी की सही स्थिति जानने का निदेश दिया, ताकि वर्षा की सही स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने कम वर्षा के मद्देनजर सभी विभागों को समन्वय के साथ अपनी-अपनी गतिविधियों को तेज करने का निर्देश दिया, ताकि उत्पन्न वर्तमान परिस्थिति से निपटने में सहायता मिले। वहीं झारखंड राज्य फसल राहत योजना पर विशेष फोकस करते हुए ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना का लाभ देने का निदेश दिया। आयुक्त ने प्रमंडल क्षेत्र में खरीफ फसल बीज वितरण की स्थिति से अवगत हुए। उन्होंने कहा कि मांग के अनुरूप किसानों को धान का बीज उपलब्ध कराएं, ताकि वे छीटा विधि से धान की फसल लगा सकें। उन्होंने कहा कि कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक बीज की आवश्यकता होगी, उसकी मांग कृषि निदेशालय से तत्काल करें। दाल एवं बाजरा की आवश्यकता पर स्वीकृति के लिए राज्य को अनुरोध पत्र भेजने का भी निदेश दिया। उन्होंने वैकल्पिक बीज की उपलब्धता के लिए उपायुक्त के माध्यम से भी कृषि निदेशालय को पत्र भिजवाने की बात कही, ताकि प्राथमिकता के आधार पर पलामू प्रमंडल को बीज उपलब्ध कराई जा सके। प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने जिले के उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त को कलस्टर स्तर पर प्रखंड में इस योजना का लाभ देने, इस योजना का लाभ ले रहे किसानों को प्रशिक्षण देने की बातें कही। आयुक्त ने जेएसएलपीएस के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जेएसएलपीएस के कार्यक्रम प्रबंधक को नीलगाय से प्रभावित क्षेत्रों में लेमन ग्रास, एलोवेरा, पिपरमिंट,तुलसी जैसे वैकल्पिक एवं नगदी फसलों को बढ़ावा देने का निदेश दिया। इसके लिए उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को जागरूक करने और वैकल्पिक फसल लगवाने हेतु प्रेरित करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने पलाश, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन करने पर जोर दिया। कृषि विकास में नाबार्ड की भूमिका महत्वपूर्ण : आयुक्त ने क्रेडिट प्लान की विस्तृत समीक्षा करने और इस बैठक में डीडीएम नाबार्ड को भी बुलाने का निर्देश उपायुक्त को दिया। उन्होंने क्रेडिट प्लान की प्रगति अच्छी नहीं रहने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इन कार्यों की समीक्षा करें और सीजीएम नाबार्ड को भी इससे अवगत करायें। वहीं जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में भी डीडीएम, नाबार्ड को बुलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विकास में नाबार्ड की बड़ी भूमिका है। केसीसी वितरण की करें नियमित समीक्षा : आयुक्त ने किसानों के बीच केसीसी वितरण की समीक्षा के क्रम में पाया कि केसीसी के बैंक स्तर पर आवेदन लंबित हैं। इसपर आयुक्त ने इसकी साप्ताहिक समीक्षा करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि बैंक के डीजीएम को भी इससे संबंधित पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराना सुनिश्चित करायें। साथ ही इसकी सूक्ष्मता से समीक्षा करें। उन्होंने प्रखंड स्तर पर केसीसी वितरण की नियमित समीक्षा करने का निदेश दिया। आत्मा सिस्टम को करायें सक्रिय : आयुक्त ने आत्मा सिस्टम को सक्रिय करने की बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बीटीएम एवं एटीएम का मूवमेंट प्लान तैयार कराएं और उन्हें किसानों के साथ संपर्क में रहने का सख्त हिदायत दें, ताकि किसानों को कृषि कार्य संबंधित सही सलाह मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में कार्य कर रही विभागों एवं झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के साथ समन्वय स्थापित कराने का निदेश दिया, ताकि कृषि कार्य को और गति मिल सके। उन्होंने जनसेवकों को कृषि कार्य में लगाने पर विशेष जोर दिया। तालाबों की सूची करायें तैयार : भूमि संरक्षण के कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने भूमि संरक्षण, मत्स्य, लघु सिंचाई सहित अन्य विभागों द्वारा बनाये गये तालाबों की सूची तैयार करने और उन तालाबों के समीप फसल की स्थिति का अवलोकन करते हुए फसलों में सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बोरा बांध बनाकर रोके पानी, जल संचयन पर हो कार्य : पलामू प्रमंडल में चेक डैम की स्थिति से अवगत होते हुए आयुक्त ने कहा कि पदाधिकारी सिर्फ सरकार की योजना पर ही निर्भर नहीं रहें। छोटे-छोटे स्थानों पर बोरा बांध के माध्यम से पानी रोकने का कार्य करें। इससे जल संचयन हो सकेगा और भूमिगत जलस्तर ठीक होगी। साथ ही किसानों को फसल में इसका लाभ हो सकेगा। आयुक्त ने ग्रामीण विकास की योजनाओं यथा मनरेगा योजना को कृषि क्षेत्र में फोकस करने एवं रोजगार को क्रमबद्ध तरीके से कराने का निदेश उप विकास आयुक्त को दिया। किसानों के समस्या का हर हाल में करें समाधान : आयुक्त ने सिंचाई संबंधी जलाशय में सिंचाई जल की उपलब्धता, चेक डैम की स्थिति एवं जल की उपलब्धता, ग्रामीण विकास में मनरेगा योजना से कृषि/ रोजगारपरक योजना की प्रगति, 15वें वित्त आयोग की राशि की उपलब्धता एवं उससे किए जा रहे कार्यों, जल संचयन संबंधी योजना की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही वाटर शेड मिशन के द्वारा कार्यान्वित योजनाओं की समीक्षा की। वहीं पेयजल की उपलब्धता एवं उसे लेकर उत्पन्न समस्या, पशुओं के लिए पानी एवं चारे की उपलब्धता एवं उससे उत्पन्न समस्याओं की भी समीक्षा की। आयुक्त ने झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं जोहार योजना के तहत कृषि सेक्टर के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। वहीं सहकारिता के तहत लैम्पस के द्वारा कृषि से संबंधित कार्य एवं बीज वितरण की समीक्षा की तथा मुख्यमंत्री पशुधन योजना पर सक्रियता से काम करने पर बल दिया। उन्होंने कृषि कार्य में डीएमएफटी एवं सीएसआर के तहत प्राप्त राशि का भी उपयोग करने का सुझाव दिया। साथी ही आकांक्षी जिले के तहत उपलब्ध राशि को कृषि क्षेत्र में उपयोग करने की बातें कहीं। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी तरह की कोई समस्याएं नहीं होनी चाहिए। आयुक्त ने झारखंड राज्य फसल योजना का लाभ किसानों को देने के लिए उनका निबंधन हेतु जागरूक करने की बातें कही। बैठक में जो थे उपस्थित : बैठक में लातेहार उपायुक्त भोर सिंह यादव, आयुक्त के सचिव अनिल कुमार, पलामू के उप विकास आयुक्त मेघा भारद्वाज, लातेहार के उप विकास आयुक्त सुरेंद्र कुमार वर्मा, गढ़वा के उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय, पलामू के अपर समाहर्ता सुरजीत कुमार सिंह, डीडीएम नाबार्ड शालीन लकड़ा, तीनों जिले के जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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