टीम एबीएन, लातेहार/ रांची। झारखंड के लातेहार जिले के बारियातु प्रखंड के बालूभांग गांव में उस समय कोहराम मच गया जब अमानत नदी में अचानक बाढ़ आ गई और उसमें पांच छात्र-छात्राएं बहने लगे। सभी अपने स्कूल से लौटते वक्त नदी पार कर रहे थे। बाढ़ में उन्हें बहते देख एक चरवाहा शोर मचाने लगा। चरवाहे की आवाज सुन पास के तैराक युवकों ने बहते विद्यार्थियों को पानी से बाहर निकाला। अमानत में आई बाढ़ में बहने वाले विद्यार्थियों में अर्पित, सिद्धि कुमारी, निशा और लालू कुमार शामिल हैं। सभी दसवीं में पढ़ते हैं। इन्हें बचाने वालों में गांव के सुरेश गंझू, संजय केसरी, मगर गंझू, संतोष केसरी, रोहित कुमार, बिंदु केसरी और तिलक भुईयां शामिल हैं। छात्रों ने बताया कि वे स्कूल से गांव लौट रहे थे। इसी क्रम में वे नदी पार कर ही कर रहे थे कि अचानक बाढ़ आ गई और सभी बहने लगे। गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें बचाया। छात्रों ने बताया कि उनके गांव में हाई स्कूल नहीं है। इसके कारण करीब 40 छात्र-छात्राएं चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड स्थित सलगी हाईस्कूल में पढ़ने जाते हैं। इस क्रम में उन्हें नदी पार करना पड़ता है। नदी पर न तो पुल है न ही उसे बांधा गया है। बालूभांग से बारियातू की दूरी 20 किलोमीटर है जबकि गोनिया हाईस्कूल 9 किमी दूर है। सलगी विद्यालय की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है। पलामू प्रमंडल के आरडीडी शिवनारायण शाह ने कहा कि लातेहार जिले के 56 मध्य विद्यालयों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। श्रीशाह ने कहा कि इस निमित्त मैंने डीईओ,बीईईओ के संग बैठक कर स्कूलों की सूची मांगी थी। उन्होंने बताया कि मैंने क्षेत्र भ्रमण में पाया है कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 20 किलोमीटर तक भी जाना पड़ता है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक 5 किलोमीटर में एक हाई स्कूल हो। यदि किसी गांव में नदी या पहाड़ पार कर हाई स्कूल जाना पड़ता है तो यहां की दूरी एक दो किमी भी हो सकती है।