टीम एबीएन, मेदिनीनगर, (पलामू)। सड़कें विकास की लाइफ लाइन होती है। पलामू एवं गढ़वा जिले में बन रहे राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 75 एवं 98 की सड़कों के लिए बेहतर समन्वय के साथ निर्माण कार्य में प्रगति लाने की जरूरत है। यह बातें आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने कही। वे आज राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 75 एवं 98 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। आयुक्त ने कहा कि इन दोनों राष्ट्रीय उच्च पथों के लिए हो रहे भू-अर्जन कार्य में भू-राजस्व से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा अच्छे परिणाम दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बहुत ही कम मामले बचे हैं। इसे इस माह के अंत तक निष्पादित कर दें। एनएचएआई के प्रतिनिधि को उन्होंने कहा कि भू-अर्जन के बचे मामलों के निष्पादन में संबंधित अंचल पदाधिकारी को आवश्यक सहयोग करें, ताकि निर्माण कार्य को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि एनएचएआई की कार्यकारी एजेंसी भू- अर्जन की प्रक्रिया में असहयोगात्मक रवैया अपनाती है, तो संबंधित उपायुक्त अपने स्तर से एनएचएआई को रिपोर्ट करेंगे। आयुक्त ने संबंधित जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन हेतु एनएचएआई से प्राप्त आकस्मिकता की राशि को संबंधित अंचलों को उपाबंटित करें, ताकि कार्य की प्रगति में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं हो एवं संसाधनों की कमी से अनावश्यक विलंब न हो पाए। उन्होंने विशेष तौर पर विश्रामपुर अंचल के शंखा मौजा में भू-अर्जन के मामले को अविलंब निष्पादित करने का निर्देश दिया। साथ ही एनएच 98 के रैयतों के मुआवजा भुगतान करने हेतु उपलब्ध 24 करोड़ रुपए बकाए का वितरण युद्ध स्तर पर रैयतों को करने का निर्देश दिया। बैठक में आयुक्त जटा शंकर चौधरी के अलावा आयुक्त के सचिव अनिल कुमार, पलामू के अपर समाहर्ता सुरजीत कुमार सिंह, गढ़वा के अपर समाहर्ता पंकज कुमार सिंह, गढ़वा जिले के रमना एवं मेराल के अंचल अधिकारी, पलामू जिले के हरिहरगंज, छतरपुर एवं विश्रामपुर के अंचल अधिकारी एवं पिपरा के अंचल निरीक्षक सहित एनएचएआई के प्रतिनिधि एवं संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।