टीम एबीएन, पाकुड़। जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड के चिलगो गांव मे 48 मवेशियों की मौत हो गई है। एक साथ इतने मवेशियों की मौत की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की टीम और अमड़ापाड़ा थाने की पुलिस जांच करने गांव पहुंची है। मवेशियों के मौत के कारणों की जांच की जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक चिलगो गांव के बाबूलाल मरांडी, रहिमत मुर्मू, सोम हेम्ब्रम, बहा टुडू, रामेशल टुडू, श्रीतन हांसदा, सनोति टुडू, मुंशी टुडू, नोचन टुडू, राम मुर्मू, बड़ा मुंशी टुडू, मसोदी सोरेन, शिव हांसदा एवं रामजीवन मरांडी ने अपने-अपने गाय, बैल और बछिया गांव के ही जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन में बीते गुरुवार की शाम 4 बजे एक साथ बंद करके रखा था। शुक्रवार को जब अपने-अपने मवेशी को निकालने गये तो सभी गाय बैल और बछड़े मृत पाए गए। मामले की जानकारी मिलते ही चिकित्सकों की टीम पुलिस के साथ चिलगो गांव पहुंची और जांच में जुट गयी। ग्रामीणों का कहना है कि एक साथ बहुत सारे गाय बैल को बंद कर देने और खिड़की दरवाजा बंद करने के कारण दम घुटने से मौत हुई है। जांच करने पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ फरहत जब्बार ने बताया कि इतने सारे मवेशियों की मौत कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया जांच रिपोर्ट जिला पशुपालन पदाधिकारी को सौंपी जाएगी।