चरही। चरही में कई दशकों से सरकारी कृषि फार्म हाउस स्थापित है। वह आज बंजर है। अब इस भूमि पर कई जमीन माफियाओं की नजर है। कृषि फार्म हाउस की जमीन को कई लोगों ने कब्जा लिया है। जानकारी के बाद भी सरकारी तंत्र चुप्पी साधे हुए है। इस कृषि फार्म हाउस की अपनी 24 एकड़ 99 डिसमिल भूमि है। भूमि को सिंचित करने के लिए सभी साधन उपलब्ध हैं। इस फार्म हाउस के अंदर कुआं, तालाब, पॉली हाउस, गोदाम और पदाधिकारी को रहने के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण भी कराया गया है। लेकिन रहता कोई नहीं है। जिस कारण रख-रखाव विहीन हो गया है। इसके चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। हाउस के कृषि लायक सभी भूमि प्रति पड़ी हुई है। यह मवेशियों का चारागाह बनकर रह गया है। इतना ही नहीं शराबियों, गंजेडियों और जुआडियों का अड्डा बनकर रह गया है। इन लोगों का अड्डा सुबह से लेकर शाम 6 बजे तक लगा रहता है। लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है। फार्म हाउस को लावारिस की तरह छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कृषि फार्म में एक पदाधिकारी और एक गार्ड रहता था। जिसका देखभाल अच्छे ढंग से किया जाता था। अब कृषि भूमि जमीन पर माफियाओं की कुदृष्टि पड़ गयी है। इस भूमि को एक बार पुन: मापी कराने की जरूरत है।