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झारखंड की ऐसी घाटी जहां पहुंचते ही 2022 बन जाता है 2024, नहीं काम करता व्हाट्सएप्प

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झारखंड की ऐसी घाटी जहां पहुंचते ही 2022 बन जाता है 2024, नहीं काम करता व्हाट्सएप्प
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टीम एबीएन, रांची। रांची-जमशेदपुर रोड की तैमारा घाटी इन दिनों रहस्यमई घटना को लेकर चर्चा में है। चर्चा की वजह आपको भी हैरान कर देगी। दरअसल, रांची-जमशेदपुर रोड की तैमारा घाटी को पार करते हुए आप डेढ़ दो साल आगे चले जाते हैं। इस इलाके में अचानक से मोबाइल के टाइम जोन बदल जाते है और 2022 के बदले आप 2024 में चले जाते हैं। वैसे तो प्राकृतिक सुंदरता से भरा तैमारा घाटी का यह इलाका हर किसी का मन मोह लेता है, लेकिन हाल के दिनों मे रामपुर से तैमारा घाटी तक का इलाका एक रहस्यमई घटना के कारण इनदिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी चर्चा की पड़ताल को लेकर हम निकले तो हमारा भी सामना इस अजीबोगरीब स्थिति से हुआ। जामचूआ के समीप अचानक से हमारे मोबाइल का टाइम जोन बदल गया और व्हाट्सएप पर डेट सेटिंग का मैसेज आया। मैसेज में 4 फरवरी 2024 नजर आ रहा था, वहीं मोबाइल की भी टाइमिंग बदल गई थी। इस बाबत जब हमने स्थानीय लोगों से बात की तो उनका कहना था कि ये अक्सर यहां देखने को मिलता है। यहां से गुजरने वाले लोगों के मोबाइल की घड़ी का समय बदल जा रहा है, कुछ देर यानी एक-दो मिनट के लिए नहीं बल्कि समय डेढ़-दो साल आगे बढ़ जा रहा है। तारीख और समय में भी परिवर्तन हो जा रहा है। पहले से अपने रहस्य के लिए चर्चा में रहा तैमारा घाटी अब इस रहस्य को लेकर चर्चा में है। ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने में हो रही दिक्कत : इस टाइम जोन का सबसे बुरा प्रभाव जामचुआ इलाके मे कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय मे देखने को मिल रहा है। खासतौर पर इस वज़ह से विद्यालय के बच्चों और स्टाफ का ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं बन पा रहा है, क्योंकि 2022 का अटेंडेंस 2024 का नजर आता है। वहीं व्हाट्सएप और भी इस इलाके में काम नहीं कर पाता है। मामले को लेकर विद्यालय की प्रिंसिपल स्वर्णिमा टोप्पो ने बताया कि टाइम बदलने से लोग परेशान है। अटेंडेंस के साथ साथ कई तरह के एप्प भी इस इलाके मे अक्सर काम नहीं करते हैं। गाडियों की लाइट भी कभी-कभी ऑफ हो जाती है : वहीं तैमारा घाटी स्थित मंदिर मे रहनेवाले (केयर टेकर) लक्ष्मण नायक का कहना है यहां कोई दैवीय शक्ति है जिस कारण ये स्थिति यहां देखने को मिलती है। मोबाइल के टाइम जोन के साथ ही कई बार गाडियों की लाइट भी बंद हो जाती है। ऐसे में यह इलाका अपने रहस्य के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। चुंबकीय विकिरण की बात आ रही सामने : वहीं इस मामले पर पर्यावरणविद नीतीश प्रियदर्शी का कहना है कि यह घटना उनके भी संज्ञान मे आई है कई लोगों ने उन्हें मैसेज भी किया है, जिसमें इस तरह की बातें बताई है। रामपुर से तैमारा घाटी के रास्ते मे इस तरह की घटना हो रही है। मामले पर उन्होंने कहा कि फोन में गड़बड़ी या फिर मोबाइल नेटवर्क में कोई समस्या इस घटना की वज़ह नहीं हो सकती। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि वहां कोई चुम्बकीय विकिरण है जो मोबाइल को प्रभावित कर रही हैं और इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शोध की जरूरत है। वहीं उन्होंने ये भी बताया कि इलाके की स्ट्रीट लाइट भी फ्लिक करती है।
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