गढ़वा। जिले के बड़गड़ में तीन दिन पूर्व हिंसक आदमखोर भालू के हमले में तीन मृतकों व घायलों के अनाथ बच्चों के पालन पोषण, देखरेख एवं संरक्षण के लिए न्याय पीठ बाल कल्याण समिति गढ़वा ने प्रभावित परिवारों की बच्चों प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) के तहत चयन करते हुए सरकारी सहायता दिलाने की अनुशंसा की है। प्रत्येक परिवार से तीन बच्चों को चयन किया गया है। इस संबंध में सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उपेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि समिति द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए सामाजिक जांच प्रतिवेदन जिला समन्वयक-डीसीपीओ अशोक नायक एवं उपायुक्त सह अध्यक्ष डीसीपीयू सदस्य डीजेजे कमेटी राजेश कुमार पाठक को समर्पित किया गया है। जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि तीन मृतकों के परिवार की स्थिति दयनीय है। अनाथ बच्चों की निर्भरता एक मात्र विधवा माता पर हो गई है। परिवार की आर्थिक स्थिति जर्जर है। परिवार को तत्काल राहत के लिए मुआवजा एवं सहायता की जरूरत है। समिति द्वारा प्रभावित परिवार के प्रति चिंता प्रकट करते हुए तीन बच्चों को प्रति परिवार से प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) के लिए चयन करने, बालिकाओं को तत्काल कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय तथा बच्चों को आवासीय विद्यालय में नामांकन कराते हुए पुनर्वासन कराने तथा विधवाओं को मुख्यमंत्री सम्मान विधवा पेंशन योजना से तत्काल जोड़ते हुए पारिवारिक लाभ, आपदा प्रभावितों के लिए देय मुआवजा एवं बालिकाओं को सुकन्या योजना का लाभ दिलाने की अनुशंसा की गई है। जांच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त सह नोडल पदाधिकारी जिला परिषद, सचिव डीएलएसए, जिला शिक्षा अधीक्षक, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास पदाधिकारी, लीगल एड क्लीनिक भंडरिया, चाइल्डलाइन एसएस रंका को देकर अपने-अपने स्तर से प्रभावित परिवारों को सहायता दिलाने का आग्रह किया गया है।