हुसैनाबाद पलामू। मनरेगा के तहत कूप निर्माण में अनियमित्तता व भ्रष्टाचार के खिलाफ हुसैनाबाद प्रखंड के ग्रामीणों ने विधायक कमलेश कुमार सिंह से लिखित शिकायत की थी। विधायक ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल उप विकास आयुक्त पलामू को पत्र लिखकर सिंचाई कूप मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। विधायक के पत्र के आलोक में पलामू डीडीसी ने पत्र माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी हुसैनाबाद से छह बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। जिसमें किस परिस्थिति में बारिश के मौसम में भी कूप की पुरानी लंबित योजना रहने के बावजूद नई योजनाएं चालू कर दी गई, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी हुसैनाबाद द्वारा बारिश के आगमन पर भी नई सिंचाई कूप की योजना कैसे चालू की गई व पूर्ण कूप की भौतिक स्थिति वर्तमान में क्या है। इस कृत्य के लिए चालू योजनाओं की समीक्षा कर बीडीओ के द्वारा क्या कार्रवाई की गई। स्पष्टीकरण में कहा गया है कि सिंचाई कूप निर्माण योजना में भ्रष्टाचार की प्राप्त शिकायत से प्रतित होता है कि मनरेगा योजनाओं का निरीक्षण और समीक्षा बीडीओ नहीं करते हैं। इस कारण बीपीओ, पंचायत सचिव व मुखिया द्वारा मनमानी कर बारिश के आगमन पर भी नई योजनाएं चालु कर दी जा रही है। जिससे कूप धंसने व श्रमिकों के हताहत होने की संभावना बनी रहती है। पथरा पंचायत में बरती गई अनियमित्तता के मामले में निर्गत आदेश में बीडीओ द्वारा कृत कार्रवाई यथावत है। पंचायत डंडीला एवं झरगड़ा में सामाजिक अंकेक्षण में उभरे अनियमित्तता के मामले में भी बीडीओ द्वारा किसी प्रकार की विधि सम्मत कार्रवाई नहीं किया जाना लापरवाही का परिचायक है। उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना को भी दशार्ता है। डीडीसी ने पत्र में लिखा है कि हुसैनाबाद के विधायक कमलेश सिंह के पत्र के आलोक में दोषी कर्मी को चिन्हित करते हुए कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन 24 घंटे के अंदर जिला को भेजें। उक्त कार्रवाई नहीं करने के आरोप में बीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार को भेजी जायेगी।