HEC से समझौते के साथ सालों का JSCA स्टेडियम लीज विवाद खत्म
ABN Bureau• 26 Jun, 2022
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टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन और HEC के बीच 25 जून को एक ऐतिहासिक समझौता किया गया। इस समझौते के तहत लीज को लेकर चल रहे एचईसी के साथ तमाम विवादों का निपटारा भी कर दिया गया। JSCA में हुए इस ऐतिहासिक समझौते के समय JSCA के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी, वर्तमान अध्यक्ष संजय सहाय समेत तमाम पदाधिकारियों के साथ एचईसी की निदेशक मंडली मौजूद रही। इस समझौते के बाद अब जेएससीए और एचईसी के बीच जो भी विवाद कोर्ट में चल रहा था, उसे अब दोनों पक्षों की ओर से हलफनामा दायर कर वापस ले लिया जाएगा। एचईसी का जो भी बकाया जेएससीए के पास लंबित था उसका भी भुगतान कर दिया गया है। दरअसल एचईसी और जेएससीए के बीच स्टेडियम निर्माण को लेकर लंबे समय से लीज को लेकर विवाद चल रहा था। जिसका अब निपटारा कर दिया गया है।
JSCA की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी गयी। इसमें कहा गया है कि एचईसी और जेएससीए के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन एचईसी मैनेजमेंट के कुछ अधिकारी जो स्टेडियम निर्माण के खिलाफ थे। उन्होंने लीज की गलत ढंग से व्याख्या की। जिसके बाद विवाद लगातार बढ़ता गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
जेएससीए के निर्माण में सबसे बड़ा हाथ अमिताभ चौधरी का माना जाता है। उन्हें स्टेडियम निर्माण के लिए एक ही जगह 25 से 30 एकड़ जमीन की जरूरत थी। उस समय एचईसी अपने खाली जमीनों को लीज पर देने की प्रक्रिया पर काम कर रहा था। एचईसी के तत्कालीन मुख्य नगर प्रशासक स्व विनय कुमार सिंह जो जेएससीए के आजीवन सदस्य भी थे। ऐसे में जेएससीए की ओर से एक प्रस्ताव बनाकर एचईसी को भेजा गया। जिसे उस समय के तत्कालीन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक स्व जीके पिल्ले ने गंभीरतापूर्वक स्वीकार कर आगे बढ़ा दिया। दरअसल, जेएससीए स्टेडियम के निर्माण के पहले राज्य में जमशेदपुर में एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर का कीनन स्टेडियम मौजूद था। लेकिन कीनन स्टेडियम प्रबंधन के पास सहयोगात्मक रवैया के कारण अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन में परेशानी आ रही थी। जिसके बाद जेएससीए के तत्कालीन अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के नेतृत्व वाली कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ने एक नए स्टेडियम के निर्माण को लेकर जमीन की तलाश शुरू कर दी। जेएससीए की वह तलाश रांची में एचईसी की जमीन पर पूरी हुई।