टीम एबीएन, हजारीबाग (अभय सिंह)। शहर में इन दिनों अवैध व प्रतिबंधित लॉटरी टिकट धड़ल्ले से बिक रही है। विगत दिनों पुलिस द्वारा इस मामले में छापेमारी कर कारोबारी को गिरफ्तार भी किया गया और लाखो रुपए कीमत की लॉटरी टिकट भी बरामद की गई मगर इसका भय इन कारोबारियों पर बिल्कुल नहीं देखा जा सकता है। इस छापेमारी के बाद कई लोगो के बीच इसकी क्रेडिट लेने की होड़ भी लग गयी थी। वे सोशल मीडिया पर अपनी गुणगान करते नहीं थक रहे थे। लेकिन आज लॉटरी टिकट खुले आम बिक रही है और उनकी चुप्पी कोई और ही कहानी बयां कर रही है।
लॉटरी बेचने को लेकर दो गुट उलझे : सूत्र बताते है की शहर में लॉटरी बेचने को लेकर दो गुटों में संघर्ष है। बिहार निवासी लॉटरी के संचालक पवन सिंह और दुबे लॉटरी संचालन को लेकर आपस में उलझ पड़े हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों को मिलाने की कवायद जिले के बड़ा अखाडा के समीप लॉटरी बेचने वाले दलालों व स्थानीय छुटभैये नेता करा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बिहार के दो लॉटरी माफियाओ के इस खेल में हजारीबाग में तीन पार्टनर का ग्रुप सम्मिलित है जो जिले में लॉटरी टिकट को खपाते है। पहले ग्रुप में किसी बबलू गुप्ता, वही दूसरे ग्रुप में रिंकू खान व तीसरे ग्रुप दीपू केशरी का नाम सामने आ रहा है।
स्थान बदल-बदल बेची जा रही लॉटरी : यह खेल बंगाल से बिहार के नवादा के बिहार के रास्ते पवन सिंह के द्वारा हजारीबाग बृहद पैमाने पर अड्डा बदल बदल कर किया जा रहा है। लॉटरी का खेल बुच्चर टोली चौक, खाजा चौक, कांग्रेस आॅफिस रोड स्थित एक गुमटी में लाखो रुपए की खरीद बिक्री हर दिन की जाती है। शहर के सुभाष चौक, कल्लू चौक, इंद्रपुरी चौक, झंडा चौक, डेली मार्केट सहित दर्जनों जगहों पर अवैध लॉटरी बेची जाती है। कई कारोबारियों का संपर्क छोटे बड़े सभी पुलिसकर्मियों से होने के कारण शहर में तरह-तरह की चर्चा सुनी जा सकती है। इस धंधे में सेठ साहूकारों के सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता हो मगर युवा, मजदूर, गरीब तथा इस तरह के लोग रातों-रात लखपति बनने के चक्कर में बर्बादी के मुहाने पर खड़ा है। सूत्रों की मानें तो कई बड़े लोगों के बर्दास्त होने के कारण भी ऐसे कारोबारियों को गाहे-बगाहे लाभ मिल रहा है मगर जिस तरह से इन दिनों शहर के हर हिस्से अवैध व प्रतिबंधित लॉटरी टिकट से भरा पड़ा है यह पुलिस प्रशासन के लिए भी शर्मसार करने वाली बात है।