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खतरा : चांडिल डैम के दो पिलरों में आई दरार

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खतरा : चांडिल डैम के दो पिलरों में आई दरार
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चांडिल। चांडिल डैम के पिलर संख्या एक और दो में आई दरार की जांच करने शुक्रवार को दिल्ली से सीआरएमएस की टीम पहुंची और चांडिल डैम कि पीलर में आई दरारों की जांच किया। दिल्ली से आई सीआरएमएस की टीम के द्वारा पीलर में आई दरार की जांच करने को लेकर क्रेक मापने वाला यंत्र भी लगाया गया। किस यंत्र के द्वारा कितने दिन में पीलर की दरार कितनी बढ़ रही है, इसकी जांच किया जाएगा। बता दें कि चांडिल डैम देश के बड़े डैमों में से एक है। अगर यह डैम टूटा तो उत्तराखंड जैसे हालात स्वर्णरेखा नदी के तटवर्ती इलाकों में उत्पन्न हो जायेगा। इसलिए प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। वर्ष 2018 में चांडिल डैम के पिलर में दरार आई थी चांडिल डैम में आई दरारों की जांच के लिए दिल्ली से 5 सदस्य वाले वैज्ञानिकों की टीम ने क्रेक मापक यंत्र लगाया है जिसमें क्रेक की नियमित जांच किया जाएगा और क्रिक से होने वाली नुकसान का भी पता लगाया जाएगा। वैज्ञानिकों की टीम ने पिलर में आई दरार को बारीकी से जांचा और यंत्र लगाया जिससे अब नियमित रूप से होगी दरार की मनिटरिंग चांडिल डैम स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना राष्टय परियोजना में शामिल है। चांडिल डैम लगभग 1995 में बनकर तैयार हो गया था। जिसके कई वर्ष बाद चांडिल डैम के रेडियल गेट को लगाए गए।
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