टीम एबीएन, कोडरमा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान ने सेना में चार साल की नौकरी की अग्निपथ योजना को सर्वोच्च बलिदान के लिए आपराधिक कदम बताया। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि सीपीएम मोदी सरकार की अग्निपथ योजना का दृढ़ता से विरोध करता है, जो भारत के राष्ट्रीय हितों के लिए हानिकारक है। पेशेवर सशस्त्र बलों को चार साल की अवधि के लिए अनुबंध पर सैनिकों की भर्ती देशहित में नहीं है। पेंशन के पैसे बचाने के लिए यह योजना हमारे पेशेवर सशस्त्र बलों की गुणवत्ता और दक्षता के साथ समझौता है। पिछले दो साल से भारतीय सेना में कोई भर्ती नहीं हुई है। सशस्त्र बलों में नियमित सैनिकों की भर्ती के बजाय यह योजना ऐसे अनुबंधित सैनिकों को उनके चार साल बाद रोजगार की कोई अन्य संभावना नहीं छोड़ती है। यह एक खतरनाक स्थिति पैदा करेगा। साथ ही हमारे सामाजिक ताना बाना पर खतरनाक प्रभाव डालेगा। हमारे युवाओं को नौकरी की न्यूनतम सुरक्षा के बिना सर्वोच्च बलिदान देने के लिए तैयार रहने का आह्वान करना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्वत:स्फूर्त विरोध इस योजना के खिलाफ नौजवानों के गुस्से को दर्शाता है। माकपा मांग करता है कि इस ‘अग्निपथ’ योजना को तत्काल रद्द किया जाए और सशस्त्र बलों में तत्काल नियमित भर्ती की जाये।