टीम एबीएन, पलामू। माननीय विधायक, हुसैनाबाद कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में 2020 में एके सिंह कॉलेज जपला में शासी निकाय के गठन के बाद से कॉलेज लगातार विकास की ओर अग्रसर है। 2020 के पूर्व सचिव ललन कुमार सिंह और प्राचार्य अशोक कुमार सिंह के कार्यकाल में कॉलेज का विकास कार्य ठप्प था। ना तो सोसाइटी का गठन हुआ था, न यूजीसी से मान्यता मिली थी, न ही कर्मचारियों की EPF कटौती होती थी। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय को कोई भी रिपोर्ट समय से नहीं भेजी जाती थी। कमलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कॉलेज की अपनी सोसाइटी का गठन किया गया। यूजीसी से 2f के तहत मान्यता प्राप्त हुई, जिससे वर्षों से बाधित सरकारी अनुदान प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। कर्मचारियों का ना सिर्फ 2021 से EPF कटौती प्रारंभ किया गया, बल्कि विगत वर्षों की भी EPF कटौती हो रही है। कॉलेज में पर्सनालिटी डेवलपमेंट का अलग से पठन-पाठन कराया जा रहा है। विश्वविद्यालय के हर निर्देश के अनुपालन में एके सिंह कॉलेज अग्रणी है। कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों में कॉलेज प्रशासन को लेकर पूर्ण संतुष्टि है। जो लोग कॉलेज को व्यक्तिगत आमदनी का जरिया बनाए हुए थे, जिनपर भ्रष्टाचार के आरोप में लोकायुक्त के आदेश से देवरी थाना में केस दर्ज है, जो फर्जी दानदाता बने हुए थे, जिन्होंने 70 लोगों को पैसे लेकर अवैध रूप से नियुक्त कर रखा था, सत्ता से बेदखल होने के बाद सिर्फ वही असंतुष्ट हैं और बेवजह कॉलेज को बदनाम करने के कुत्सित कार्य में संलिप्त हैं। उक्त बातें एके सिंह कॉलेज के सचिव रौनक सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा।