झारखंड
कोडरमा : बिजली-पानी की मांग को लेकर झुमरीतिलैया में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू
ABN Bureau
•
08 Jun, 2022
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टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। शहर में अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण शहरवासियों को हो रही कठिनाई को लेकर धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल शुरू किया गया है। बुधवार से सामाजिक कार्यकर्ता विशाल भदानी भारतीय और अजीत चंद्रवंशी बिजली विभाग कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका समर्थन करने वार्ड पार्षद नीरज कर्ण, बालगोविंद मोदी, पूर्व मुखिया धीरज कुमार, रमेश प्रसाद, प्रोफेसर राखी भदानी, रीतेश माधव, संजीव समीर, मधु कुमारी, आशय बसंत, लट्टू जैन, अभिमन्यु कुमार, अजीत सिन्हा, विनोद सिंह, रविंद्र सिंह, राकेश छावड़ा, अंकित कुमार, ओम प्रकाश गुप्ता, सत्येंद्र कुमार गौतम, मिलन शाहाबादी, राकेश छावड़ा, मुकेश जैन, मंटू यादव, भूपेंद्र कुमार सिंह, नाजबून खातून, शिवशंकर वर्णवाल, रोहित कुमार सिंह, डॉ दीपक कुमार, शंकर यादव, बालेश्वर यादव, प्रीतम कुमार, पप्पू यादव समेत शहर के कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे। इस बाबत अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि विगत कई दिनों से झुमरीतिलैया शहर में बिजली आपूर्ति की स्थिति बिल्कुल चरमरा गई है। 24 घंटे में महज 5 से 7 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है और वह भी अनियमित तरीके से। बिजली कब आती है और कब जाती है, इसकी जानकारी आम लोगों को कभी नहीं मिल पाती है। बिजली की इस त्रासदी के कारण शहरवासियों का जनजीवन और दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है तो वहीं इस भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत कई बार मौखिक और लिखित तौर पर समस्या से अवगत कराने और समाधान की मांग करने के बाद भी किसी प्रकार का सुधार नहीं हो पाया है। ज्ञापन में कहा है कि इस धरना प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग करते हैं। मांग है कि झुमरीतिलैया शहर में कम से कम 20 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बिजली की कटौती यानि बिजली के आने एवं जाने की सूचना विभिन्न माध्यमों से शहर वासियों को दी जाए। पेयजल आपूर्ति में बिजली की समस्या बहुत बड़ी बाधक बनी है, इसे दुरुस्त किया जाए। इन मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी बहुत समर्थन प्राप्त हो रहा है और लोग इस पहल की सराहना करते दिख रहे हैं।
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