झारखंड
अधिवक्ता संघ लोहरदगा ने सम्मानित अधिवक्ताओं के साथ बनाई रणनीति
ABN Bureau
•
30 May, 2022
•
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टीम एबीएन, लोहरदगा। आज दिनांक 30 मई 2022 दिन सोमवार को जिला अधिवक्ता संघ लोहरदगा के सम्मानित अधिवक्ताओं की आम सभा पूर्व सूचना अनुसार वरीय अधिवक्ता श्री मुनींद्र प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में वर्तमान समिति के कार्यकलापों (जो अधिवक्ता संघ के हित में नहीं है) को लेकर, वर्तमान समिति को भंग करते हुए चुनाव पदाधिकारियों का मनोनयन एवं अधिवक्ता संघ के नए कार्यसमिति के चुनाव आदि विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में झारखंड स्टेट बार काउंसिल के माननीय अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण, काउंसिल के माननीय सदस्य संजय कुमार विद्रोही (महासचिव रांची जिला अधिवक्ता संघ) एवं माननीय सदस्य परमेश्वर मंडल विशेष रुप से उपस्थित रहे। बैठक में वर्तमान समिति के द्वारा दिनांक 28 मई को आनन-फानन में आज की घोषित बैठक के पूर्व बैठक बुलाने एवं मनमाने तरीके से योजना बनाकर अतार्किक एवं गलत प्रस्तावों को पारित किए जाने के कठोर शब्दों में निंदा की गई तथा वर्तमान सचिव एवं समिति के द्वारा अपनी मर्जी के मुताबिक निर्णय लेने एवं अन्य क्रियाकलापों की तीव्र भर्त्सना की गई। स्टेट बार काउंसिल के सम्मानित सदस्यों ने बताया कि लोहरदगा जिला अधिवक्ता संघ में नए युवा अधिवक्ताओं से सचिव के द्वारा राशि लेकर उक्त राशि की रशीद निर्गत नहीं करना एवं अधिवक्ता संघ में उन्हें इनरोल नहीं करना एसोसिएशन के नियमों की अवहेलना है। साथ ही साथ वर्तमान समिति के द्वारा चुनाव की घोषणा के बाद अधिवक्ताओं के बीच रुपयों का वितरण अंशदान के रूप में करना तथा संघ की राशि को खर्च करना मॉडल रूल का उल्लंघन है।
स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने सभा को संबोधित किया और निर्देश दिए कि आप चुनाव पदाधिकारी के लिए 3 अधिवक्ताओं के नाम हमें भेज दें। काउंसिल के द्वारा अंतिम रूप से चुनाव हेतु 3 अधिवक्ताओं का नाम अनुमोदित किया जाएगा एवं दो ऑब्जर्वर जो काउंसिल के सदस्य होंगे उनकी देखरेख एवं निगरानी में चुनाव संपन्न कराया जाएगा। तीन सदस्यीय समिति के द्वारा मतदाता सूची पहले जिला के अधिवक्ताओं द्वारा आपत्ती अनापत्ति के बाद काउंसिल भेजा जाएगा जिस पर स्टेट बार काउंसिल अंतिम रूप से निर्णय लेकर मतदाता सूची को प्रकाशित करेगी। राजेंद्र कृष्ण ने यह भी कहा कि मॉडल रूल के अनुसार चुनाव की घोषणा के साथ ही वर्तमान समिति भंग हो जाती है परंतु वर्तमान समिति भंग होने के बाद भी नियमों की अनदेखी कर जो कार्य कर रही है यह गलत है और नियमों की अवहेलना है जिस पर स्टेट बार काउंसिल संज्ञान लेगी। संजय कुमार विद्रोही ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष रुप से कराने की जिम्मेवारी काउंसिल की है और हम इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने देंगे। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं से अपनी एकता को बनाए रखने की अपील की और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने के लिए काउंसिल के निर्देशानुसार कार्य करने की बात कही। श्री विद्रोही ने भ्रष्टाचार का पुरजोर विरोध करने की बात दोहराई और कहा कि मैंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक चिंगारी लगाई है जिसे हम सभी अधिवक्ता मिलकर आग का आकार देने का प्रयास करेंगे।
माननीय सदस्य परमेश्वर मंडल ने जिला अधिवक्ता संघ के वर्तमान पदाधिकारियों के बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर अपना विरोध प्रकट किया और वर्तमान समिति के अधिकारियों और सदस्यों के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब स्टेट बार काउंसिल के माननीय अध्यक्ष सभा में उपस्थित हैं तो ऐसी स्थिति में संघ के अधिकारियों का सभा में उपस्थित नहीं रहना आश्चर्य का विषय है। काउंसिल के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने सभा में पारित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी सहमति दी और इसकी प्रति स्टेट बार काउंसिल को भेजने की बात कही। इस आम सभा का संचालन अधिवक्ता देवाशीष कार एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता अजय कुमार मित्तल ने किया। बैठक को अधिवक्ता मनोज प्रसाद, फताउर रहमान, प्रमोद कुमार पुजारी, हेमंत कुमार सिन्हा ने भी संबोधित किया। बैठक में अमिन्द्र सिंह, मो जमील अहमद, ताहिर अहमद, सुरीला देवी, लाल दीपक शाह देव, विवेक कुमार, सुमन भगत, विक्रम कुमार, रागीब सब़ा, नकी अख्तर, प्रेमचंद अग्रवाल, सुदामा साहू, राखा साहू, अजीत कुमार सिंह, युगल किशोर सिंह मोतीलाल, लाल धर्मेंद्र देव, शलाका श्रीवास्तव, आकांक्षा टोप्पो, सफदर आलम, कुमार चंद्रशेखर, अशोक कुमार वर्मा अनुज साहू, उज्जवल कुमार रविकांत उरांव, सरफराज अहमद, अजय लकड़ा, सचिन कुमार, अरुण कुमार साहू, नारायण साहू, भूपेंद्र कुमार, बुधनाथ साहू, नरेंद्र मिंज एसएस अमबष्ठा सहित अन्य अधिवक्ता शामिल हुए।
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