टीम एबीएन, हजारीबाग। कोर्रा थाना क्षेत्र के जबरा रोड में बोध तालाब (जिसे सीढ़ी तालाब भी कहते हैं) की भराई जारी है। लगातार दो दिनों से अखबार की सुर्खियां बटोरने के बाद सदर सीओ ने जांच के आदेश दिये थे। जांच भी हुई। लेकिन गुरुवार रात आठ से एक बजे के बीच भू-माफियाओं ने तालाब में 30-40 ट्रैक्टर मिट्टी फिर से गिरा दिया। अभी जांच जारी ही है और भू-माफियाओं की दबंगता कुछ और ही कहानी बयां करती है। खुद सीओ ने दो दिन पूर्व कहा था कि कोर्ट के आदेश के अनुसार रैयती भूमि पर भी अगर जलाशय या तालाब हो, तो आप उसे नहीं भरवा सकते। हां उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर अचानक क्या हुआ कि गुरुवार रात मिट्टी फिर से भरी गयी। किसके शह पर भू माफिया इतना बेखौफ होकर कार्य को अंजाम दे रहे हैं? किस अधिकारी के शह पर भू माफिया तालाब भरने पर आमादा हैं? या फिर ऐसा भी हो सकता है अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए दिन के उजाले को छोड़ रात के अंधेरे में काले कारनामे को अंजाम दिया जा रहा हो?
... यही हाल रहा, तो तालाब को नक्शे से गायब कर देंगे भू-माफिया : बस्ती के लोग इस तालाब के अस्तित्व को लेकर परेशान हैं। बताया जा रहा है कि तालाब को भरकर जमीन की प्लॉटिंग की जानी है और फिर उसे बेच दिया जायेगा। कहानी साफ है कि धीरे-धीरे इस तालाब को नक्शे से गायब करने की योजना है। ज्ञात हो कि हाईकोर्ट ने जलश्रोत व तालाब के अतिक्रमण को लेकर हाल में सरकार व निगम को फटकार लगायी थी। सरकारी के साथ निजी तालाब के अतिक्रमण या भराई पर पूर्णत: रोक है। कोर्ट के अनुसार निजी जल श्रोत को भी भरना कानूनन अपराध है। इस 200 साल पुराने तालाब को भरने वालों पर जिला प्रशासन को संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है।