टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यसभा चुनाव में गठबंधन के साझा या कांग्रेस और जेएमएम के अलग-अलग प्रत्याशी उतारे जाने को लेकर सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस बार साझा प्रत्याशी देने पर अड़ी है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ झारखंड कांग्रेस की अहम बैठक कुछ नेताओं के साथ हुई है। जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य कह रहे हैं कि जेएमएम के पास 30 विधायक हैं। ऐसे में पार्टी का राज्यसभा की सीट पर स्वाभाविक दावा बनता है़। जेएमएम के इसी दावे के बाद झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय ने कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, चारों कार्यकारी अध्यक्ष, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, गीता कोड़ा और बंधु तिर्की सहित कई विधायकों को दिल्ली बुलाया है।
28 मई को जेएमएम की बैठक : वहीं, जेएमएम की तरफ से प्रत्याशी को लेकर मंथन जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जेएमएम विधायक दल की बैठक 28 मई को बुलाई गई है। चर्चा है कि बैठक में राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशी सहित राज्य के वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी। 28 मई को जेएमएम की बैठक पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के आवास पर बुलाई गई है। बैठक में झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन, कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित पार्टी के सभी विधायकों के साथ वरिष्ठ नेता व जिलाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।
झारखंड विधानसभा में संख्या बल : राज्यसभा की एक सीट के लिए झामुमो सबसे मजबूत स्थिति में है। झारखंड राज्यसभा की 2 सीटों के लिए चुनाव 10 जून 2022 को होना है। सजायाफ्ता बंधु तिर्की की सदस्यता जा चुकी है। इस समय विधानसभा निर्वाचित सदस्यों की संख्या 80 है। पहली प्राथमिकता में जीत के लिए 27 मत जरूरी होंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास 30 विधायक हैं। राजद के पास एक विधायक है। कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या प्रदीप यादव को मिलाकर 17 है। दूसरी ओर भाजपा के विधायकों की संख्या बाबूलाल मरांडी को मिलाकर 26 है। आजसू के 2 विधायक, एनसीपी के 1, माले के 1 और 2 निर्दलीय विधायक हैं।