टीम एबीएन, रांची। झारखंड भाजपा का शिष्टमंडल गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचकर मतगणना कार्य प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सह सांसद गीता कोड़ा के दबाव में चाईबासा जिला के नोवामुंडी जिला परिषद सदस्य भाग-1 के मतगणना परिणाम को प्रभावित किया गया है। शिष्टमंडल ने दोबारा मतगणना कराने के साथ साथ आरओ सह डीएसओ, एआरओ और एसडीओ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है शिष्टमंडल की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि नोवामुंडी जिला परिषद सदस्य भाग-1 सीट पर मनीषा कुमारी उम्मीदवार थी। इस सीट पर 19 मई को मतदान हुआ और 22 मई को मतगणना हुआ। मतगणना 2ः30 बजे समाप्त हो हुई। इस दौरान दौरान प्रशासनिक पदाधिकारियों की ओर से मनीषा कुमारी के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस सीट के दूसरे प्रत्याशी देवकी कुमारी की मौखिक रूप से जीत की घोषणा कर दी गई। इसके बाद मनीषा कुमारी ने शाम 5ः45 बजे में जिला पर्यवेक्षक पदाधिकारी से शिकायत की और प्रशासन की ओर से पुनर्मतगणना का आश्वासन दिया गया। लेकिन दोबारा मतगणना हुआ नहीं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि देवकी कुमारी की तथाकथित जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और सांसद गीता कोड़ा ने स्वागत किया। इससे स्पष्ट है कि राज्य की कांग्रेस समर्थित सरकार के इशारे पर मतगणना को प्रभावित किया गया है। आचार संहिता के बीच जनप्रतिनिधि की ओर से स्वागत करना आचार संहिता का भी घोर उल्लंघन है। देवकी कुमारी को गलत तरीके अपनाकर 2 वोट से जिताने में आरओ सह डीएसओ अमित प्रकाश, एआरओ विमल और एसडीओ जगन्नाथपुर शंकर एक्का की मुख्य भूमिका है। शिष्टमंडल में भाजपा प्रदेश मंत्री काजल प्रधान, प्रदेश मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक, सोशल मीडिया प्रभारी मृत्युंजय शर्मा और विधि प्रकोष्ठ के अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव शामिल थे।