टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर आ रही है, जहां निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के करीबी माने जाने वाले विशाल चौधरी के घर से भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ। दरअसल मंगलवार की सुबह 7 बजे से ही ईडी की टीम पूजा सिंघल के करीबियों के रांची, मुजफ्फरपुर समेत 7 ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की यह रेड अभी भी जारी है और इसी रेड के दौरान विशाल चौधरी के घर से काफी मात्रा में कैश बरामद हुआ है। बता दें, कैश को गिनने के लिए मशीनें भी मंगवाई गयी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार विशाल चौधरी के अरगोड़ा चौक स्थित अशोक नगर रोड नंबर 06 स्थित आवास में कैश की बरामदगी हुई है। इसके साथ ही घर के अंदर से कई दस्तावेज मिले हैं जिसकी जांच की जा रही है। वहीं विशाल, उनके परिजनों और कार्यालय के कर्मियों के फोन को भी जब्त किया गया है। दरअसल, मनरेगा घोटाले से शुरू हुई ईडी की जांच का दायरा अब काफी बढ़ चुका है। इस मामले में अब प्रतिदिन कोई न कोई खुलासा हो रहा है और साथ ही ईडी भी अपनी दबिश बढ़ा रही है। इसी के तहत पूजा सिंघल के करीबी माने जाने वाले विशाल चौधरी व निशित केसरी के ठिकानों पर मंगलवार को ईडी की टीम छापेमारी करने पहुंच गयी। इस दौरान ईडी की टीम को कैश के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण जानकारी भी मिली है। विशाल चौधरी रांची ही नहीं पूरे झारखंड का जाना माना नाम है। विशाल चौधरी झारखंड में कई कौशल विकास केंद्र भी चलाते हैं। बताया जाता है कि इनके संबंध कई वरिष्ठ आईएएस अफसरों के साथ हैं। सूत्रों के अनुसार इन्हीं अच्छे संबंधों के नाम पर विशाल ने मोटी कमाई की है और अधिकारियों को भी मालामाल किया है। बता दें, आज रेड के दौरान विशाल के कायार्लाय के बाहर कचड़े के ढेर में एप्पल का मोबाइल फोन और उसके साथ ही कई अहम दस्तवेज भी मिले हैं। इन कागजातों में कई आईपीएस अफसरों के भी नाम भी लिखे हैं। जानकारी के अनुसार छापेमारी से ठीक पहले कार्यालय से इन सामानों और दस्तावेजो को फेंका गया था। हालांकि ईडी के द्वारा मोबाइल और दस्तावेजो का अध्ययन किया जा रहा है।
विदेश दौरे के शौकीन हैं विशाल चौधरी : मिली जानकारी के अमुसार विशाल चौधरी और अनिल झा दोनों बिजनेस पार्टनर हैं। विशाल शुरूआत में जमीन के धंधे से जुड़ा था, जहां उसने काफी पैसे कमाए और फिर उन्हीं पैसे के जरिये विशाल अधिकारियों के बीच अपनी मजबूत पैठ बनाने में लग गए। इसके साथ विशाल चौधरी ने कौशल विकास केंद्र के जरिए भी अपना बैंक बैलेंस मजबूत किया। वह विनायक ग्रुप आॅफ कंपनी चलाते हैं, इसके साथ ही वह चिट फंड कंपनी भी चलाते हैं जिसमे 3 वर्षो में पैसे दोगुना किया जाता है। विशाल विदेश दौरे के भी खूब शौकीन हैं। विशाल को राज्य सरकार से कोरोना काल में भी 4 करोड़ के मेडिकल किट की सप्लाई का टेंडर मिला था।