टीम एबीएन, रांची। गुरुवार की रात पडरिया के नवनिर्वाचित मुखिया पप्पू कुमार के समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला। जिसपर ककरौला के कुछ युवकों ने घात लगाकर हमला कर दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। जिनमें बीरेन्द्र सिंह की हालत गंभीर थी। उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। बताया जाता है कुछ वर्ष पूर्व इसी ककरौला गांव में एक नाबालिग युवक सुमित कुमार की पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी गयी थी। खास बात यह है कि सुमित हत्याकांड में शामिल ऋषव कुमार (जिसे नाबालिग कह फिलहाल जेल से बाहर भेजा गया है) भी इस मामले में मुख्य रूप से शामिल है। यक्ष प्रश्न है कि आखिर इस तरह की घटना को अंजाम देने वालों को आखिर किसका वरदहस्त प्राप्त है?