टीम एबीएन, कोडरमा। एसी के यात्रियों के लिए सवा दो साल से बंद बेड रोल की सुविधा बहाल करने का आदेश रेलवे ने 10 मार्च को ही जारी कर दिया है। रेलवे बोर्ड से जारी आदेश में यात्रियों को मिलने वाले चादर, कंबल और तकिया की सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू है। बोर्ड से जारी आदेश के बाद ट्रेनों में बेड रोल सुविधा बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। देशभर की कई ट्रेनों में बेड रोल मिलने लगे हैं। पर अब भी यह सुविधा पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। धनबाद रेल मंडल की ही बात करें तो अब तक सिर्फ गंगा-सतलज एक्सप्रेस में ही बेड रोल मिल रहे हैं। अन्य ट्रेनों के यात्री इससे महरूम हैं। कोडरमा से गुजरने वाली कई ट्रेनों में भी अब तक बेड रोल नहीं मिल रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर अब रेलवे ने बेड रोल को लेकर नई व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया है। ताजा निर्णय के तहत अब रेलवे ठेकेदारों के भरोसे नहीं रहेगी। खुले बाजार से बेड की खरीद कर यात्रियों को मुहैया कराया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में बेड रोल सेवाओं की बहाली के लिए अस्थायी रूप से तीन महीने की अवधि के लिए डीआरएम कोटेशन शक्तियों को प्रत्यायोजित कर सेवा अनुबंधों के आपातकालीन निष्पादन के लिए माडल एसओपी में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इसके तहत सभी क्षेत्रीय रेलवे से अनुरोध कहा गया है कि सभी चिन्हित ट्रेनों में जल्द से जल्द बेड रोल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ट्रेनों को जल्दी बहाल करने और ट्रेनों में बेडरोल की आपूर्ति को सुचारू रूप से जारी रखने में रेलवे को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने आवश्यकता के अनुसार एक वर्ष की अवधि के लिए खुले बाजार से मिल आधारित लिनन की खरीद के लिए अनुमति दी है। दरअसल, मार्च 2020 से बेड रोल सुविधा बंद है। अब एकाएक इसे शुरू करने को कहा गया है। सवा दो साल से ज्यादा समय से रखे बेड रोल उपयोग योग्य नहीं हैं। कई फट चुके हैं और उनके धब्बे लग चुके हैं। ऐसे में नए बेड रोल की खरीद करनी पड़ रही है। आउटसोर्सिंग कंपनियां उपलब्धता के मुताबिक इसे अलग-अलग ट्रेनों में उपलब्ध करा रही हैं। इस प्रक्रिया में काफी वक्त लग जा रहा है। यही वजह है कि अब खुले बाजार से खरीद को रेलवे ने ग्रीन सिग्नल दिया है। बेड रोल के साथ एसी कोच में लगने वाले पर्दे की भी खुले बाजार की खरीद की इजाजत दी गई है।