एबीएन डेस्क, रांची। द रांची प्रेस क्लब आपदा के हर अवसर पर पत्रकार साथियों के साथ खड़ा है। 4 जून को एक सांध्य दैनिक में प्रेस क्लब में कोविड अस्पताल चला रहे मिशन ब्लू फाउंडेशन के द्वारा उगाही के संबंध में खबर प्रकाशित हुई है। क्लब ने मिशन ब्लू फाउंडेशन के साथ एग्रीमेंट कर कोविड अस्पताल अस्थायी तौर पर खोला था। मिशन ब्लू फाउंडेशन की गतिविधियों को सांध्य दैनिक में संदिग्ध बताया गया है। फाउंडेशन या उसके संचालक पंकज सोनी ने क्लब के नाम पर कोई फंड लिया है तो यह न सिर्फ अनैतिक है, बल्कि गैरकानूनी भी है। पंकज सोनी ने खबर में प्रेस क्लब पर भी उगाही का आरोप लगाते हुए एक विधायक से पांच लाख, एक ठेकेदार से दो लाख व एक समाजसेवी से पचास हजार देने की बात कही है। पंकज सोनी का यह बयान प्रेस क्लब ही नहीं बल्कि पत्रकार विरादरी का अपमान है। प्रेस क्लब पंकज सोनी के ऐसे किसी भी दावे का खंडन करता है। कोरोना काल में प्रेस क्लब को जो फंड आए है, उसके बारे में सारी चीजें पब्लिक प्लेटफार्म पर है। विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने अपने निजी कोष से पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रेस क्लब को मृत पत्रकारों के परिवार के सहायतार्थ सौंपने को दिया था। इससे संबंधित डीडी सीएम हाउस ने प्रेस क्लब के सहसचिव जावेद अख्तर और सुनील गुप्ता को सौंपा था। इस फंड को कोरोना काल में मृत पत्रकार साथियों के आश्रितों में बराबर विभाजित कर बांटा जाना है। क्लब के साथ संबंद्ध संस्था असर के द्वारा भी डेढ़ लाख रुपये का चेक पत्रकारों के सहायतार्थ प्रदान किया गया था, वहीं शहर के समाजसेवी मुनचुन राय ने भी 50 हजार की सहायता चेक के जरिए क्लब को दी थी।अस्पताल पर खर्च के लिए 25 हजार की राशि भी न्यूज 11 के अरूप चटर्जी से मिली थी। ये सारी राशि क्लब के कार्पस फंड खाते में जमा है। क्लब ने भी किसी अन्य व्यक्ति या संस्था से कोई राशि नहीं ली। क्लब ने पंकज सोनी के बयान को काफी अमर्यादित व अपमानजनक माना है। क्लब के द्वारा इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।द रांची प्रेस क्लब आपदा के हर अवसर पर पत्रकार साथियों के साथ खड़ा है। उक्त जानकारी द रांची प्रेस क्लब के सचिव अखिलेश सिंह ने एक बयान जारी कर दी है।