टीम एबीएन, रांची। दलबदल मामले में विधानसभा न्यायाधीकरण में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। इस मामले में दिल्ली से रांची लौटते ही बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार के दबाव में विधानसभा अध्यक्ष काम कर रहे हैं। फैसला पहले से ही तय है। उन्होंने कहा कि मेरे पक्ष में नहीं भी फैसला होता है तो मैं आगे की लड़ाई के लिए तैयार हूं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सबसे पहले स्पीकर ने स्वत: संज्ञान लिया। इसमें उन्हें हार मिली। इसके बाद नए सिरे से 10 महीने बाद पूर्व विधायक राजकुमार यादव से केस करवाया गया। इसमें उन्हें लगा कि यह बाहर के लोग हैं तो गुमला और महगमा के विधायक से केस कराया गया। इससे भी बात नहीं बनी तो प्रदीप यादव और बंधु तिर्की से शिकायत दर्ज करवाई गई। उन्होंने कहा कि इससे विधानसभा अध्यक्ष की मंशा स्पष्ट हो गया है और कहीं न कहीं सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। आइएएस पूजा सिंघल के घर और उनके अन्य ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हुई। इस छापेमारी में करीब 20 करोड़ रुपये मिले। लेकिन इस छापेमारी से दर्द झारखंड मुक्ति मोर्चा के लोगों को हो रहा है। इस दर्द और छटपटा से यही लगता है कि वे डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूजा सिंघल पूर्व की सरकार में भ्रष्टाचार कर चुकी है तो सरकार जांच कराने के लिए स्वतंत्र है।